@alokrajRSSB#sir yeh bhi bta dijiye ki agr exam me ek bhi question delete hua to uska jawabdeh kon hoga or uske khilaf kya karywahi ki jayegi apke dawara @alokrajRSSB
वीडियो देखकर आपकी आंखे फटी की फटी रह जायेगी।
गौमाता के साथ अन्याय हो रहा है, न्याय की मांग है।
वीडियो 2013 का नहीं है नया भारत का है 2026 का देख सकते हैं।
आरक्षण सिर्फ 10 साल का था!
भीमराव आंबेडकर ने कहा था – 10 साल में समाज को आगे लाओ, फिर खत्म!
पर वो 1956 में ही चल बसे...
अगर बाबासाहेब आज जिंदा होते तो 1960 तक आरक्षण खत्म हो चुका होता!
पर वोट की राजनीति ने 75+ साल तक खींच दिया...
#Reservation#Ambedkar#EndReservation
दिल्ली में लगातार लापता हो रहे लोगों को लेकर अगर Delhi Police यह कहती है कि आंकड़ों में कोई spike नहीं हुआ है, तो क्या हमें डरना और सवाल करना बंद कर देना चाहिए? Official records के मुताबिक 1 से 15 January 2026 के बीच Delhi से 807 लोग missing हुए हैं। इनमें 509 women and girls और 191 minor children शामिल हैं। अब तक करीब 235 लोगों को trace किया जा चुका है, लेकिन 572 लोग अभी भी untraced हैं। यानी हर दिन औसतन 54 लोग लापता हो रहे हैं, और बड़ी संख्या का अब तक कोई पता नहीं।
अगर बड़ी तस्वीर देखें तो चिंता और गहरी हो जाती है। पिछले 10 सालों में, 2016 से 2026 तक, Delhi में 2.32 लाख से ज्यादा लोग लापता रिपोर्ट हुए हैं। इनमें से करीब 77 प्रतिशत को trace किया गया, लेकिन इसके बावजूद लगभग 52,000 लोग आज भी untraced हैं। ये वो लोग हैं जिनकी सालों से कोई खबर नहीं, जिनके परिवार आज भी इंतज़ार में हैं। इनमें महिलाओं, लड़कियों और बच्चों की संख्या सबसे ज़्यादा है, जो trafficking और दूसरे गंभीर खतरों की आशंका को और मजबूत करती है।
हर साल औसतन 24,000 से ज्यादा नए cases दर्ज होते हैं, यानी हर महीने करीब 2,000 और हर दिन 65 से 70 लोग लापता। जब हर साल नए cases जुड़ते जा रहे हों और पुराने हजारों cases अब भी untraced हों, तो यह किसी एक महीने या एक spike की नहीं, बल्कि सालों से चली आ रही systemic failure की तस्वीर दिखाता है।
Police का कहना है कि ये numbers पिछले वर्षों के comparison में unusual नहीं हैं और January 2026 में कुल cases भी पिछले साल से कम हैं, लेकिन असली सवाल यही है कि अगर यह सब normal है, तो इतने लोग अब तक क्यों नहीं मिले? Social media पर misleading claims और paid promotion की बहस अपनी जगह है, लेकिन इससे यह सच्चाई नहीं बदलती कि देश की capital में इतने बड़े scale पर लोगों का missing होना अपने आप में डराने वाली reality है। ये कोई normal news नहीं, बल्कि एक serious warning है।
807 का आंकड़ा छोटा नहीं है, चाहे spike हो या न हो। और जब इसे 52,000 untraced cases और हर साल जुड़ते हज़ारों नए मामलों के साथ जोड़कर देखा जाए, तो यह साफ हो जाता है कि यह समस्या खत्म नहीं हो रही, बल्कि cumulative burden बनती जा रही है। ऐसे में इसे सिर्फ numbers कहकर टाल देना या normal बताना, उन परिवारों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करना है जो सालों से अपने अपनों का इंतज़ार कर रहे हैं।
सवाल उठाना इसलिए ज़रूरी है। बेहतर prevention, faster tracing, transparency और खासकर women और children की safety पर ठोस काम की जरूरत है। क्योंकि लापता लोग सिर्फ आंकड़े नहीं होते, वे जिंदगियां होते हैं…और उन्हें normal कहकर भुलाया नहीं जा सकता।
मेरी समझ एक बात नहीं आ रही है !
चलो मान लेते है किसी अभ्यर्थी के द्वारा गलत 25/09/25 दिनांक लिखा जाना संभव है
लेकिन यहां 3 से अधिक अभ्यर्थी के द्वारा 25/09/25 लिखना एक मात्र संयोग है
@alokrajRSSB#sir mene bahut mail kr di abhi tk problem solve nhi hue h otr complete h fir bhi incomplete bta rha h aese to hum form apply e nhi kr payenge please hamari problem solve kre @alokrajRSSB
@alokrajRSSB Sir otr me problem etni jyada aari h ki hum form e apply nhi kr pare otr bhi complete kr diya h fir bhi apply nhi kr paare mail bhi kai baar kr chuke but problem solve nhi hori
@alokrajRSSB#Sir hum mail kr kr ke thak chuke h form ki last date aagye h but problem abhi tak solve nhi hori so please mail krne ke alawa eska koi or solution de kyuki eske chakkar me to hum form e apply nhi kr payege to ppr kya denge
आंकड़े ना तो UGC के नए नियम के साथ हैं और ना ही सामान्य वर्ग को पहले से दोषी मान लेने के पक्ष में.. तो फिर ऐसा नियम कैसे आया?
आम लोगों में चर्चा तेज है कि BJP के अंदर कांग्रेस वाली आत्मा घुस गई है क्या जी?
वरना इतना बवाल, इतना हंगामा, इतनी नाराज़गी पर ऐसी चुप्पी?
#UGC_RollBack