@_sbisecurities Very pathetic service from SBI. Your App is continuously not working from 9:15am. Close all the services why are you providing if not able to provide good services.
Chandrayaan-3 Mission:
'India🇮🇳,
I reached my destination
and you too!'
: Chandrayaan-3
Chandrayaan-3 has successfully
soft-landed on the moon 🌖!.
Congratulations, India🇮🇳!
#Chandrayaan_3#Ch3
#DarbhangaAirport ई लाइव स्टेटस अछि!
दावा सबसे सफल हवाई अड्डा के बारे में अछि, तथापि जमीन पर स्थिति भयावह अछि !!!
प्लास्टिक के कुर्सी के बिसरि जाउ, एतय तक कि ठाढ़ होबय के जगह नहिं !
Requesting to improve the terrible condition @JM_Scindia ji 🙏
@AAI_Official
सुंदरकांड पढ़ते हुए 25वें दोहे पर थोड़ा रुक गया । तुलसीदास ने सुन्दर कांड में जब हनुमान जी ने लंका मे आग लगाई थी, उस प्रसंग पर लिखा है |
"हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास
अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास।।"
अर्थात :- जब हनुमान जी ने लंका को अग्नि के हवाले कर दिया तो --वे उनचासों पवन चलने लगे।हनुमान जी अट्टहास करके गर्जे और आकार बढ़ाकर आकाश मार्ग से जाने लगे।
मैंने सोचा कि इन उनचास मरुत का क्या अर्थ है ? यह तुलसी दास जी ने भी नहीं लिखा। फिर मैंने सुंदरकांड पूरा करने के बाद समय निकालकर 49 प्रकार की वायु के बारे में जानकारी खोजी । तुलसीदासजी के वायु ज्ञान पर सुखद आश्चर्य हुआ, जिससे शायद आधुनिक मौसम विज्ञान भी अनभिज्ञ है ।
यह जानकर आश्चर्य होगा कि वेदों में वायु की 7 शाखाओं के बारे में विस्तार से वर्णन मिलता है। अधिकतर लोग यही समझते हैं कि वायु तो एक ही प्रकार की होती है, लेकिन उसका रूप बदलता रहता है, जैसे कि ठंडी वायु, गर्म वायु और समवायु, लेकिन ऐसा नहीं है।
जल के भीतर जो वायु है उसका शास्त्रों में अलग नाम दिया गया है और आकाश में स्थित जो वायु है उसका नाम अलग है। अंतरिक्ष में जो वायु है उसका नाम अलग और पाताल में स्थित वायु का नाम अलग है। नाम अलग होने का मतलब यह कि उसका गुण और व्यवहार भी अलग ही होता है। इस तरह वेदों में 7 प्रकार की वायु का वर्णन मिलता है।
ये 7 प्रकार हैं- 1. प्रवह, 2. आवह, 3. उद्वह, 4. संवह, 5. विवह, 6. परिवह और 7. परावह।
1. प्रवह :- पृथ्वी को लांघकर मेघमंडलपर्यंत जो वायु स्थित है, उसका नाम प्रवह है। इस प्रवह के भी प्रकार हैं। यह वायु अत्यंत शक्तिमान है और वही बादलों को इधर-उधर उड़ाकर ले जाती है। धूप तथा गर्मी से उत्पन्न होने वाले मेघों को यह प्रवह वायु ही समुद्र जल से परिपूर्ण करती है जिससे ये मेघ काली घटा के रूप में परिणित हो जाते हैं और अतिशय वर्षा करने वाले होते हैं।
2. आवह :- आवह सूर्यमंडल में बंधी हुई है। उसी के द्वारा ध्रुव से आबद्ध होकर सूर्यमंडल घुमाया जाता है।
3. उद्वह :- वायु की तीसरी शाखा का नाम उद्वह है, जो चन्द्रलोक में प्रतिष्ठित है। इसी के द्वारा ध्रुव से संबद्ध होकर यह चन्द्र मंडल घुमाया जाता है।
