गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
संगीत @RagiSangit रागी भी माफीवीर संघियों में शामिल हो गये हैं बधाई 👏 आपको
RSS के संगीत रागी ने खरगे जी से अपने अपमानजनक बयान के लिए “unconditional apology” बिना शर्त माफ़ी माँगी है
संघियों का और माफीनामे का इतिहास पुराना है
माफीनामे का आखरी पन्ना सबसे पहले पोस्ट कर रही हूँ
Well done @AdityaGoswami_
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul
अर्नब हमें pervert बोल रहे थे! मैने उनके चैनल की रिपोर्टिंग दिखाई जहां मेलोनी और मोदी के गले मिलने पर लिखा गया:
"जयशंकर उस पूरे ग्रुप की तरह है जो कॉलेज में अपने दोस्त को उसकी क्रश से बात करते हुए देख रहा हो"
अर्नब जी Pervert कौन हुआ और delete क्यों किया अपनी उस sexist news को? मेरे पास आपके उस Sexist News की pdf है।
पूज्य शंकराचार्य जी की बात का हम 100% समर्थन करते हैं।
अधर्मी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने पहले अयोध्या को लूटकर बर्बाद किया अब झूठ प्रसारित करके बदनाम कर रहे हैं। इससे अयोध्या का संत-महंत समाज बेहद आहत और आक्रोशित है। अयोध्यावासियों को लग रहा है कि ये महापापी भाजपाई अयोध्या के मान-सम्मान से न जाने किस जन्म का बदला ले रहे हैं।
हर आस्थावान कहे आज का
अब कभी न चाहिए भाजपा!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था
“हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर नमाज़ पढ़ी गई थी”
अब सुनिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को
“हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर कब नमाज़ हुई सिद्ध करो वरना गद्दी छोड़ो. झूठ बोलते हो”
ज़्यादा whatsapp पढ़ना उल्टा पड़ गया लगता है
कांग्रेस और बीजेपी में क्या फर्क है, इन दोनों महिलाओं से समझ जाइये.
पहली तस्वीर में RG KAR कॉलेज की बलात्कार पीड़ित छात्रा की माँ रत्ना देबनाथ हैँ. जिनको बीजेपी ने वादा किया वो वो इंसाफ दिलाएंगे उनको.
चुनाव लड़वाया, इनकी बेटी के नाम पर ममता सरकार को बदनाम किया, पर न्याय मिलना तो दूर की बात, अभी तक केस का ही अता पता नहीं.
दूसरी तस्वीर में आशा देवी हैँ जिनकी बेटी ज्योति के साथ हैवानियत हुई, कांग्रेस की सरकार हिल गयी
निर्भया के नाम से जानी गयी..
राहुल गाँधी ने वादा किया आपके बेटे को पायलट बनाएंगे, पढ़ाया लिखाया, सरकार चली गयी फिर भी पायलट बनाया.
रत्ना विधायक बनकर भी इंसाफ नहीं पा सकी
आशा देवी को बगैर राजनीती में गए भी इंसाफ मिल गया और बेटे का भविष्य भी.
सोचिये, अगर निर्भया बीजेपी के वक़्त हुआ होता तो क्या इनको इंसाफ मिल पाता??
सीन नही है, चौपट व्यवस्था का नजारा है. तू पत्रकार है, तुझे सवाल करना चाहिए ट्रैक पर पानी भरा क्यों, मामूली बरसात से मुंबई में चारो तरफ पानी क्यों भर जाता है. पानी भरे हुए ट्रैक पर स्पीड ट्रेन ही नही, मामूली पैसेंजर ट्रेन भी चलाने से ट्रैन डिरेल हो सकती है. कुछ पढ़ाई लिखाई किया है या नही ?
उसी चन्दा चोर, चढ़ावा चोर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं क्या जो कैमरे पे वोट चोरी करती पकड़ी गई थी ? या जो बिना चुनाव आयोग के, बिना वोट चोरी के, बिना ED और CBI के लोकतांत्रिक तरीके से एक भी चुनाव नहीं जीत सकती ? उसी कायरों की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं क्या ?
सम्मानित श्री @AcharyaPramodk जी, धर्म का धंधा करके कुछ समय के लिए सत्ता पर कब्जा किया जा सकता है। लेकिन सत्ता के गुरूर में चूर किसी जाहिल “धूर्त” को “कल्कि अवतार” का तमग़ा नहीं दिया जा सकता। यह भी उतना ही शाश्वत सत्य है। बाक़ी आप स्वतंत्र हैं 🙏
पहले दाढ़ी वाले मुसलमान को दाढ़ी वाले हिंदू से लड़वाया...
फिर दाढ़ी वाले मुसलमान को दाढ़ी वाले मुसलमान से भिड़ाया...
जब उससे भी मन नहीं भरा, तो मीडिया वाले, दाढ़ी वाले हिंदू को दाढ़ी वाले हिंदू से ही लड़वा रहे हैं... और खुद तमाशा देख रहे हैं.
वाह! क्या शानदार कारोबार है।
काँग्रेस के आयातित आचार्य प्रमोद कृष्णम् एवं निर्मोही अखाडे के प्रवक्ता के बीच चित्रा त्रिपाठी जी के शो मे बहस चल रही थी...
विषय था- चढावा चोरी का पुख्ता सबूत
प्रमोद कृष्णम् चढावा चोरी पर भाजपा और RSS की तरफ से सफाई दे रहे थे और उल्टा समाजवादी पार्टी और काँग्रेस पर अनर्गल आरोप लगा रहे थे...
तभी निर्मोही अखाडे के सीताराम दास जी प्रमोद कृष्णम पर भडक गए और प्रमोद कृष्णम के लिए भां..$ड जैसे शब्दो का इस्तेमाल तक कर डाला !!