यह दिल्ली की टीम है, जो हमारी 149 बिसवां विधानसभा में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर सराहनीय कार्य कर रही है। टीम PDA के विचारों और जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर जनता के बीच संवाद स्थापित कर रही है।
इस अभियान का संचालन पूर्व मंत्री श्री कमलेश यादव जी के नेतृत्व में हो रहा है
यह बहुत प्रभावी तरीका है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस तरीके से कनेक्ट करेंगे। आसान भाषा में, मंचन के माध्यम से कहीं बात लोगों के जेहन में उतर जाएगी। इस तरीके का नुक्कड़ नाटक पूरे प्रदेश में गांव-गांव होना चाहिए।
आपके पास नौजवानों की फौज है। उनके बीच से चुनकर हर विधानसभा के गांव,गली, मोहल्ले में भेजना चाहिए। आपके पास मुद्दों की कमी नहीं है।राम मंदिर में हुई चोरी, बेरोजगारी, पेपर लीक, मंहगाई, आरक्षण में लूट,जैसे मुद्दे जनता को जोड़ते हैं।
पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं।
NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि -
- UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई।
- यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है।
- PDF के लगभग 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
- वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था।
- इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया।
NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है - न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा।
बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है - देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा revolution लाकर रहेगी।
भाजपा सांसद बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर न से नरेंद्र, म से मोदी, पढ़ायें तो कुछ नहीं,
सपा विधायक गरीब बच्चों को शिक्षण सामग्री बांटें तो FIR...
ये कौन सा नया संविधान लागू हो गया है देश में?
@AmitabhBajpai
निशिकांत दुबे, वक्त मिले तो इन गंभीर आरोपों का भी जवाब देना।
ये सवाल तुम्हारे अपने संसदीय क्षेत्र गोड्डा के देवघर के लोगों ने भेजे हैं। आरोप गंभीर हैं, इसलिए जनता तुम्हारे जवाब का इंतज़ार कर रही है।
मिथ्या दोषारोपण के संदर्भ में किसीके संज्ञानार्थ।
भाजपाइयों से गलती ये हुई है कि उन्होंने उससे झूठे आरोप लगवाए-बढ़वाए जिनका व्यक्तिगत रिकॉर्ड, ऐतिहासिक रूप से बदनाम है और जिनकी महाभ्रष्टाचारी सामाजिक-राजनीतिक दूषित छवि की वजह से उनके अपने दल के लोग ही, उन्हें आस-पास भटकने नहीं देते हैं। इनकी इतनी ही योग्यता और उपयोगिता है कि महाझूठ प्रसारण के लिए उनको लाउडस्पीकर की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें न तो उनकी आवाज़ होती है, न विचार। ये दूसरों के हाथ के उपकरण मात्र हैं। इनकी स्वयं की कोई व्यक्तिगत साख नहीं है, ये किसी शाख की उपशाख हैं।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव हैं, भाजपा को अपनी हार की आशंका है, इसी डर से भाजपा ने अपनी ED और IT एवं CBI को एक्टिव किया है
समाजवादी पार्टी 9 साल से अधिक समय से सत्ता में नहीं है, भाजपा 12 साल से केन्द्र और 9 साल से यूपी की सत्ता में है
राम मंदिर को भाजपा ने लूट लिया, जमीन खरीद में डकैती हुई, चढ़ावा चोरी, चंदा चोरी के अभियुक्त खुलेआम घूम रहे
भाजपा की इस गंदी हरकत के बारे में अब जनता भी जानती समझती है
