पत्रकार — आपको राहुल गांधी क्यों पसंद हैं?
महिला — राहुल गांधी एक शिक्षित नेता हैं और देश के लिए अच्छा काम करेंगे।
पत्रकार — आपको नरेंद्र मोदी क्यों पसंद नहीं हैं?
महिला का जवाब क्या है वो आप भी सुनिए.. 👇
सुधांशु कह रहा CJP प्रोटेस्ट में सब बच्चे थे कोई घूम रहा था कोई बर्गर खा रहा था बाहर,
CJP वाले बच्चे नहीं है ये वो लोग है जिससे बीजेपी डर गई थी धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा,
सुधांशु इतना भोला है ज्ञानी बनता है गूगल बाबा इसको हर दिन विपक्ष प्रवक्ता धोते रहते हैं 😂🔥
Thank you for the gyan & outrage. I have a question though @bhumipednekar - you made an appearance on reality show Lock Upp recently where contestants use ma-behn ki gaali liberally. Why did you not pull any of them up saying this is not our culture?
RG: Ye baat... Pradhan Mantri...
Om Birla: Nooooo... 🙄
RG: Home Minister... Prime Minister...
Om Birla: No, no Prime Minister. 🙄
This Om Birla is so obsessed with Modi. Look how he's behaving like a toxic BF.
क्या मोदी टाइम मैगजीन को दिल से माफ़ कर पाएंगे?
मैगजीन ने '56 इंच का छोटा बंदर, बाल नरेन्दर,बाल नरेन्दर' वाले नारे को '56 इंच का छोटा बंदर, भाग नरेन्दर,भाग नरेन्दर' छाप दिया है।
और दुनिया को वो सब भी बता दिया है जो बताने में भारतीय मीडिया शर्मा रहा था।
https://t.co/M3oOA0Pzxd
GEN Z JAG CHUKA HAI.. ISLIYE E20 PETROL MILAVTI BAND KARNE KI MAG CHAL RAHI HAI.. SABKE PAS 2 WHEELERS OR 4 WHEELERS HAI YE 1 BHARTIYA KA PROBLEM NAHI PURE DESH KA HAI
Do not let Modi's propagandists turn a crisis of governance into a debate on manners.
The language young people use to express their anger and disappointment with the Modi govt is not the issue.
The real issue is the Modi govt's incompetence, arrogance and repeated failures, not the vocabulary of those suffering because of them.
वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने News 24 से इस्तीफा देने के करीब 27 दिन बाद सोशल मीडिया पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा समय दूर नहीं जब सत्ता से सवाल पूछने पर उपद्रवी लोग मीडिया संस्थानों और स्टूडियो तक पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी ईमानदारी से सत्ता से सवाल पूछे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब पहले जैसी स्वतंत्रता से सवाल करना संभव नहीं रह गया। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ को सामने लाना है। उनका मानना है कि अगर पत्रकार स्वतंत्र होकर सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो इसका असर लोकतंत्र पर भी पड़ेगा।
#Alert 🚨
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अगर आपके घर बेटी है या बहन है तो आपको सावधान हो जाईये
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी !
ये @JaipurDialogues का दरिंदा child abuser खुला घूम रहा है
ये नाबालिग बच्चियों की जानकारी सार्वजनिक ही नहीं कर रहा, अन्य बेटियों के साथ हिंसा व गलत करने के लिए उकसा रहा है 👇