Journalist✍️| राष्ट्रवादी🇮🇳| गांधीवादी❣️
"संस्कृति भले ही अलग हो लेकिन यदि हम राष्ट्र के रूप में जीवित रहना चाहते हैं तो हमें एक ही मिट्टी का हिस्सा बनना होगा
जब आवाज़ कागज़ पर न सुनी जाए, तो उसे कपड़ों पर उतारना पड़ता है 📢
कर्नाटक में वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से एक बहुत बड़ा और impressive मैसेज देता है।
जब आवाज़ कागज़ पर न सुनी जाए, तो उसे कपड़ों पर उतारना पड़ता है 📢
कर्नाटक में वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से एक बहुत बड़ा और impressive मैसेज देता है।
"मैंने ऐसा जनसैलाब किस्सों-कहानियों में सुना है... सिर्फ़ रामलीला मैदान नहीं भरा, क्षमता से दोगुना भर चुका है
मैदान के बाहर से लेकर अजमेरी गेट तक लाखों लोगों का यह रेला गवाही दे रहा है कि बदलाव अब अजेय है।" 🌊🇮🇳
कल्पना कीजिए, यह रेला अगर पूरी दिल्ली की सड़कों पर उतर आए, तो क्या होगा ✊🔥
#RamlilaMaidan #Janselaab #INDIAalliance #Delhi
यह जनसैलाब इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि देश का मिजाज अब पूरी तरह बदल चुका है। जब जनता खुद सड़कों पर उतर आए, तो बड़े-बड़े अहंकार और दावे कागज़ के साबित होने लगते हैं।
किस जनता की बात कर रहे है🤔 सारा जनता तो राहुल के साथ है सारा जनता रामलीला मैदान में है
किस जनता को बात कर रहे है कि जनता सब देख रही है ,जनता तो देख रही है कि आप लोग क्या कर रहे हो 🤔🤔
"मैंने ऐसा जनसैलाब किस्सों-कहानियों में सुना है... सिर्फ़ रामलीला मैदान नहीं भरा, क्षमता से दोगुना भर चुका है
मैदान के बाहर से लेकर अजमेरी गेट तक लाखों लोगों का यह रेला गवाही दे रहा है कि बदलाव अब अजेय है।" 🌊🇮🇳
कल्पना कीजिए, यह रेला अगर पूरी दिल्ली की सड़कों पर उतर आए, तो क्या होगा ✊🔥
#RamlilaMaidan #Janselaab #INDIAalliance #Delhi
किस जनता की बात कर रहे है🤔 सारा जनता तो राहुल के साथ है सारा जनता रामलीला मैदान में है
किस जनता को बात कर रहे है कि जनता सब देख रही है ,जनता तो देख रही है कि आप लोग क्या कर रहे हो 🤔🤔
"आज रामलीला मैदान, लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है।"
— श्री अखिलेश यादव जी 📢
तानाशाही और अन्याय के दौर में जनता अब और चुप नहीं बैठेगी। बदलाव की यह हुंकार अब रुकने वाली नहीं है! 🌟
"जो लोग कहते थे कि अंगद का पैर है... आज हकीकत यह है कि उनके खड़े होने के लिए जमीन ही नहीं बची है!"
— श्री अखिलेश यादव जी 🎯
अहंकार की राजनीति का अंत अब तय है। बदलाव की यह बयार रुकने वाली नहीं है। 🌟
"जो लोग कहते थे कि अंगद का पैर है... आज हकीकत यह है कि उनके खड़े होने के लिए जमीन ही नहीं बची है!"
— श्री अखिलेश यादव जी 🎯
अहंकार की राजनीति का अंत अब तय है। बदलाव की यह बयार रुकने वाली नहीं है। 🌟