हमें ऐसी व्यवस्था विकसित करनी करनी चाहिए कि यदि बच्चा स्कूल नहीं जा पा रहा है तो हम स्कूल को बच्चे के पास ले आएं। शिक्षा को लेकर यह जागरूकता और मोटिव होना चाहिए हम सभी का।
यह महज कोशिश नहीं नैतिक दायित्व होना चाहिए..
#Justiceforschoolschildren
आजादी से अब तक तमाम सरकारों, जनसेवकों, माननीयों की कोशिशों और बड़ी मुश्किल से गांव- गांव तक विद्यालय पहुंचें हैं। अब क���छ संसाधन बचाने, कुछ धन बचाने के चक्कर में इन्हें बंद मत कीजिए। एक बार बंद हुए विद्यालय फिर दुबारा खोलने में बहुत मशक्कत होगी। बच्चे आज कम है उस गांव में, कल को हो सकता है बढ़ जाए।
इतना भीषण कदम मत उठाइए।
विद्यालय बंद करना कहीं से कोई समाधान नहीं है, समस्या का। ग्रामीणों, छात्रों और शिक्षकों के लिए यह विद्यालय एक स्थान नहीं बल्कि हजारों बाल स्मृतियों का कल्प- वृक्ष है। इसे न काटिए।
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#Justiceforschoolschildren
सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी ।
प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरकार को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए ।
हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये ।
सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अन��रोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।
जो स्कूल बंद किए जा रहे उनको इलेक्शन टाइम में वोट डालने के लिए खोला जाएगा क्या...?
तब संख्या ज्यादा हो जाएगी क्या...?
याद रखना स्कूल बंद किया है एक वोट नहीं जाना चाहिए तानाशाह सरकार को.... वही स्कूल का ताला खोल कर इलेक्शन बूथ बना दिया जायेगा देख लेना दोगलापन #SaveVillageSchools
स्कूल मर्��र को जो सपोर्ट कर रहे उनसे सवाल।क्यों न हम,आप,विभाग के अधिकारीगण,नेतागण अपने-2 बच्चों का नामांकन सरकारी विद्यालयों में कराएं।तब तो समस्याएं पता लगेगी,तब ही तो बदलाव आएगा।खाली शिक्षक के पीछे मत पड़िए आप भी अपने बच्चों का नामांकन यही कराए #Justiceforschoolschildren