संतोष दुबे तो रुक ही नहीं रहे!!
“राम मंदिर चढ़ावा चोरी में कारसेवक संतोष दुबे का बड़ा खुलासा 👇
चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव ये चार चोर राम मंदिर के घोटाले में शामिल हैं।
इन चारों को पकड़ लीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। किसी CBI या ED की जांच की जरूरत नहीं है।
चंपत राय तो पुराना चोर है इसने सन 2002 में 1250 सोने और हीरे की मूर्तियो को बेच दिया..”
लगता है अब उनका इलाज होगा - अर्थ (💰)से या दंड (🦯)से, डिपेंड करता है कि ऊँट को किस करवट बिठाना है.
JDU विधायक पप्पू वर्मा: हेलो...!!
JE (बिजली विभाग): नमस्कार विधायक जी
विधायक पप्पू वर्मा: कौन बोल रहा है?
JE (बिजली विभाग): जेई साहब बोल रहे हैं
विधायक पप्पू वर्मा: "शिष्टाचार भूल गया है?
होश में है कि नहीं? तू दारू पी लिया है क्या? जूता से मारेंगे।
आजमगढ़ जिलास्पताल में CT scan कराने के लिए एक एडवांस रोबोट की व्यवस्था की गई है।
जहाँ स्ट्रेचर के स्थान पे ऐसी टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जाने लगा है।
कई देशों ने इसको देख के जलन की अनुभूति की!
महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित ब्राह्मण गली में बकरीद के दिन मांस फेंके जाने की घटना से क्षेत्र में तनाव फैल गया था। सीसीटीवी फुटेज में बुर्का पहने एक महिला संदिग्ध तरीके से मांस से भरा पैकेट फेंकती हुई दिखाई दी, जिसके बाद मामला गंभीर विवाद का विषय बन गया।
लगभग दो सप्ताह तक चली गहन जांच और 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान स्वाती विक्रम भोसले के रूप में की। पुलिस के अनुसार, स्वाती हिंदू समुदाय से संबंधित है और उसने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से बुर्का पहन रखा था।
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
“वो (मोहन भागवत) कह रहे हैं कि हम छुपा के कर रहे हैं क्या ? ‘संघ’ के नाम पर कर रहे हैं !
मैं भी वही पूछ रहा हूँ - ‘संघ’ के नाम पर कर रहे हैं तो संघ क्या है ? कौन है ? संघ का पैसा कहॉं से आता है ? ये जो Security मिली है वो क्या Tax Payer का पैसा नहीं है ?
और ये क्या नाटक है कि 100 साल से किसी मे नहीं पूछा..तो क्या और 100 साल भी नहीं पूछें ?”
@PriyankKharge जी RSS की खटिया खड़ी किए बिना नहीं मानेंगे 🔥🔥🔥
सहसा भरोसा नहीं हो रहा!
दुनिया के इस पॉवरफुल G7 स्टेज पर भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी इंस्टाग्राम रील डिस्कस कर रहे हैं!
कोई ऑडियो फ़ैक्ट चेक कर बता सकता है कि क्या आवाज़ पीएम मोदी की ही है?
सबसे पहले बीजेपी के नेता रजनीश मिश्रा ने PMO को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया राम मंदिर दान पेटी में मिलने वाली रकम में घोटाला किया जा रहा है.
इसके बाद समाजवादी पार्टी के भूतपूर्व विधायक पवन पांडेय ने राम मंदिर में पैसे के हेरफेर का आरोप लगाया.
इतना आरोप लगने के बाद भी जब मंदिर प्रबंधन और सरकार सोयी रही तब जाकर अखिलेश यादव को इस मामले में बोलना पड़ा.
अखिलेश यादव ने जैसे ही आरोप लगाया राम मंदिर में 7 करोड़ का घोटाला हुआ तब जाकर सरकार, मीडिया और मंदिर प्रबंधन के कान खड़े हुए.
इसके बाद RW वालों ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और उनकी बेटी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की. अभी भी सरकार और मंदिर प्रबंधन चालबाजी कर रहे हैं. बिना FIR की जांच चल रही है. जबकि पहले FIR और उसके बाद SIT को जांच करना चाहिए.
अभिजीत दीपके और वामपंथी संगठन AISA ने मिलकर जो कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर आंदोलन खड़ा किया है,
फायदा केवल BJP सरकार को मिलते हुए दिख रहा है.
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन ने NEET मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग कर दिया है,
अभिजीत दीपके ने पूरी जिम्मेदारी धर्मेंद्र प्रधान पर डाल दी है. आंदोलन का उद्देश्य ही है NEET मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र की छवि का बचाव करना.
अभिजीत दीपके ने का कहना है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को छात्रों या धर्मेंद्र प्रधान दोनों में से एक को चुनना होगा.
भारत अब ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के हवाले है जो पेट की तकलीफ के लिए पैर का ऑपरेशन कर देते हैँ.
