बंगाली मुसलमान की तरफ से एक नई तहरीक शुरू हो गई है, ये ऐसी तहरीक है कि सारे मुसलमानों को इस पर अमल करना चाहिए, जिस जानवर के नाम पर लिन्चिंग होती है इसी जानवर को ज्यादा दाम पाने ��े लिए बकर ईद के अवसर पर बेच दिया जाता है,
बंगाली मुसलमानों का कहना है कि हम लोग इस बार गाय की कुर्बानी नहीं करेंगे, ये “तुम्हारा माता है इसको घर में रखो इसकी पूजा अर्चना करो” इसको मार्केट में मत बेचो जो भी खरीदेगा कुर्बानी के लिए ही खरीदेगा इसलिए आप लोग वापस चले जाइए!
@aajtak@anjanaomkashyap अस्ल में जो गन्दी जगह काम करता है वह अपने सूंघने की छमता खो देता है वही हाल भारत की मीडिया की है लोगों के समझाने पर भी समझ नहीं आता
गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा दिया जाना चाहिए। देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को केवल पवित्र ही नहीं मानती, बल्कि उसे मां का दर्जा भी देती है। ऐसे में यह समझ से परे है कि आखिर कौन-सी राजनीतिक मजबूरी है, जिसके कारण सरकार गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा देने से बच रही है? गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा), बेगुनाह इंसानों की हत्या, नफ़रत की राजनीति और मुसलमानों को बदनाम करने का यह खेल अब बंद होना चाहिए। हमें खुशी होगी यदि गाय को राष्ट्रीय पशु’’ घोषित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि न किसी इंसान की जान जाए और न धर्म के नाम पर राजनीति हो।
हैरानी की बात यह है कि कुछ राज्यों में ��ुलेआम गोमांस बेचा जाता है, लेकिन वहां इसके खिलाफ न कोई विरोध होता है और न ही किसी प्रकार की मॉब लिंचिंग देखने को मिलती है। जबकि जहां मुसलमानों की आबादी है, वहां गाय के नाम पर खून बहाया जाता है। यह श्रद्धा नहीं, बल्कि दोहरा मापदंड और राजनीतिक खेल है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर यह प्रचार किया जा रहा है कि जब देश एक है, तो कानून भी एक होना चाहिए। लेकिन देश में पशु वध से संब��धित कानून सभी राज्यों में समान रूप से लागू नहीं हैं। देश में कई ऐसे राज्य हैं, जहां खुलेआम गोमांस खाया जाता है और वहां इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यहां तक कि एक केंद्रीय मंत्री अपने एक इंटरव्यू में यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे बीफ खाते हैं। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहां भी यह सब हो रहा है। और इससे भी अधिक हैरानी की बात यह है कि जो लोग देशभर मे��� गाय के नाम पर भीड़ हिंसा कर इंसानों की जान ले लेते हैं, वे भी इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश हैं।
हम तो यह चाहते हैं कि गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा देकर इस विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाए। इसके लिए जो भी कानून बनाया जाए, उसे देश के सभी राज्यों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाए। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि न्याय की मांग भी यही है।
#CowAsNationalAnimal | #JusticeForAll | #MobLynching | #ArshadMadani
@CosmicVibratio3@JagranNews तुम लोग खाली ख्याली ���िचड़ी पकाओ न तुम बहादुर हो न तुम्हारे पुरवज बहादुर थे
दुनिया के हर देश में मुसलमान है और आज भी 57 देश मौजूद है
@CosmicVibratio3@JagranNews मुहम्मद बिन काशिम अरब दे सऊदी अरब के तायफ के थे आज भी उनकी खानदान मौजूद है
और मुगल आज भी अफगानिस्तान में मौजूद है और उनकी निशानी पूरे भारत मे मौजूद है आज भी उनकी औलादें सूपर पावर को हराया है रसिया और अमरीका को
@ABPNews@romanaisarkhan यही बात कांग्रेस बातों से समझा रही सब हमारे वाले को बेवकूफ़ बना रहे हैं कोई टाफी दे रहा है और कोई लेमनचूस और यह ले कर वह देश वापस आ जाते हैं और जनता को चुसाते है