अब इस देश में Democracy का Future सड़क तय होगा संसद से नहीं- योगेंद्र यादव
इस आदमी का सिंगल पॉइंट एजेंडा है भारत को नेपाल बांग्लादेश के रास्ते पर ले जाना
So, Parliament is just a formality now the streets have the final say.
छात्रों के हित से ऊपर कुछ भी नहीं है। आज माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने स्पष्ट कहा कि छात्रों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को जल्द से जल्द सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक व्यवस्था की जाएगी।
यह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सरकार छात्र हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील, सतर्क, सजग और सक्रिय है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी इस विषय पर भ्रम व अराजकता फैलाने की निंदनीय राजनीति कर रही है। इसका उदाहरण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कानून मंत्री श्री कपिल सिब्बल का बयान है, जिसमें दिल्ली पुलिस को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया।
यथार्थ यह है कि संसद सत्र के दौरान लुटियंस ज़ोन में धारा 144 (अब धारा 163) नियमित रूप से लागू रहती है और समय-समय पर उसका नवीनीकरण होता है।
ऐसे में यदि देश का पूर्व कानून मंत्री इस विषय पर ऐसा वक्तव्य देता है कि यह पहली बार हो रहा है तो इसे कानून के ज्ञान का अभाव नहीं, बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र का भाव ही माना जाएगा।
कांग्रेस पार्टी हर मुद्दे पर भ्रम और षड्यंत्र की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। छात्रों के मुद्दों पर जिस प्रकार कांग्रेस और विपक्ष राजनीति कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है।छात्रों को बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है ।
100 से अधिक चुनाव हार चुके हैं, भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत पर बाहर हैं, अपने शासनकाल में लाखों करोड़ रुपये के घोटाला किया और आज वही हमें नैतिकता और सुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं।
नीट छात्र हर्ष दूबे ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लेने से क्या छात्र आत्महत्या करना बंद कर लेंगे? उन्होंने कहा - नहीं।
हर्ष दूबे ने आगे कहा कि 90% छात्र सामान्य वर्ग से हैं, जो आरक्षण के चलते आत्महत्या कर रहे हैं। असली मुद्दा यह है कि छात्र आरक्षण की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन इस पर बात क्यों नहीं हो रही है?
पत्रकार ने पूछा कि जंतर मंतर पर जो प्रदर्शन हो रहा है, उससे कुछ नहीं होगा।
हर्ष दूबे ने जवाब दिया कि यदि नीट के छात्र प्रदर्शन कर रहे होते तो जरूर असर होता, लेकिन जब हम लोग प्रदर्शन कर रहे थे तब सरकार ने लाठियों से मारकर हमें भगा दिया था।
हर्ष दूबे ने गुस्से में कहा कि इन आतंकवादियों और उपद्रवियों को सरकार प्रदर्शन करने की इजाजत दे देती है, लेकिन जब हम जैसे नीट के छात्र प्रदर्शन करते हैं तो सरकार हमें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देती और अपनी पुलिस से लाठियों से मारकर हमें हटवा देती है।
जब आतंकवादी और उपद्रवी प्रदर्शन करते हैं तो सरकार उन्हें उपद्रव करने और प्रदर्शन करने की पूरी छूट दे देती है और उनके आगे-पीछे दौड़ती है।
हर्ष दूबे ने कहा - एक व्यक्ति अमेरिका से आया है और नीट छात्रों के नाम पर प्रदर्शन कर रहा है। यहां देखिए, मैं शर्ट के अंदर जो बनियान पहनकर आया हूं, वह फटा हुआ है, लेकिन इज्जत ढककर आपके न्यूज़ रूम में आया हूं।
हम नीट के छात्रों के पास अमेरिका जाने के लिए पैसे नहीं हैं, यहां पढ़ाई करने के लिए भी पैसे नहीं हैं। लेकिन जब हम प्रदर्शन करते हैं तो सरकार हमें लाठियों से पीटती है। वहीं जब कोई उपद्रवी अमेरिका से आकर छात्रों के नाम पर प्रदर्शन के नाम पर उपद्रव करवाता है और आतंक फैलाता है, तो सरकार उसके तलवे चाटती है।
हर्ष दूबे का सीधा कहना था कि छात्रों की और देश की असली समस्या आरक्षण है, लेकिन इस पर कोई बात नहीं कर रहा है।
उनका कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देंगे, फिर दूसरा आएगा, वो भी वही करेगा। इससे क्या बदलेगा?
हर्ष दूबे का यह बयान चारों तरफ खूब वायरल हो रहा है।
मैं जानता हूँ कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है। और इसलिए, पेपर लीक की घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक कदम उठाए गए। गुनहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में पड़े हैं।
सरकार ने अपनी पूरी शक्ति का उपयोग करके कम से कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों के एग्जाम हो जाएं, इसका प्रबंध किया। और अभी पांच-छह दिन पहले 19 तारीख को रिजल्ट भी आ गया। और देश भर में उत्तीर्ण हो गए विद्यार्थियों की खुशियों की खबरें भी आ रही हैं।
लेकिन हम यहां पर संतोष मानने वाले लोगों में से नहीं हैं, और इसलिए मैंने आज फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मसौदा भी दे दिया। फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान वाले इस मसौदे पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद उसका अंतिम रूप दिया जाएगा। और सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, तब जल्द-से-जल्द इस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
- प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी NEET पेपर लीक पर देश के नाम जरूरी संदेश
@PremShuklaBJP@narendramodi कोक्रोच यानी चिलचट्टे, चिलचट्टे यानी गंदगी, इसीलिए तिलचट्टों को चप्पल जुतों से कुचला जाता है और ज्यादा उत्पात मचाने पर हिट से मारा जाता है।
ये आम आदमी पार्टी की पैदाइश है इसलिए इसका पिंडदान उत्तर प्रदेश में ही होगा।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने एक बार फिर साबित किया है कि युवाओं के भविष्य की रक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की मंजूरी यह स्पष्ट संदेश है कि मेहनती छात्रों के सपनों से खिलवाड़ करने वालों को अब त्वरित और कड़ी सजा मिलेगी।
हर छात्र को निष्पक्ष अवसर और हर सपने को सुरक्षा मिले, यही मोदी सरकार का संकल्प है।
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शिव अरूर : क्या आपने कभी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बारे में सोचा?
नीट टॉपर पांशुल बंसल : मैंने सोचा, मैं विरोध प्रदर्शन में क्यों जाऊँ? इसके बजाय, मैं घर पर पढ़ाई कर सकता हूँ और अपनी स्किल्स और स्कोर बेहतर कर सकता हूँ।
अरूर : जब पहला एग्ज़ाम रद्द हुआ तो आपका क्या रिएक्शन था?
पांशुल : पहला एग्ज़ाम रद्द होने से शुरू में तो मुझे निराशा हुई, लेकिन बाद में मैंने इसे अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करने के एक मौके के तौर पर देखा
पांशुल ने 720 में से 715 स्कोर किए !!