भाजपा बार-बार OBC हितैषी बनने का ढोंग करती रही है, लेकिन भाजपा कभी भी OBC हित नहीं चाहती।
मंडल आयोग ने साफ कहा था कि देश में OBC आबादी लगभग 52% है, तो उसे उसी अनुपात में हिस्सेदारी और आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन 52% तो छोड़िए, आज तक 27% आरक्षण भी पूरी ईमानदारी से लागू नहीं किया गया। इसका उदाहरण मध्य प्रदेश है। और बंगाल में तो OBC समाज को 27% के बजाय सिर्फ 17% आरक्षण ही मिल रहा था, लेकिन OBC विरोधी भाजपा ने उसे 17% से घटाकर सिर्फ 7% कर दिया।
भाजपा अच्छी तरह जानती है कि जिस दिन जाति जनगणना का पूरा सच सामने आएगा, उस दिन OBC समाज अपने अधिकारों की लड़ाई और तेज करेगा। तब सवाल उठेगा कि आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी क्यों नहीं? इसलिए असली मुद्दों - शिक्षा, नौकरी, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय - से ध्यान हटाकर OBC बनाम OBC की लड़ाई खड़ी की जा रही है।
मंडल आयोग ने जिन जातियों को सामाजिक न्याय की साझा लड़ाई में जोड़ा था, आज उन्हें आपस में लड़ाने की कोशिश हो रही है। क्योंकि जब पिछड़े एकजुट होते हैं, तब सत्ता को जवाब देना पड़ता है। और जब पिछड़े आपस में लड़ते हैं, तब सबसे ज़्यादा फायदा उन्हीं ताकतों को होता है जो आरक्षण और सामाजिक न्याय दोनों को कमजोर करना चाहती हैं।
#OBC_विरोधी_BJP
भाजपा की ‘धर्म’ और ‘धन’ दोनों राजनीति का अंत हो गया है।
दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम गिरने से पेट्रोल-डीज़ल के दामों में भारी कमी आई है और दूसरे देशों की पब्लिक को तेल के घटे दामों के रूप में लाभ मिला है लेकिन इसके विपरीत भारत में भाजपा सरकार दाम नहीं घटा रही है, कंपनियों को लगातार फ़ायदा पहुँचाने में लगी है। भाजपा सरकार कंपनियों की सगी है जनता की नहीं।
भारत में तेल या किसी भी चीज़ के दाम का अपना अनोखा ‘भ्रष्ट अर्थशास्त्र’ है जो माँग-आपूर्ति से नहीं बल्कि भाजपाई कमीशनख़ोरी से चलता है, जो कंपनियों के मुनाफ़े से जुड़ा है। सामान्य शब्दों में कहें तो कंपनियों का प्रॉफिट-लाभ जितनी ज़्यादा होगा, भाजपा को कमीशन भी उतना ज़्यादा मिलेगा। इसीलिए हमारे यहाँ हर चीज़ के दाम बढ़ने या कुल मिलाकर कहें कि महंगाई बढ़ने का कारण भाजपा की कमीशनख़ोरी है, जिसका ख़ामियाज़ा आम जनता को महंगे तेल, परिवहन, यातायात, खाद्य पदार्थ व अन्य सभी सामान ख़रीद कर भुगतना पड़ रहा है।
भाजपा के जिन अनभिज्ञ, भोले-भाले समर्थकों को लगता था कि भाजपा ऐसा निकृष्ट कार्य नहीं कर सकती है, मंदिर-चोरी के बाद उनको भी समझ आ गया है कि भाजपाइयों के लिए ‘धन’ ही ‘धर्म’ है। अब तो भाजपा और उनके संगी-साथियों को देखकर लोग दरवाज़ा बंद कर ले रहे हैं।
भाजपा की धर्म की राजनीति का अंत हो गया है, इसीलिए वो अब केवल ‘धन’ की राजनीति करेगी, इससे भ्रष्टाचार भी बेतहाशा बढ़ेगा और महंगाई भी क्योंकि भाजपा के जिन करोड़ों वोटों में कमी आई है, उन वोटों की कमी को भाजपा पैसे से ख़रीद कर पूरा करना चाहेगी लेकिन धर्म के नाम पर की गई चोरी के पैसों को कोई नहीं लेना चाहेगा। यही ‘अधर्मी भाजपा’ की सबसे बड़ी चिंता है। भारत की धर्मभीरू जनता पाप के पैसों की हिस्सेदार नहीं बनेगी।
‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी के खुलने की वजह से भाजपा की ‘धर्म’ और ‘धन’ दोनों राजनीति का अंत हो गया है। भाजपा अब कहीं की नहीं रही।
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती!
