Nirvasa Telecom in Moti Nagar Allegedly scammed a fresher worked 1+ month for ₹13k salary but paid just ₹3.8k.
Management’s reaction when asked? Watch this 👇
सरकार इन्हें हर महीने ईमानदारी से ₹85,000 की सैलरी देती है। लेकिन जब ACB (Anti-Corruption Bureau) ने इनके घर का दरवाजा खटखटाया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। ₹85,000 कमाने वाले इस साहब के घर से ₹100 करोड़ से ज्यादा का साम्राज्य निकला
नाम है मोहन नाइक। पद सुनेंगे तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा— 'Engineer in Chief, Roads & Building Department'। यानी हमारे राज्य की सड़कों और सरकारी इमारतों के 'भाग्यविधाता'।
20 एकड़ जमीन (मानो पूरा गांव ही खरीद लिया हो)
5 किलोग्राम खरा सोना (सोने के बिस्कुट और जेवरात)
7 आलीशान लग्जरी फ्लैट्स
1 ट्रिपलेक्स विला (जिसकी सिर्फ रजिस्ट्री कराने में ही ₹2.5 करोड़ फूंक दिए)
कुकटपल्ली में एक और आलीशान मकान (कीमत ₹62 लाख)
और हां, रसूख और अय्याशी के शौक के लिए 60 विदेशी शराब की बोतलें मुफ्त!
फिलहाल, साहब को 14 दिन की ��्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। लेकिन असली तमाशा तो अब शुरू हुआ है...
मानसून आते ही सड़कें क्यों बह जाती हैं? आज जवाब मिल गया!
हम और आप हर साल मानसून में रोते हैं। सरकार को कोसते हैं कि साहब, अभी चार महीने पहले ही तो सड़क बनी थी, पहली ही बारिश में इसके परखच्चे क्यों उड़ गए? कोई पुल चालू होने से पहले ही क्यों ढह जाता है?
आज जवाब आपके सामने है! जब किसी सड़क या पुल के बजट का आधा पैसा इन बड़े अधिकारिय��ं के विला की ईंटों में, इनके फ्लैटों के मार्बल में और इनकी तिजोरियों के सोने में तब्दील हो जाएगा... तो सड़क पर कोलतार (डामर) की जगह सिर्फ धूल और मिट्टी ही तो बचेगी!
सड़कें और इमारतें भ्रष्टाचार के इसी दीमक के कारण ढहती हैं। हम गड्ढों में गाड़ियां उछालते हैं, अपनी रीढ़ की हड्डी तुड़वाते हैं, एक्सीडेंट में अपनों को खोते हैं... और ये साहब लोग हमारे ही खून-पसीने की कमाई से खरीदे गए ट्रिपलेक्स विला के सोफे पर बैठकर विदेशी शराब की चुस्कियां लेते हैं।
सुबह अलार्म बजने से पहले उठने वाले नौकरीपेशा भाई, धूप में दुकान का शटर उठाने वाले व्यापारी, और नमक-रोटी खाकर भी ईमानदारी से टैक्स भरने वाले आम नागरिक... जरा एक पल रुक कर सोचना।
तुम मार्च का महीना आते ही एक-एक रुपए का टैक्स बच��ने के लिए सीए के चक्कर काटते हो। मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा चुपचाप सरकार की झोली में डाल देते हो ताकि देश तरक्की करे, अच्छी सड़कें मिलें, सुरक्षित इमारतें मिलें।
लेकिन सच तो ये है कि तुम्हारा टैक्स देश के विकास में नहीं, बल्कि इन मगरमच्छों के पेट के विकास में जा रहा है!
यह सिर्फ एक 'मोहन नाइक' की कहानी नहीं है। सिस्ट��� के गलियारों में न जाने कितने ऐसे 'नाइक' छिपे बैठे हैं जो जनता के पैसों को दीमक की तरह चाट रहे हैं। जब तक ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की पूरी संपत्ति जब्त कर के उसे सरेआम नीलाम नहीं किया जाएगा, और इन्हें ऐसी सजा नहीं मिलेगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बने, तब तक यह देश ऐसे ही गड्ढों में रेंगता रहेगा।
🥺🥺
are recommended for effective enzymatic cleaning. There is no guideline-based recommendation mandating the use of a 4th enzyme. This practice is not aligned with CDC and AORN guidelines and may lead to unnecessary compliance pressure on healthcare facilities.
Thanking you.
@NABH_QCI I would like to draw your attention to the current recommendation of using 4 enzymes for instrument pre-cleaning. As per internationally recognized guidelines such as the USA CDC and USA AORN, only 3 enzymes—Protease, Amylase, and Lipase.
आप एक आम दुकानदार हैं... उधार देना, नहीं देना, आपका हक़ है... पर ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं है।
एक दुकानदार ने उधार देने से मना कर दिया… और उसकी सज़ा क्या मिली?
