सहारनपुर मस्जिद के लिए मिडिया से भीड़ गए विनोद, कहा जेल जाने से हमको डर नहीं लेकिन जुल्म के खिलाफ़ चुप नहीं रहेंगे
किसी एक समाज को खुश करने के लिए मस्जिद नहीं तोड़ी जानी चाहिए थी
दाढ़ी-टोपी के साथ ट्रेनों में चलना मुश्किल हो रहा है, लोग ख़ौफ महसूस कर रहे है: मौलाना अबू तालिब ने कहा.
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फ़्रांस की राजधानी पेरिस का मशहूर एफ़िल टावर 7 सितंबर को बंद कर दिया गया था. इसकी वजह थी- कर्मचारियों की हड़ताल. ये हड़ताल एक हिंदू धार्मिक समूह के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को हटाने के कारण की गई. जानिए पूरा मामला.
रिपोर्ट: डैन सेल्स और मिमी स्वैबी
एडिट: जमशैद अली ख़ान
सहारनपुर मस्जिद का विध्वंस क़ानून और इंसाफ की हत्या: जमीयत उलेमा-ए-हिंद
केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा, क़ानूनी विशेषज्ञों और स्थानीय ज़िम्मेदारों से मुलाक़ात; हाईकोर्ट जाने की तैयारी
सहारनपुर, 8 सितंबर 2026: सहारनपुर की ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट मस्जिद के विध्वंस के बाद पैदा हुई स्थिति का जायज़ा लेने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद का उच्चस्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन क़ासमी के नेतृत्व में सहारनपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की क़ानूनी और सामाजिक स्थिति का विस्तृत जायज़ा लिया तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सांसद हाजी फज़लुर्रहमान, मौजूदा सांसद इमरान मसूद, दिवंगत याक़ूब ख़ान के पोते फिरोज़ ख़ान, शाह हारून ख़ान, एडवोकेट नौशाद, एडवोकेट तनवीर सहित स्थानीय ज़िम्मेदारों और कानूनी विशेषज्ञों से मुलाकात की।
जमीयत के अनुसार, बैठक के दौरान यह दावा सामने आया कि जिस दस्तावेज़ के आधार पर फैसला सुनाया गया, वह न्यायिक रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं था और उसे आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड का हिस्सा भी नहीं बनाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व रिकॉर्ड, मस्जिद से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेज़ों, भूमि स्वामित्व के दावों और अदालती कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं की भी समीक्षा की।
मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन क़ासमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले से जुड़े सभी क़ानूनी दस्तावेज़ और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। इन्हें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के सामने पेश किया जाएगा और उनकी सलाह व मार्गदर्शन के बाद अगला क़ानूनी क़दम उठाया जाएगा।
उन्होंने मस्जिद के विध्वंस की कार्रवाई और कथित जल्दबाजी पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रभावित पक्ष को अपने बचाव और संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल का अवसर दिए बिना कार्रवाई किया जाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जमीयत इंसाफ के लिए हर उपलब्ध क़ानूनी रास्ते पर जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को क़ानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी।
मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी ने सहारनपुर के लोगों के शांति, आपसी सद्भाव और ऐतिहासिक भाईचारे को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय दुखी हैं और यही साझा एकता देश की वास्तविक ताकत है।
प्रतिनिधिमंडल में मौलाना मोहम्मद क़ासिम नूरी, मौलाना अली हसन मज़ाहिरी, मौलाना अज़ीमुल्लाह सिद्दीक़ी, मौलाना मोहम्मद यूसुफ क़ासमी और हाफिज़ अबूबकर इब्न मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सहारनपुर जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ज़िम्मेदार भी इस दौरान मौजूद रहे।
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📍 दिल्ली | सत्य निकेतन
5 मंजिला PG बिल्डिंग हादसे के बाद एक्टिविस्ट Syed Ali Malik ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “मस्जिद गिराने के लिए बुलडोजर दो मिनट में चल जाता है, लेकिन यहां 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू पूरा नहीं हुआ।”
“बुलडोजर नफरत के लिए चल रहा है, राहत के लिए नहीं?”
Turkey burned $50 billion to save the Lira. Lost 96% anyway.
Rupee: ₹3 to ₹95 per dollar.
The dollar itself lost 84% of purchasing power in 50 years.
But Bitcoin is the shitcoin?
Define shitcoin.
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कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा खान की जमानत याचिका खारिज करने पर कहा, यह कोर्ट का मामला है लेकिन सिर्फ तौकीर रजा पर कार्रवाई हो रही है. और लोग किस तरह से बोलने का काम कर रहे हैं, कितनी नफरत बोने का काम कर रहे हैं लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं होती।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की 120 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद को ज़मींदोज़ किए जाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर से भी विरोध और इंसाफ के सुर उठने लगे हैं। पूर्व भाजपा विधायक शशिबाला पुंडीर ने इस गैर-संवैधानिक बुलडोज़र कार्रवाई पर गहरा दुख जताते हुए अपनी ही सरकार और सूबे👇
पहले मस्जिद की जमीन पर कलेक्ट्रेट ऑफिस बनाया गया अब उस मस्जिद को ही अवैध बनाकर तोड़ दिया गया!
यूपी में चारों तरफ़ बड़े बड़े घोटालों की पोल खुल रही हैं इसलिए माहौल तो बनाना पड़ेगा वरना 2027 में चुनाव हार जाएंगे!