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और अन्य तमाम हैंडल्स के खिलाफ समाजवादी पार्टी नेताओं ने दी तहरीर
मुकदमा दर्ज करे प्रशासन और विधि अनुसार सख्त कार्यवाही हो ये है समाजवादी पार्टी की मांग
ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में भी PDA की हिस्सेदारी पर कैंची!
भर्ती कोई भी हो, कहानी लगभग एक जैसी क्यों दिखाई देती है? ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती 2023 के कुल 1468 पदों में आँकड़ों के अनुसार PDA की हिस्सेदारी 734 पदों की बनती थी, लेकिन आरक्षित किए गए केवल 502 पद। यानी 232 पदों की भागीदारी कम कर दी गई।
सवाल सिर्फ़ एक भर्ती या कुछ सौ नौकरियों का नहीं है। सवाल उस पूरी व्यवस्था का है, जिसमें दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को उनका संवैधानिक हक़ देने की जगह उनकी हिस्सेदारी लगातार सीमित की जा रही है।
योगी सरकार जवाब दे - PDA का वोट चाहिए, लेकिन नौकरियों और सत्ता में उसकी हिस्सेदारी से इतनी परेशानी क्यों है?
टिन्नू यादव और अखिलेश यादव की कथित फोन कॉल वाली कहानी- ये कहानी सात जून 2026 दोपहर 3 बजकर 54 मिनट पर शुरू होती है। पहली बार अखिलेश यादव को कंफर्म खबर मिली थी कि राम मंदिर में चोरी हुई है। तब तक अयोध्या में बहुत कुछ घटित हो चुका था। चंपत राय खुद पुलिस बनकर रेड मार चुके थे। 6 लोगों से 79 लाख रुपए की रिकवरी हो चुकी थी। चंपत दरअसल प्राइवेट सिक्योरिटी और कुछ पुलिसवालों के साथ छापा मार रहे थे और पैसे के बैग लेकर निकल रहे थे तो अयोध्या में खबर फैलती जा रही थी। धीरे-धीरे राम मंदिर के 6 चोरों का फोन बंद होता गया और ये सब चोर राम मंदिर के एक कमरे में माल समेत बंद कर दिए गए। बस एक चोर बाहर था-उसका नाम था टिन्नू यादव। पांच जून से 6 जून दोपहर तक टिन्नू चंपतभक्त था। लेकिन जब 6 जून की शाम को पकड़े गए चोरों ने भेद खोल दिया और टिन्नू की पोल खुल गई। अब तक बात दबी हुई थी, राम मंदिर के अंदर क्या चल रहा है, ये दुनिया के सामने खुलकर कोई कह नहीं पा रहा था। ये सच है कि टिन्नू ने एक फोन मिलाया था। जिसे फोन किया गया था वो भी एक यादव ही थे। लेकिन वो यादव अखिलेश यादव नहीं थे। वो एक पत्रकार ही थे जिसके जरिए टिन्नू ने खबर लीक की। टिन्नू की पूरी CDR में एक बार भी अखिलेश यादव का नंबर नहीं दिखा है। पुलिस भी देख चुकी है और SIT भी। इसलिए ये कहना गलत है कि टिन्नू और अखिलेश के बीच डायरेक्ट बात हुई। 900 बार क्या..9 बार भी नहीं हुई। मेरी जानकारी में एक बार भी सीधी बातचीत नहीं हुई। आज के जमाने में खबर पहुंचाने के और भी तरीके हैं।
सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी!
जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज़ कराई जाएगी, साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी माँगें या क़ानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।
‘पीडीए समाज’ को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ’पीडीए समाज’ एकजुट होकर इसका जवाब देगा।
‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुख़बिरों के वंशंजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।
- संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें
- दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें
- अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें
- माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले
- माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें
- उप्र-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें
- समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले
@nishikant_dubey
भावनाएं वगैरा आहत हुई या नहीं?