उसकी दुका�� तोड़ दी गई।
टीएमसी नेता अपने गुंडों के साथ आए, तोड़फोड़ की, दहशत फैलाई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। कुछ घंटों के लिए लगा, शायद कहीं कहीं कानून अब भी जिंदा है।
लेकिन फिर एक फोन कॉल आया… और सब बदल गया।
सिलीगुड़ी महकुमा परिषद के अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया, पुलिस ने आदेश माना, टीएमसी नेता अपराधियों के 'कस्टमर केय��' बनकर थाने पहुंच गए — और आरोपी मुस्कुराते हुए बाहर आ गए।
यह है आज का पश्चिम बंगाल। जहां हथकड़ी लगती है, लेकिन इंसाफ फोन कॉल से खुल जाता है।
एक छोटे दुकानदार की इज़्ज़त, उसका मेहनत का आशियाना, उसकी रोज़ी-रोटी… सब सत्ता के अहंकार के आगे कुचल दिए जाते हैं।
क्या यही कानून-व्यवस्था है? क्या यही लोकतंत्र है?
यह सिर्फ एक दुकान पर हमला नहीं था, यह आम नागरिक के आत्मसम्मान पर हमला था। टीएमसी के ‘महाजंगल राज’ में सरकार और गुंड़ों की ताकत ही कानून है, और न्याय सिर्फ एक मज़ाक।
This is the mindless drivel one has to endure when a man-child dynast, who has zero experience of working a real job that requires the application of mind or skill, nonetheless possesses the unshakable confidence to pontificate on how India should “deal” and “negotiate” with the United States.
They will eat him before breakfast.
Rahul Gandhi is an utter and complete embarrassment and the Congress Party with a leader like this is destined to remain irrelevant for the foreseeable future.
The people of the country feel that Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Vadra lack the seriousness and maturity that the LoP and MP respectively should have.
#CongressExposed#RahulGandhiExposed#Parliament
जब 26/11 का हमला हुआ, तब सेना के हाथ बाँधने वाले लोग आज फिर हमारी सेना को बदनाम कर रहे हैं।
पूरा देश यह जानना चाहता है, ���हिंदी-चीनी भाई-भाई” का नारा देने वाली कांग्रेस और UN की स्थायी सीट जो भारत को मिल सकती थी वो सीट चीन को सौंप देने वाली कांग्रेस आज फर्जी देशभक्त बनने का नाटक क्यों कर रही है?
कहीं यह सब उस गुप्त MoU में लिखी शर्तों का नतीजा तो नहीं?
#MoU #CongressExposed
जो लोग नरेंद्र मोदी को जानते हैं वो बता सकते हैं कि डरना, झुकना, गिरना, मोदी का स्वभाव नहीं है. अगर Trump के आगे झुकना होता तो trade deal कई महीने पहले हो जाती. अगर मोदी Trump से समझौता कर लेते तो कभी 50% tariff नहीं लगता. Trump ने भी ये माना है कि मोदी tough negotiator हैं और ये कोई secret नहीं है कि पिछले 10 साल में भारत ने सिर्फ अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया के सामने सिर उठाकर जीना सीखा है. जो लोग America में, Europe में रहते हैं वो बताते हैं कि उनका रुतबा किस कदर बढ़ा है. इसीलिए राहुल की इन बातों का कोई मतलब नहीं है कि मोदी ने भारत बेच दिया, America ने मोदी का गला पकड़ लिया. आरोप लगाने और गाली देने में यही फर्क होता है. गालियों के लिए किसी सबूत की ज़रूरत नहीं होती. #RahulGandhi #Modi #AajKiBaat #MyTake
@narendramodi@PMOIndia Please look into the basic things of people such brokerage problem. Brokers are clearly beneficiary and they all are NCP leaders in Pimpri-Chinchwad area. They are taking our hard-earned money from us. Do something.
@barandbench@pmoIndia Sir, could somebody help for brokerage? It is really taking us hard earn money? Brokers are making a huge money in Pune. Pune should come together against brokers. In India, broker union should be removed.
मुंबई महानगर पालिका चुनावों में उबाठा का स्ट्राइक रेट 39 % है जबकि शिवसेना का स्ट्राइक रेट 32 % है।
फिर भी सरेआम उधो उधो चल रहा है। क्यों ?
दोनों चचेरे भाई साथ में आए, बालासाहब का फ़ोटो बेशर्मी और बेरहमी से यूज़ किया, दबाके मराठी कार्ड खेला।
फिर भी 167 सीटों पर लड़कर सिर्फ़ 69 सीट !
इसे शर्मनाक पराजय कहते हैं।
#BMCResults
@PuneCityTraffic Sir I have received an application of e-challan on WhatsApp with mobile no. 8177007289. It is showing the image of Traffic e-challan on WhatsApp DP. Please see immediately as it is sending an application which will do the fraud. Thanks
माननीय @comindore@IndoreCollector@collectordhar बहुप्रतीक्षित @ManmadIndorRail के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया दोनों जिलों में अबतक शुरू नहीं हुई,स्वीकृति के 13 महीने के बाद भी प्रशासन इस परियोजना के लिए गंभीर नहीं है, हमारे जनप्रतिनिधियों के प्रयासों को साकार करे,आभारी रहेंगे