ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा कोई विकल्प नहीं है, हज़ारो ज्ञानू हैं जो ज्ञानेश की जगह लेने के लिए बैठे हैं..
जो उनसे भी ख़राब साबित होंगे,
इलाज जड़ का करो टहनियों का नहीं.!!
बिल्कुल सही बोला है भाई साहब ने
अब इनके नारे हवा में रह जायेगे
वैसे चावला जी गंगा जल की शीशी जेब में रखने से भी अब कुछ नहीं होगा क्योंकि इतने पाप अब गंगा जल से नहीं धुलने वाले।
सबकी परतें खुलेंगी….
चुनाव आयोग के काले कारनामों की पोल खुल चुकी है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा की 2 सीटों का CCTV, वीडियोग्राफी और फॉर्म-7 मांगा, तो आयोग ने जवाब देने के बजाय 17 दिसंबर 2024 को कानून मंत्रालय को चिट्ठी लिख दी।
मोदी सरकार ने 3 दिन में, 20 दिसंबर 2024 को नियम 93(2)(a) बदल दिया। पहले था "चुनाव से जुड़े सभी कागज जनता देख सकती है", अब कर दिया "जो इन नियमों में निर्दिष्ट हैं"।
बहाना बनाया - "बहुत ज्यादा डिमांड आ रही है", लेकिन RTI में खुद कबूल किया - CCTV का कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखा!
मतलब चोरी भी, सीनाजोरी भी, और कानून भी अपनी सुविधा से बदल लिया।
"सरकार को डर है कि कहीं लोगों को यह समझ न आ जाए कि उनका वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है." ज्यां द्रेज़
10 अक्टूबर को दिल्ली में ट्रैफिक जाम, बैरिकेडिंग और जनपथ से लेकर सीपी तक पुलिसिया एक्शन का माहौल रहा.
देखिए दिनभर के घटनाक्रम की पूरी तस्वीर
https://t.co/wou9WEylAA
अल्बानिया की जनता ने सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया।
जनता का गुस्सा इस बात को लेकर भड़का कि सुप्रीम कोर्ट भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों को बचाने में मदद कर रहा था। विरोध प्रदर्शन कर रही जनता ने संसद, सरकारी कार्यालयों और मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया।
दुनिया के सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए, खासकर 🇮🇳 भारत को!
हिन्दुराष्ट्र बनाएगें- मुस्लिम्स को देश से भगायेंगे-संविधान की धज्जियाँ उड़ायेगें-यह संघी-भाजपाई हिंदुस्तान 🇮🇳 बर्बाद करके भी बाज नहीं आयेगें.
कायर एक ग़रीब को सता रहे हैं -हाय लगेगी इन्हें.
मोतिहारी में दशहरे के मेले से लौट रहे, पति और पत्नी को बंधक बनाकर, इन 8 हैवानो ने मारपीट की पति के सामने ही पत्नी के साथ गैंगरेप किया!
पुलिस ने करवाई कर इन हैवानो को गिरफ्तार किया , जांच पड़ताल कर जेल भेज दिया!
इन आरोपियों के निम्न हैं....
अंबिकेश तिवारी....
रिक्की कुमार....
अंकुश कुमार....
राहुल कुमार...
कंचन कुमार...
मुन्ना कुमार...
रणधीर कुमार...
अमित कुमार....