व्हाट्सप्प के भारत मे 85 करोड़ यूजर हैँ
स्नैपचैट के भारत में 21 करोड़ यूजर हैँ
Telegram के भारत में 18 करोड़ यूजर हैँ
NEET पेपर लीक हुआ व्हाट्सप्प पर.
आरोपी ने व्हाट्सप्प के जरिये सबको पेपर बाँटा
आरोपी को पकड़ा गया, फ़ोन की जाँच हुईं
सबसे ज्यादा एक्टिविटी Telegram पर देखी गयी उसके द्वारा.
धर्मेंद्र प्रधान और IT मिनिस्ट्री ने तुरंत टेलीग्राम को NEET पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार मानते हुए 21 जून के री एग्जाम के लिए बैन कर दिया.
सवाल ये उठता है कि क्या पेपर लीक के एक App को बैन करके सफलतापूर्वक पेपर करवा लोगे?? कोई गारंटी है इसकी
पेपर को लाने ले जाने के लिए आर्मी बुलाई जा रही है. फ़ोन तो छोड़ो, कपड़े तक उतरवा लेते हो छात्रों को एग्जाम के दिन.
Telegram के CEO Pavel Durov ने इसके लिए इनको निकम्मा बताया है.
पेपर लीक का ठेका धर्मेंद्र प्रधान या NTA की
STAYFREE पैड बनाने वाली कंपनी को दें दें क्या अब??
UBT शिवसेना के ईमानदार नेता संजय राउत ने ट्वीट कर जानकारी दी, महाराष्ट्र के एक एक सांसद को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपए दिया गया है.
यह काफी हैरान करने वाली जानकारी है. इसके बाद TMC की कद्दावर नेता महुआ मोइत्रा ने संजय राउत के ट्वीट को कोट करते हुए लिखा.
संजय राउत जी, इतना सस्ते दामों में कैसे बिक गए, हमारे वाले तो 4 करोड़ + 1 करोड़ हर महीने मिलेगा. संजय राउत ने फिर महुआ मोइत्रा का ट्वीट कोट का जवाब दिया.
नही नही, महुआ मोइत्रा जी 15 करोड़ तो एडवांस मिला है. एक एक MP की बेस प्राइस 50 करोड़ रुपए रखा गया है.
मित्रों, दोनों नेता अगर सच बोल रहे हैं तो लोकतंत्र, वोट और संविधान सब फेल हो चुका है. हमारे वोट की ताकत का कोई मूल्य नही है अगर इस तरह जनता का चूना हुआ प्रतिनिधि बिकने लगे.
प्रधान मंत्री मोदी जी द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट को PMO का एक department मात्र बनाने के पीछे यही मंशा शुरू से थीं की वहाँ अपने चुनिंदे चोर लुटेरों को बैठा कर मज़े से करोड़ों का चढ़ावा हर महीने लूटा जाए।
चौकीदार चोर है, यह तो कबसे सिद्ध हो चुका है!
अब वही चोर चौकीदार अपने चुनिंदा लोगों की SIT गठित करके डकैती पर लीपा पोती कर लेगा!
चित्त भी मेरी, पट्ट भी मेरा,
अँटा मेरे बाप का!
जैसे मध्य प्रदेश में IAS-IPS ने ज़मीन खरीदी और 3 साल बाद वहाँ हाईवे पास होते ही ज़मीन करोड़ों की हो गई, वैसा ही मामला बिहार में आया है, लेकिन इसमें कोई IAS-IPS नहीं, नाम सीधा बिहार के डिप्टी CM का आ रहा है!
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 5 किलोमीटर का रूट बदल दिया गया।
रूट बदलने से 65 साल पुराने केदार संत रामाश्रय कॉलेज, जिसमें 6 हज़ार छात्र पढ़ते हैं, उसे ढहाया जाएगा। सैकड़ों दुकानें और घर बुलडोज़ कर दिए जाएँगे।
घर, कॉलेज और दुकान की बलि इसलिए चढ़ाई जा रही है क्योंकि पुराने रूट में वहाँ से विधायक और बिहार के डिप्टी CM विजय चौधरी जी के करीबी की 10.5 बीघा ज़मीन आ रही थी, ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है।
विजय जी कह रहे हैं, “हमारा कोई इंटरफ़ेरेंस नहीं है, फ़ैसला केंद्र सरकार और NHAI का है।”
सम्राट जी कह रहे हैं, “प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का हो सकता है, लेकिन फ़ैसला राज्य सरकार लेगी।”
एक्सप्रेसवे का रूट बदलने से मंत्री जी के परिजन की ज़मीन की क़ीमत तो आसमान छू गई है। वो अलग बात है कि सैकड़ों घर मलबे में बदलने वाले हैं।
विरोध करने के बाद भी प्रोजेक्ट की प्रशासनिक प्रक्रिया में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार बताए, वो जनता के लिए चुनी गई है या मंत्रियों के रिश्तेदारों के काम करने के लिए?