@Amazing38170441 बकरीद पर ये कभी दिखाई नही देता ।
ना मालूम कंहा छुपकर बैठ जाता है ।
जब त्योंहार खत्म हो जाता है और बचे हुए बकरे भी सलामत अपने चारागाह में लोट आते हैं - तभी ये प्रकट होते हैं ।
ना मालूम क्यों ?
#खबरों_की_कहानी मुनी नारद की जुबानी-2
#नारायण_नारायण
आइए ऋषिवर क्या खबर है ?
नारायण नारायण
-प्रभु आप तो अंतर्यामी हैं आपको तो सब मालुम है । मै तो आपके पास जिज्ञासा शांत करने आया हूं ।
ये विपक्षी नेता लोग ज्ञानेश कुमार जी का इस्तिफा क्यों मांग रहे हैं। SIR को क्यों रोकने में लगे हैं।
:हंसते हुए- नारद जी भारत में किसका राज है।
-जनता का है प्रभु
:मुस्कुराते हुए- जनता को राज करते देखा है ?
-वो तो अपने रोजमर्रा के काम में लगी है।
प्रभु राज तो प्रधानमंत्री करते हैं जिसे जनता चुनती है अपनी वोटिंग से ।
:ठीक है- अब जो विपक्ष है उसकी अम्मा तो कांग्रेस ही है ,सारा विपक्ष समूह उसके ही टुकड़े टुकड़े हैं, उसने ही 50 साल से ज्यादा 1947 के बाद देश पर राज किया है ।
कांग्रेस को बनाया एक ब्रिटिश AOHume ने जिसके 7 अध्यक्षों को ब्रिटिश सरकार ने SIR की उपाधी दी थी । Sir मतलब ब्रिटिश सरकार के लायल। 1947 से पहले जनता पर ब्रिटिश राज था Congress की मिलीभगत और सहयोग से।
तो क्या समझे नारद जी ?
-प्रभु भारत की राजनीती से तो मेरे दिमाग का भी दही हो गया है।
:हंस कर वही तो -
ज्ञानेश कुमार आये कब CEC बनकर ?
फरवरी 2025 में
मोदी आये 2014 में 11 साल में 2 बार प्रधानमंत्री बने 2019 में और भी ज्यादा वोट लेकर, लेकिन ज्ञानेश के आने के बाद तीसरी बार तो वोट और सीटें कम हो गई बीजेपी की तब --
वोट चोरी हुयी हो तो किसकी बीजेपी की और गई कांग्रेस के झोले में ।
चलो 1947 से चलते हैं। अग्रेंज सरकार ने काग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को सरकार सोंप कर जाने का फैसला किया।
मौलाना आजाद को अध्यक्ष पद से हटा कर नया अध्यक्ष का चुनाव करना था ,वोट काग्रेस की सभी 15 प्रांतीय संस्थाओं को डालना था ।
12 सरदार पटेल को मिले 3 आचार्य कृपलानी को 0 नेहरु को । लेकिन वोट लूटकर नेहरु को प्रधानमंत्री बना दिया।
फिर इंदिरा के समय हाईकोर्ट ने कहा की वोट चोरी हुआ है । तब ऐमरजेसीं लगाकर सरकार ही लूट ली ।
एक और वोट चोरी तब हुई जब सोनिया गांधी ने बिना देश की नागरिक बने वोटिंग की थी और वोट भी राजेशखन्ना और राजीव गांधी ने मिलकर डलवाई।
-नारायण नारायण
फिर तो प्रभु ये तो वही बात हुई एक चतुर चोर अपने पकड़ें जाने से बचने के लिए लुटे गये व्यक्ती से भी ज्यादा जोर से चोर चोर चोर की अवाज लगाकर चुप चाप माल चुरा कर भाग जाये।
: सही पकड़े हो नारद जी ।
नारायण नारायण
आपकी लीला अपरम्पार प्रभु।
दिमाग में भूसा भरा
बुद्धि में दीमक लगी
हिम्मत नक्सलवादी गद्दार जैसी
निडरता विदेशी चंदे से खरीदी
उर्जा बंग्लादेश के रिजीम चेंज से मिली
जुनून कट्टरवादी आंतकवादी जैसा
सोच में खालिस्तानी
फैसलों में जयचंद वाली सोच
सीने में दहशतगर्दी
आंखो में देश लूटने का लालच
रामायण और महाभारत गवाह है, ऐसी स्त्रियों का क्या हश्र हुआ था ।
तो सड़क पर बंदरों की तरहां कूद फांदकर रिजीम चेंज करोगे
रिजीम चेंज और चुनाव से सरकार बनना दो अलग बात है ।
रिजीम चेंज जबरन होता है जो बंग्लादेश में मंयमार में हुवा ।
वो सब चाहिए क्या ?
फिर सड़क पर उतरने वाले भी कुटने पिटने के लिए तैयार रहें, क्या गलत होगा कि सरकारी तंत्र सबकी अच्छे से धुलाई करे। देश में 93 करोड वोटर हैं । चंद हजार गुडें लफगें रिजीम चेंज करेगें ?
