ज़िक्र होता है जब क़यामत का
तेरे जलवों की बात होती है
तू जो चाहे तो दिन निकलता है
तू जो चाहे तो रात होती है..!!🎶
#दान_सिंह (संगीत निर्देशक)
#जन्मजयंती 💐 #लेखनी ✍️
🎬 माय लव (1970)
🖋️ आनंद बख़्शी 🎤 मुकेश
🎞️ शशि कपूर । शर्मिला टैगोर
@speakingmico
#सुख में तेरे साथ चलेंगे, दुःख में सब मुख मोड़ेंगे,
दुनिया वाले तेरे बनकर, तेरा ही दिल तोड़ेंगे,
देते हैं भगवान को धोखा, इंसा को क्या छोड़ेंगे,
कसमें-वादे प्यार वफ़ा..!!🎶
#सुख#लेखनी ✍️
🎬 उपकार (1967)
🖋️ इंदीवर 🎵 कल्याण जी आनंद जी
🎤 मन्ना डे 🎞️ प्राण । मनोज कुमार
#विद्युत#लेखनी
दिल ने फिर याद किया #बर्क़ सी लहराई है फिर कोई चोट मुहब्बत की उभर आई है दिल ने फिर याद किया ...
फ़िल्म-दिल ने फिर याद किया
गीत-जी.एल. रावल
संगीत-सोनिकओमी
स्वर-रफी, मुकेश, सुमन कल्यानपुर
#बर्क-आकाशीय बिजली
“तेरे बिना ज़िंदगी से कोई शिकवा तो नहीं…”🎶
एक ऐसा अमर गीत, जिसमें बिछड़ने का दर्द भी है और रिश्ते की गहराई भी।
🎬 आंधी (1975)
🎤 किशोर कुमार, लता मंगेशकर
🎼 आर. डी. बर्मन
✍️ गुलज़ार
Good night melody 💤💤❤️❣️