अखिलेश को मोटा भाई ने *रगड़* दिया 🔥
परिवारवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 लोगों को ही चुना जाता,, मेरे वहां करोड़ों कार्यकर्ता चुनते हैं!
जाओ आप 25 साल तक राष्टीय अध्यक्ष हो 😂😂
FAKE NEWS ALERT 🚨‼️
The Indian Express story discusses $21 million in funding to Bangladesh in 2022. However, the article misrepresents the reference to a $21 million funding tranche intended to ‘promote’ voter turnout in India.
What Indian Express conveniently sidesteps is the 2012 Memorandum of Understanding signed between the Election Commission of India—under the leadership of S.Y. Quraishi—and the International Foundation for Electoral Systems (IFES), an organization linked to George Soros’s Open Society Foundation, which is primarily funded by USAID. Their report also remains silent on subsequent funding, beginning in 2014, under various categories aimed at interfering in India’s election process. Details of this funding were once available through annual filings on the now-defunct website of the Consortium for Elections and Political Process Strengthening (CEPPS). CEPPS is a subset of IFES, which collaborates with USAID, the U.S. State Department, George Soros’s Open Society Foundation, and others.
You may be surprised to learn that IFES published a white paper on the role of Dalits in Indian elections. The keywords used bear a striking resemblance to Rahul Gandhi’s recent rhetoric on representation, participation, and influence.
It is becoming increasingly clear that the Congress-led UPA systematically enabled the infiltration of India’s institutions by forces working against the nation’s interests—those who seek to weaken India at every opportunity.
It is also evident that a section of India’s so-called “civil society” is rattled, fearing that more details will emerge, exposing many of the usual suspects who benefited from foreign funding. Their fear is real. The radical Left will strike back with the desperation of a snake writhing in the sand. Expect more attempts to discredit and deflect from these revelations—just like this one.
फेक न्यूज़ अलर्ट 🚨‼️
The Indian Express की रिपोर्ट 2022 में बांग्लादेश को दिए गए $21 मिलियन फंडिंग पर चर्चा करती है। हालांकि, इस लेख में $21 मिलियन की उस फंडिंग का गलत संदर्भ दिया गया है, जो भारत में मतदाता टर्नआउट को ‘बढ़ावा’ देने के लिए थी।
लेकिन Indian Express ने बड़ी चतुराई से 2012 में भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) और इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्टोरल सिस्टम्स (IFES) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को नजरअंदाज कर दिया है। यह संगठन जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से जुड़ा हुआ है और इसका मुख्य वित्तपोषण USAID द्वारा किया जाता है। उनकी रिपोर्ट 2014 से शुरू होने वाली उन फंडिंग्स पर भी चुप्पी साधे हुए है, जो विभिन्न माध्यमों से भारत की चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए दी गई थीं। इस फंडिंग से जुड़ी जानकारी पहले कंसोर्टियम फॉर इलेक्शंस एंड पॉलिटिकल प्रोसेस स्ट्रेंथेनिंग (CEPPS) की वेबसाइट पर उपलब्ध थी, लेकिन अब यह वेबसाइट बंद हो चुकी है। CEPPS, IFES का एक हिस्सा है, जो USAID, अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department), जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन और अन्य संगठनों के साथ मिलकर काम करता है।
आप यह जानकर हैरान होंगे कि IFES ने भारतीय चुनावों में दलितों की भूमिका पर एक श्वेत पत्र (White Paper) प्रकाशित किया था। इस रिपोर्ट में जिन शब्दों का उपयोग किया गया था, वे राहुल गांधी की हालिया बयानबाजी—प्रतिनिधित्व, भागीदारी, प्रभाव आदि—से काफी मिलते-जुलते हैं।
यह अब स्पष्ट होता जा रहा है कि कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से भारत की संस्थाओं में उन ताकतों को प्रवेश करने की अनुमति दी, जो राष्ट्र-विरोधी हितों के लिए काम करती हैं—ऐसी ताकतें जो हर संभव अवसर पर भारत को कमजोर करना चाहती हैं।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि भारत के स्वयंभू “सिविल सोसाइटी” का एक वर्ग घबरा गया है, क्योंकि उन्हें डर है कि और भी ज्यादा जानकारी सामने आएगी और वे चेहरे बेनकाब होंगे, जो विदेशी धन के लाभार्थी रहे हैं। उनका डर सही है। वामपंथी ब्रिगेड पूरी ताकत से पलटवार करेगी, ठीक वैसे ही जैसे रेत में फंसा एक साँप बौखलाकर हमला करता है। आने वाले दिनों में इन खुलासों को बदनाम करने और ध्यान भटकाने की और भी कोशिशें होंगी—जैसे कि यह एक।
गुजरात का भाजपा से रिश्ता ना सिर्फ अटूट है, बल्कि उसमें लगातार और मजबूती आ रही है!