लगता है आदोंलन की फसल की पहली किश्त का भुगतान मिल गया है। किसान मुखौटा आंदोलन गैंग सक्रिय हो गया है ।
होल्लाह और खालीदिमाग गैंग तो 24 घंटे सक्रिय रहते हैं ।
दिमागीनक्सल गैंग ने आंदोलन के जरिए आतंकवाद फैलाने की सुपारी वैसे ही ले रखी है । चितां न करें योगी शाह ने भी असुर विहीन भारत बनाने की कसम ली हुई है ।
@rajendersingh56 तुम लोगों की जुबान पर झांसी की रानी जैसे महान व्यक्तित्वों का नाम लेना शोभा नहीं देता।
वे अग्रेंजों खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ रही थी ।
ये मक्कारी की लड़ाई खुद की राजनीतिक घुसपैठ के लिए लड़ रही है। अपने ही देश के विरुद्ध।
एक और पार्टी के नेता हैं जो लोग खुद को भगतसिंह समझते हैं।
@neha_aisa2026 तुम्हारी सोच गलत है कैमरा तो एक आयने की तरहां है जो तुम्हारी सूरत और सीरत को तुम्हारे सामने ही लाता है।
हमें तो एक फेक आंदोलन के जरिए राजनीतिक कैरियर बनाने की कोशिश करती एक लड़की दिख रही है। कोई प्रभावशाली ध्यानाकर्षक करने वाला अंग नही दिखाई दे रहा।
एक पार्टी विदेशी AOHume ने बनाई थी विदेशी फंडिंग से भारत पर परोक्ष तरीके से राज करने के लिए और यह सब चलता रहा । गांधी जी ने सहायतार्थ 3 बंदरों की भी रचना कर दी । लेकिन किसी तरह देशभक्तों ने तीन बंदरों को कंट्रोल कर लिया। अब अमेरिकन ने भारत में अराजकता फैलाने के लिए एक कॉकरोच पार्टी का गठन किया है और 3 बंदरों को अराजक माहौल भारत में फैलाने के लिए विदेशी फंडिंग जोरदार तरीके से कर रहे हैं।
राष्ट्र भक्तो अब इन तीन बंदरों का भी कलंदर बना कर कंट्रोल करे। लाल हरी सफेद टोपी पहनकर अराजकता फैलाने में लगे हैं
सनातन हिन्दू धर्म के वाहक सनातन भारत के नागरिको आप सभी एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं ।
क्यों ?
देश का दुर्भाग्य है कि देश का विपक्ष ,
एक वैचारिक शून्यता के भंवर में फंसा है ।
येन केन प्रकेरण सत्ता प्राप्त ही केवल लक्ष्य हो तो क्या अपेक्षा कर सकते हैं।
कुछेक विपक्षी दलों के नेता सनातन धर्म को ही समाप्त करने का आव्हान करते है,
इस धर्म की तुलना बीमारियों से करते हैं।
रामायण और मनुस्मृति ग्रथों को फाड़ने जैसे कृत्य।
देवी देवताओं पर भद्दे अश्लील कमेंट ।
श्रीराम और दुर्गा मां पर अशोभनीय बातें किसलिए ?
एक सुनियोजित प्रहार है- विपक्ष का इस देश की सत्ता को विदेशी शक्तियों के सहयोग से प्राप्त करने के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर।
ये सब विदेशी शक्तियां कौन हैं ?कौन से धर्म से संबंधित हैं ? हिन्दूं धर्म से तो नहीं हैं ।
देश के मुख्य विपक्षी दल के नेता का एक
बयान का प्रमुख अंश :
“हिंदू धर्म में शक्ति शब्द होता है। हम शक्ति से लड़ रहे हैं। "
क्यों भाई हिन्दूं धर्म से क्यों लड़ रहे हो - धमकी और फिर वोट भी मांग रहे हो ।
सवाल यह है कि वह शक्ति क्या है?
वह "शक्ति" है जिसका आव्हान और पूजा भगवान श्रीराम ने राक्षस राजा रावण का वध करने के लिए किया था -शक्ति की देवी
"मां दुर्गा " का ।
उस वक्त रावण "शक्ति" के विरुद्ध लड़ाई कर रहा था।
आज कौन ?
इसी सत्ता को लूटने के लिए विपक्ष लगातार झूठ फैलाकर कर अलग अलग आंदोलन कर रहा है।
सड़क पर अराजकता फैलाकर संसद को बंधक बनाने की कुचेष्टा से अलग यह कुछ भी नहीं।
तब हक है हम हिन्दुओं कि एकजुट हो प्रतिकार करें।
आइए हम भी शक्ति का आव्हान करें ।
🌺 हे शक्ति स्वरूपा दुर्गा माँ 🌺
हे शक्ति स्वरूपा दुर्गा माँ,
हे विजयदायनी दुर्गा माँ।
🙏🌺
हम श्रद्धा सुमन करते अर्पित,
तेरे दर्शन को ये जीवन समर्पित।
🙏🌺
तेरी ज्योति से जगमग हो जीवन,
तेरी कृपा से पावन हो मन।
🙏🌺
तेरे चरणों में मिले हमें धाम,
हे जगदम्बे, हे दुर्गा माँ।
🙏🌺
दुष्टों का संहार करो माँ,
भक्तों का उद्धार करो माँ।
🙏🌺
हर हृदय में भर दो भक्ति,
हर जीवन में भर दो शक्ति।
🙏🌺
तेरी महिमा जग में अपार,
तू ही नैया, तू ही पतवार।
🙏🌺
तेरी शरण में सुख है अनंत,
जय अम्बे माँ, जय जगदम्बे!
🙏🌺
@N_Bora1 आपको कोई रुकने भी नहीं देगा। वामपंथी लालरगं के पीछे तो आम जनता अब हाथ धोकर पीछे पड़ी है । देश की सरकारों से तो वामी दफा हो चुके है लोगो के जहन से भी निकाल कर छोड़ेगें शाह जी ।
@Amazing38170441 तलवार से कुछ डर या दहशत का माहौल तो बनता है । संसद के बाहर भी प्रदर्शन के समय किसी ने दिखाया था कि केवल खाली पेज है । जो पोंछने के काम भी नहीं आ सकते टफ पेज बस खुजालाने के काम के हैं ।
संविधान तो संसद में सुरक्षित रखा है ।