₹9,000 हुआ मानदेय, अब सम्मानजनक सेवा नियमावली की बारी!
पंचायत सहायकों के मानदेय में वृद्धि के लिए सरकार का आभार। 🙏
लेकिन ग्राम सचिवालय में बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए पंचायत सहायकों के लिए उचित मानदेय, स्थायी सेवा नियमावली, समय पर भुगतान और सचिव भर्ती में उचित आरक्षण/अवसर सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
पंचायत सहायकों की आवाज़ शासन तक पहुँचे—अब ठोस निर्णय की अपेक्षा है।
@myogiadityanath@UPGovt @UPPanchayatRaj @CMOfficeUP@uppanchayatiraj
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कम मानदेय में घर चलाना और ऊपर से सरकार की उदासीनता!
इको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पंचायत सहायकों का दर्द बिल्कुल जायज है।
सांसद @SanjayAzadSln जी ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पंचायत सहायकों की आवाज बुलंद की।
सोचिए उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री जी हैं,
पहले तो यह फ़िल्मी अंदाज में कह रहे हैं कि यह दिमाग से निकाल दो की 10000,15000 बढ़ेगी,
मतलब सिर्फ बधुआ मजदूर की तरह काम करो??
यूपी के पंचायत सहायकों को भी सुनिए-
हर दिन की मेहनत की कीमत सिर्फ़ ₹200!
पूरे महीने काम करो और मिलें महज़ ₹6,000—वो भी कई-कई महीने तक अटके रहें!
सरकार बताए—क्या उसके मंत्री-विधायक अपने घर के बेटे-बेटियों से ₹200 रोज़ में इतना काम करवाएँगे?
दूसरों के बच्चों की मेहनत इतनी सस्ती क्यों?
पंचायत सहायक कर्मचारी हैं या सरकार ने उन्हें सस्ती मज़दूरी का साधन समझ लिया है?
₹6,000 में घर कैसे चलेगा? परिवार कैसे पलेगा? भविष्य कैसे बनेगा?
काम पूरा चाहिए तो मेहनत का सम्मान और उचित वेतन भी पूरा देना होगा।
आठ दिनों से पंचायत सहायक जो हैं जिनकी संख्या 58 हजार है, वो पंचायत सहायक यहां पर आंदोलन पर बैठे हुए हैं। उनकी बात कोई सुनने वाला नहीं है।
सरकार को इनकी मांग सुननी चाहिए और तीस हज़ार रुपये जो न्यूनतम मानदेय की ये लोग मांग कर रहे हैं, उसको पूरा करना चाहिए।
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
पंचायत सहायकों का विशाल धरना प्रदर्शन दिनांक 13 सितंबर 7:00 बजे लखनऊ ईको गार्डन में, पीड़ित पंचायत सहायकों का सरकार से विनम्र निवेदन है कि हम आपके ही बच्चे हैं पंचायत सहायकों की मांगे जायज है कृपया सरकार पंचायत सहायकों की मांगों को सुने और उन्हें पूरा करें ।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
UP में 57 हज़ार से ज्यादा पंचायत सहायक हैं जो सिर्फ 6 हज़ार महीने की सैलरी पर नौकरी कर रहे हैं,
अपना मानदेय बढ़ाने की मांग के साथ वो पिछले आठ दिन से लखनऊ में धरना दे रहे हैं,
महिलाएं तो अपने छोटे बच्चों और पति को साथ लेकर डटी हुई हैं,
"पंचायत सहायकों" के धरने में AAP सांसद @SanjayAzadSln जी की हुंकार! 🔥
"गांव का टॉपर पंचायत सहायक मजबूरी में मात्र ₹6,000 की नौकरी कर रहा है। इनकी मांगें 100% जायज हैं और UP सरकार को इन्हें मानना ही होगा!
शांतिपूर्ण और संगठित होकर अपना आंदोलन जारी रखें। पंचायत सहायकों का मुद्दा अब संसद में पूरी मजबूती से उठाऊंगा।"
उत्तर प्रदेश में लगातार धरनारद पंचायत सहायकों की मांग जायज है,
आप ऐसे बधुआ मजदूर की तरह उन्हें नहीं रख सकते हैं,
पंचायत सहायकों के सम्मान में उनकी सैलरी में तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए,
सरकार को जल्द यह सुनिश्चित करना चाहिए।
"उत्तर प्रदेश के लगभग 58 हजार पंचायत सहायक अपना मानदेय बढ़ाकर उसे सम्मानजनक करने तथा संविदा व्यवस्था के बजाय स्थायीकरण आदि अपनी मांगों के समर्थन में, वे पिछले कुछ दिनों से राजधानी लखनऊ में इको गार्डन के पास आंदोलनरत हैं। सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार अवश्य करे तो ये बेहतर होगा।" बहन @Mayawati जी बीएसपी सुप्रीमो