राज्य में हुए निकाय चुनाव में भाजपा को अपना भरपूर समर्थन और आशीर्वाद देने के लिए मैं गुजरात की जनता-जनार्दन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह विकास की राजनीति की एक और बड़ी जीत है। इससे हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं को और अधिक ऊर्जा के साथ लोगों की सेवा करने का अवसर मिलेगा।
मैं भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं, जिनके अथक परिश्रम और प्रयासों से यह शानदार विजय मिली है। @BJP4Gujarat
योगी जी ने “अवैध बांग्लादेशियों” के खिलाफ “ताबड़तोड़ कार्यवाही” का इशारा किया!🔥
यूपी पुलिस को बांग्लादेशी एजेंटों के नाम भी मिले हैं, जिन्होंने उन्हें 'घुसपैठ' किया था।
कुम्भ से ज्यादा “मौलानाओं” की चिंता है?
हिन्दुओ बयान को समझो! सपा सरकार होती, तो कुम्भ में सारा बिजनेस “मौलाना-मौलवी” करते?🧑
कितनी नफरत भरी है... महाकुम्भ के लिये-😡
रेल मंत्री को संवेदनशील होकर इस्तीफा दे देना चाहिए... रेलवे उनसे नहीं संभल रहा है।
सुरेश प्रभु और पीयूष गोयल जी के समय जो रेलवे विश्वस्तरीय बन रहा था वो अचानक से निम्नस्तरीय हो गया है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी कृपया संज्ञान लें, विकसित भारत के संकल्प में विकसित रेलवे अतिआवश्यक है।
यह 'आपिये' कितने धूर्त और नीच और शातिर गैंग गजब के शातिर हैं?
गोपाल राय 11 साल से लग्जरी कारों में घूम रहा था, और जब सत्ता चली गयी, तब कहीं से सेकंड हैंड नैनो कार खरीद कर पब्लिक की सहानुभूति लेने की कोशिश कर रहा है
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री की सैलरी भत्ते के साथ मिलकर 18 लाख रुपए महीना होती है
और जो शख्स से 11 साल से हर महीने 18 लाख रुपए सैलरी पाया है और न जाने कितने सौ करोड़ यह कमीशन और भ्रष्टाचार से इकट्ठा किया होगा
अब आप सोच लीजिए उसके पास कितना पैसा होगा
केजरीवाल भी नैनो या वैगन आर ढूंढ रहा है
यानी कि यह दोगली गैंग फिर से अपनी पुरानी नौटंकीबाजी रूप में नजर आएगी
🚨 दिल्ली - आप विधायक अमानतुल्लाह खान के समर्थकों ने जामिया नगर में कथित तौर पर क्राइम ब्रांच की टीम पर हमला किया 😡
पुलिस टीम बदमाशों को पकड़ने गई थी।
— इन गुंडों के खिलाफ सख्त Firs हो और Jail के बाद बुलडोजर कार्रवाई की जरूरत है 🙏