मशहूर अभिनेता सेलिब्रिटी, जैकी श्रॉफ के सुपुत्र टायगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले का कनेक्शन लोरेंस विश्नोयी साहब से जोड़ा जा रहा हैं।
बिशनोई साहब, राष्ट्र रक्षा के अग्रिम प्रहरी है।
बहरहाल, देशभक्त होने के नाते मैं साहब पे कुछ न कहूंगा। वैसे भी मैं इस हमले का कनेक्शन, बढ़ती हुई इनक्वलिटी से जोड़ता हूँ।
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किसी स्लमनुमा शहर मे, यदि एक घर एंटीलिया बना हुआ हो, तो वह घर- उसकी दौलत, उसके रहवासी- अपने तमाम सिक्योरिटी कैमरा, गार्ड्स के बावजूद- देर सवेर निशाने पर आयेगा ही आयेगा।
आखिर 80 करोड़ मुफ्त के राशन पर जी रहे लोगो के देश मे, एक हजार बिलियनेरो की अम्मा, कब तक खैर मनाएगी।
हर घर से बिश्नोई निकलेगा।
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यह पुलिस औऱ कानून व्यवस्था का ही प्रश्न नहीं।
सामाजिक राजनितिक व्यवस्था का भी प्रश्न हैं। हाँ, आप कह सकते है, कि कांग्रेस के दौर मे गुलशन कुमार पर हमला नहीं हुआ क्या?दाऊद नहीं हुआ क्या? छोटा राजन, लंगड़ा त्यागी, गब्बर वगैरह, जिनको हमने फिल्मे देखकर जाना हैं- वो सब पहले भी तो थे।
जी हाँ। तब भी यही इनइक़वलिटी थी।
बेरोजगारी थी,
सो यूथ अपराध मे भी रोजगार तलाशता था।
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पर वो बीती बात हो गई थी।
आर्थिक सुधार के दौर मे हमने 20 करोड़ परिवारों को ग़रीबी से बाहर निकाला। जड़मूर्ख डिग्रीधारियो को मोटे मोटे पैकेज के जॉब दिए। शहर से गांव की ओर धन के प्रवाह को मोड़ा।
नतीजा, वायलेंट ऑर्गनाइज क्राइम घटा।
पर हमें वह रूचा नहीं।
हमें भारत का प्राचीन गौरव वापस चाहिए था। राम जैसा राजा चाहिए था। मिल गया, मन भर मनमानी भी कर ली। अब फ़सल काटने का वक़्त है।
मौज करो।
उत्तर प्रदेश में 'रामराज्य' का ढोल पीटने वाली सरकार में जब पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या?
आटा फ्लोर मिल में विज्ञापन मांगने गए पत्रकार नसीम अहमद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई!
कानून का खौफ खत्म हो चुका है और जंगलराज चरम पर है।
@myogiadityanath जी, जवाब दीजिए—पत्रकारों की सुरक्षा कब तय होगी या सिर्फ विज्ञापनों में ही प्रदेश सुरक्षित रहेगा?
मनु के बर्बर औलादें पहले आपका नाम पूछेंगे, अगर मुस्लिम निकल आया तो हिंदू मुस्लिम वाला जहर बोलेंगे।
अगर हिंदू निकले तो ये जातिवादी गुंडे आपकी जाति पूछेंगे ताकि आपके साथ भेदभाव कर सके।
अवधेश जी खोजी पत्रकारिता में उभरते हुए चेहरे है। तनु जी और आपको ताकत मिले✊🏿
मुझे बार-बार इन उपद्रवियों ने परेशान किया. कई बार नाम और सरनेम बताने के बाद भी मेरा पूरा नाम पूछते रहे. इनका मकसद सिर्फ मेरी जाति जानना था. इस दौरान अगर साथी पत्रकार @TanushreePande ने बीच में आकर हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो मुझ पर हमला हो जाता. यह वीडियो तनुश्री ने ही रिकॉर्ड किया.
उस दिन कनॉट प्लेस में पुलिस की मौजूदगी में लाठियां चलीं. ‘स्वघोषित राष्ट्रवादी’ प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के लिए पत्थर उठाते, उन्हें पीटते और पुलिस के हवाले करते दिखे. पत्रकार भी निशाने पर थे. पुलिस ने अपना सारा काम इन उपद्रवियों पर छोड़ दिया था. ये पुलिस के फ्रंट के तौर पर काम कर रहे थे. इनके तालमेल की हर तस्वीर हमारे कैमरे में कैद है.
यही नहीं पुलिस ने भी हमें काफी परेशान किया. पुलिस का पूरा जोर हमें वहां से खदेड़ने पर लगा रहा. जब अति हो गई और हालात हिंसक होने लगे, तब हम सामने आए.
पुलिस के बीच खड़ी एक कार में डंडे थे. मैं लगातार चिल्लाकर पुलिस से गाड़ी की जांच करने को कहता रहा, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और भीड़ के बीच से कार को घेरा बनाकर सुरक्षित निकाल दिया. बाद में पुलिस ने दावा किया कि गाड़ी की जांच में कुछ नहीं मिला. लेकिन न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट में कार से डंडे निकाले जाने के दृश्य और सबूत मौजूद हैं.
