कानपुर वाले सपना ही देखते रह गए कि गंगा किनारे पटना जैसी व्यवस्था होगी. उधर बनारस एक मेगा प्रोजेक्ट पास करा ले गया। वैसे एलीवेटेड रोड और एलीवेटेड ट्रैक का काम कब से शुरू हो रहा है?
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बाद अब गाजियाबाद- कानपुर एक्सप्रेसवे का तोहफा भी जल्द मिलने वाला है। खबर तो यही कह रही है। रिंग रोड, एक्सप्रेसवे, पावर हाउस, मेट्रो और पता नहीं क्या क्या.... खामखां आरोप लगाते हैं कि कानपुर से सौतेला व्यवहार होता है।
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शायद केंद्र सरकार ने जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए जो सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल बनाया है वो बेहद घटिया है. 22 मई से नगर निगम के कर्मी यही बता रहें हैं कि पोर्टल नहीं चलता.ऐसे में मन में सवाल उठता है कि क्या कानपुर में बीते डेढ़ माह से एक भी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बना?
बिना पूर्व सूचना के मीटर लोड बढ़ाना और देय सिक्योरिटी के नाम पर 1200 वसूलना. पहले नार्मल मीटर से स्मार्ट मीटर किया, फिर उसे प्रीपेड किया, फिर उसे पोस्टपेड किया और अब ये. मतलब उपभोक्ता बस जो ये कर दें उसे भुगते. ये तो एकदम गलत बात है. @UPPCLLKO@aksharmaBharat@AKSharmaOffice
सांसद जी मानसून तो आ गया. अब सड़कों को वर्षा से पहले कैसे ठीक किया जायेगा?अब बस बरसात भर सही सलामत इन सड़कों से गुजर जाए आम आदमी,यही काफी होगा. दुर्दशा झेलने के आदी हो चुके हैं कानपुर वाले. बाकी लैंड रोवर, डिफेंडर, फॉर्चूनर में तो 4×4 सुविधा होती हैं. तो उन्हें फर्क नहीं पड़ेगा.
क्या यह सच है कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में नगर निगम ने अपने सबसे काहिल और नकारा कर्मचारियों को लगाया है? जो एक- महीने तक सिर्फ ये बहाना मारते हैं कि सर्वर डाउन है, वेबसाइट नहीं चल रही. या फिर केंद्र सरकार का सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल बेहद रद्दी है? @nagarnigamknp
मंत्री जी आप तो कानपुर में रहे हैं, Iit में पढ़े हैं. गंगा जी कानपुर होते हुए ही बहती हैं. आप लखनऊ में बहाइये, लेकिन कानपुर को मत छोड़िये. (बुलेट ट्रेन के सन्दर्भ में)
कहीं बना पड़ा है तो चल नहीं पा रहा और कहीं बन ही नहीं पा रहा. अजब लीला है UPSRTC की. वैसे कानपुर में ये दोनों बातें हैं. न बन के चल पा रहा और न बन पा रहा. गज़ब पहेली बने हैं.
वर्तमान समय में जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना बेहद कठिन कार्य हो गया है. कानपुर की ही बात करें तो नगर निगम में एक से डेढ़ महीने तक यही सुनने को मिलता है कि सारा प्रोसेस ऑनलाइन हो गया है. सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल नहीं चलता है. बहुत सारे लोग इस कारण लगातार चक्कर काट रहे हैं.
विधायक जी आजकल आपका जलजला है।कानपुर से फ्लाइट बढ़वाने के लिए आप भी ज़रा जोर लगा दीजिये। एक दो बार काफिले के साथ युवा केंद्रीय नागरिक उद्ययन मंत्री जी मिल लीजिये. क्या पता युवा नेतृत्व से ही काम बन जाए.
जेवर एयरपोर्ट के इस फ्लाइट शेड्यूल में #Kanpur को ढूंढिए. 300 KM से कम दूर पंतनगर और बरेली से फ्लाइट है. सबसे ज्यादा उड़ानें इंडिगो की हैं. विमानों की कमी सिर्फ एक बहाना है. इसी उपलक्ष्य में सांसद जी को सिविल एविएशन मिनिस्टर से मिल कर फिर से लेटर गेम खेलना शुरू कर देना चाहिए.
वैसे ही बहुत हरियाली है #kanpur शहर में. National suger institute में जहाँ हवा साफ रहती है, वहां भी इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए गए. यूके लिप्टस तक तो ठीक है, लेकिन नीम समेत कई और सैकड़ों पेड़ काटना अपराध है. @PIBConsumerFood@JoshiPralhad
Dear #Kanpur, time to feel proud.
Thrice rebuffed for US visa, Sanjay Mehrotra joins Satya Nadella and Sundar Pichai in the trillion-dollar club
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आज़ादी मिलने के तुरंत बाद नेहरू ने जिस अन्दाज़ में एक के बाद एक संस्थाओं को खड़ा किया,देश को दिशा दी,आज भी वे संस्थाएँ हमारे तंत्र की रीढ़ है। आज़ादी मिलने के तुरंत बाद वह लग गये बिना रोये कि 200 साल से ग़ुलाम रहे और उसका बहाना बनाकर।
उस वक़्त खड़ी की गई तमाम संस्थाएँ आजादी के बाद सालों के बेमिसाल सफर की पटकथा लिखने वाली है।वह एक विजनरी लीडरशिप की पहचान थी। उनके योगदान को कभी कमतर नहीं कर सकते हैं
कानपुर में झकरकटी बस अड्डे का उद्धार कब करवा रहे हैं?
चुनाव से पहले शिलान्यास भी करवा पाएंगे ?
या सिर्फ टेंडर-टेंडर ही खेला जाता रहेगा।
कब तक सूखे तालाब से ही चलती रहेंगी बसें?
@UPSRTCHQ@upsrtckanpur@UPGovt
अवस्थी सर थोड़ा कानपुर में झकरकटी बस टर्मिनल वाला मामला भी दिखवा लीजिए। नीचे 2021 की खबर का लिंक दिया है। तब से बस सुन ही रहे हैं। टेंडर हो चुके हैं। बसअड्डे तक पहुंचने के लिए मेट्रो स्टेशन तैयार है,लेकिन बस टर्मिनल के नाम पर सिर्फ अव्यवस्था ही है। https://t.co/7VHuVz8MUb