4. संवह :- वायु की चौथी शाखा का नाम संवह है, जो नक्षत्र मंडल में स्थित है। उसी से ध्रुव से आबद्ध होकर संपूर्ण नक्षत्र मंडल घूमता रहता है।
5. विवह :- पांचवीं शाखा का नाम विवह है और यह ग्रह मंडल में स्थित है। उसके ही द्वारा यह ग्रह चक्र ध्रुव से संबद्ध होकर घूमता रहता है।
6.परिवह :- वायु की छठी शाखा का नाम परिवह है, जो सप्तर्षिमंडल में स्थित है। इसी के द्वारा ध्रुव से संबद्ध हो सप्तश्रर्षि आकाश में भ्रमण करते हैं।
7. परावह :- वायु के सातवें स्कंध का नाम परावह है, जो ध्रुव में आबद्ध है। इसी के द्वारा ध्रुव चक्र तथा अन्यान्य मंडल एक स्थान पर स्थापित रहते हैं।
इन सातों वायु के सात-सात गण (संचालित करने वाले) हैं जो निम्न जगह में विचरण करते हैं-
ब्रह्मलोक, इंद्रलोक, अंतरिक्ष, भूलोक की पूर्व दिशा, भूलोक की पश्चिम दिशा, भूलोक की उत्तर दिशा और भूलोक कि दक्षिण दिशा। इस तरह 7x7=49, कुल 49 मरुत हो जाते हैं जो देव रूप में विचरण करते रहते हैं।
कितना अद्भुत ज्ञान!! हम अक्सर रामायण, भगवद् गीता पढ़ तो लेते हैं परंतु उनमें लिखी छोटी-छोटी बातों का गहन अध्ययन करने पर अनेक गूढ़ एवं ज्ञानवर्धक बातें ज्ञात होती हैं।
बजरंगबली महाराज की जय!! जय श्री सीताराम!!
सनातन धर्म ज्ञान🚩🚩🚩
धन्य हो । लुटने के लिए मिथिला के लोग ही मिले है, @flyspicejet उडान योजना के शर्तो का मजाक उडाते हुए 01 महीने से दरभंगा बंगलौर रूट बंद किये बैठी है। कंपनी पर कोई एक्शन नही, लोग कोलकता हो कर जाने को मजबूर, उस पर भी कोलकाता तक का किराये रिकार्ड तोड़ रहा है।
@JM_Scindia@PMOIndia
#दिल्ली से #दरभंगा का हवाई किराया त्योहार में तो आसमान छूता ही है, आम दिनों में भी इतना ज्यादा क्यों है?
उड़ान स्कीम के तहत शुरू हुए #दरभंगा_एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू की उड़ानों के लिए बिहार सरकार Aviation Turbine Fuel (ATF) पर सिर्फ 1% टैक्स लेती है, जबकि #पटना और #गया एयरपोर्ट के लिए टैक्स में छूट लागू नहीं है। ऐसे में दरभंगा एयरपोर्ट आने-जाने का किराया पटना और गया की तुलना में काफी कम होना चाहिए था।
दिल्ली से दरभंगा, पटना और गया का एक सप्ताह बाद, यानी अगले मंगलवार (25 अप्रैल 2023) का हवाई किराया संलग्न है।
@AAI_Official से पुन: अनुरोध है कि #DarbhangaAirport से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू के बीच हवाई किराये पर पुनर्विचार करें और त्योहार के दिनों के लिए किराये की अधिकतम सीमा निर्धारित करें।
@MoCA_GoI@aaidarairport@flyspicejet@IndiGo6E
खुशखबरी ====
05 मई 2022 को पूर्वाहन 11.30 बजे माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा करोड़ो की लागत से नवनिर्मित मिथिला चित्रकला संस्थान, मिथिला ललित संग्रहालय सहित ITI भवन जयनगर, महिला ITIभवन, मधुबनी,कम्प्यूटर डेटा केंद्र सह रिकॉर्ड रूम खुटौना का होगा वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन।*