अब जब सारे सबूत सामने हैं, तो दिल्ली पुलिस बताए कि प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
जब मौके पर पुलिस मौजूद थी, तो इन लोगों को हिंसा करने और पत्रकारों को घेरने की छूट कैसे मिली?
पुलिस बल और इन उपद्रवियों के बीच दिखे तालमेल की जांच होगी या नहीं? जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होगी?
दिल्ली पुलिस को @newslaundry की यह रिपोर्ट देखनी चाहिए और इन सवालों के जवाब सार्वजनिक करने चाहिए. वर्दी की मौजूदगी में कानून हाथ में लेने वालों को खुली छूट क्यों मिली? जवाबदेही तय होनी चाहिए.
पूरी रिपोर्ट- https://t.co/wuG8tppQRL
बिहार के पश्चिम चंपारण में 25 वर्षीय दिलशाद अंसारी की पुलिस हिरासत में मृत्यु के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई? केवल पुलिसकर्मियों को ससपेंड करने भर से इंसाफ मिल जायेगा? सुनिए उसकी पत्नी का दर्द…😢
किसी को चाणक्य बता दिया, तो किसी को 007 जेम्स बॉन्ड. लेकिन इसी 007 की टीम में पूर्व DSP देवेंद्र सिंह जैसे लोग भी थे, जो गणतंत्र दिवस से पहले आतंकवादियों को अपनी जीप में बिठाकर दिल्ली की ओर ले जा रहे थे.
अजीत डोभाल के National Security Advisor (NSA) रहते हुए पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमले हुए, लेकिन सरकार आज तक व्हाइट पेपर तक नहीं ला सकी.
अजीत डोभाल की 007 की छवि में कोई दम नहीं है और उनका रिकॉर्ड सवालों के घेरे में है.
इस देश की न्यायिक व्यवस्था और देश के संविधान का मज़ाक बना कर रख दिया गया है। ऐसा लग रहा है की ये देश नाइजीरिया या सूडान बन गया है। तिरंगा फहराने के आरोप में 5 दिन से @SauravDassss और @AshutoshRanka जेल में है और कल सुनवाई में डिले किया गया और आज 2 दिन का और जेल बढ़ा दिया गया, ये मज़ाक चल रहा है देश में। जब आज स्पेशल जज फैसला सुना रहे थे तो वो मोबाइल कॉल पर थे , ये सब देश में पहली बार हो रहा है की मोबाइल कॉल पर रहते हुए मजिस्ट्रेट फैसला सुना रहा है। इन लोगो को लगता है की इस तरह की तानाशाही कर के ये कुचल देंगे, लेकिन इन्हें अहंकार में ये समझ नहीं आ रहा है की देश की जनता इनके ख़िलाफ़ गुस्सा हो रही है और फिर वो सवाल करने आएगी तो भाजपाईयो को छुपने का जगह नहीं मिलेगा । आज जो स्पेशल कोर्ट में हुआ वो बहुत शर्मनाक है, बाबा साहेब द्वारा लिखे गए देश के संविधान का अपमान है । जय भीम।
ऐसे ही वोट चोरी भी करते हैं
ये सारे हथकंडे पुराने हो गए है😂
मैने लोगों को जमीन पर गिरते हुए बहुत बार देखा है
लेकिन गटर में गिरते हुए पहली बार देख रहा हूं 😂
सत्ता जाने का डर समझ आता है, लेकिन AI से झूठी तस्वीरें बनाकर किसी को पाकिस्तानी साबित करना नहीं झूठ कुछ देर चलता है,लेकिन जब सच सामने आता है तो..
स्मार्ट सिटी का नाम सुनते ही भड़क गए भाजपा से सपा में शामिल हुए पूर्व सांसद के सुपुत्र विदुप अग्रहरि ।
सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या उनको स्पेलिंग भी आती है जो स्मार्ट सिटी बनाने चले हैं ।
पूरे विश्व में सिर्फ तीन स्मार्ट सिटी हैं ।