इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, उसका सिर्फ़ एक नाम होता है मोहब्बत।
सहारनपुर की सुनीता अरोड़ा 180 किलोमीटर का सफर तय करके जंतर-मंतर सिर्फ़ इसलिए पहुँचीं क्योंकि उन्होंने रोज़ एक नौजवान, मोहम्मद जुनैद, को बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते देखा था।
मुलाकात होते ही सुनीता जी की आँखें भर आईं। उन्होंने कहा "बेटा, तेरी माँ तुझसे मिलने सहारनपुर से आई है ऐसे ही हिंदू-मुस्लिम एकता और इंसानियत की मिसाल बनकर लोगों की सेवा करते रहना" यह दृश्य बता गया कि नफ़रत की दीवारें चाहे जितनी ऊँची हों, इंसानियत और मोहब्बत उन्हें हमेशा पार कर जाती है।
यही है भारत की असली पहचान प्यार, भाईचारा और इंसानियत।
जब से BJP आई है, संयोग और प्रयोग के इतने खेल हुए हैं, कि कई सैन्यकर्मियों की और भोली जनता की जानें गई हैं.
अब इन पूर्व फ़ौजी सरदार जी का ये कहना है कि अमित शाह के आने के बाद तीन चेक पोस्ट हटाए गए ! इसका अर्थ तो ये है कि ये संयोग नहीं प्रयोग ही प्रयोग हैं.
Now the time has come to revolt by one and every one be it you tuber be it the so called stays Hindi ashutosh be it sandip chsudary be it news launcher be it public India to be on the road with Rahul Gandhi to protest if you do not do this my beloved INDIA will be completely die