नितिन नवीन के रोडशो में हमारे बजरंग बली महाराज को ही नचा दिया।
कहाँ मर गए सारे संगठन?,
या फिर जब दीपिका पादुकोण बिकनी पहनेगी तभी भावना आहत होगी।
It is alleged that a 11 year old girl was raped at Baruipur, South 24 Pgs. It is also heard that the Police primarily arrested the perpetrators but released them under some pressure from the ruling party! The role of #GodiMedia is completely opp to their role during #RGKar
2021 में चंपत मंडली ने 'राम मंदिर निधि समर्पण' अभियान चलाया था, जिसके तहत भारत के आस्थावान हिंदुओं से मात्र 44 दिन में 2100 करोड़ का दान जुटा लिया था। फिर उसके बाद और उससे पहले का चंदा मिलाकर कुल 3500 करोड़ का अनुमानित चंदा ट्रस्ट के पास आया था।
अब तक मंदिर निर्माण का कुल खर्च 2000 करोड़ बताया गया है। मंदिर परिसर 107 एकड़ में फैला है, जिसमें से 70 एकड़ के करीब जमीन अनुदान में मिली है, मुख्य मंदिर परिसर लगभग 5 एकड़ में है। ज्यादा निर्माण कार्य इसी 5 एकड़ में हुआ है, बाकी कुछ और इमारतें भी बनी हैं, लेकिन कुल परिसर का 70% हिस्सा खाली है।
एक तुलना के लिए आप समझ लीजिए कि 2000 करोड़ की लागत से 50 किलोमीटर का 6 लेन का शानदार हाइवे बन जाता है, किसानों की जमीन अधिग्रहण का खर्च मिलाकर। मैं सिर्फ तुलना के लिए ये लिख रहा हूं, ये नहीं कह रहा कि मंदिर की जगह हाइवे बनना चाहिए। बल्कि मैं तो मानता हूं कि हर हाईवे पर 5 किलोमीटर बाद गडकरी का मंदिर बनना चाहिए।
मंदिर के लिए जो कुछ एकड़ जमीन अधिग्रहण की गई थी, उसकी लूट मार का बहुत चर्चा हुआ था, 8-15 गुणा दाम पर जमीन खरीदी गई थी। क्योंकि मोदी की भाषा में कहें तो चंपत को कौनसा नानी के घर से पैसा लाना था, हिंदुओं की नेक कमाई का फंड पड़ा था, लूटा डाला अपने खास खास लोगों पर। उसके बाद मंदिर निर्माण के ठेकों में क्या कुछ हुआ, ये सिर्फ अनुमान है और जाँच का विषय है।
बस कॉमन नोलेज ये कहती है कि अनुदान में मिली जमीन पर इतने से निर्माण का 2000 करोड़ खर्च होना थोड़ा अटपटा है। जो लोग चढ़ावे में इतनी लूटमार मचा सकते हैं, चंदे में उन्होंने क्या किया होगा, ये तो बस सोचा जा सकता है।
लेकिन अगर आपको संघ की चंपत मंडली पर दृढ़ विश्वास है तो दोनों हाथ ऊपर उठाइए और आंख बंद करके जोर से बोलिए....जय श्री राम 🙏🏼
सपा सांसद श्री Lalji Verma जी के द्वारा राज्यपाल को लिखे पत्र ने भूचाल ला दिया है🔥
उन्होंने राज्यपाल को संबोधित करते हुए लिखा है कि..
KGMU के अगले कुलपति की नियुक्ति दलित/पिछड़ा वर्ग से किया जाए क्योंकि आज तक KGMU के इतिहास में कोई दलित/पिछड़ा कुलपति नहीं नियुक्त हुआ है।
माननीय सांसद लालजी वर्मा जी ने किंग्स जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ में पिछड़ों-दलितों के सीटो को Not Found Suitable किया जाने का मुद्दा उठाया है।
उन्होंने पत्र में ये भी लिखा है कि...
कुल 108 आरक्षित शिक्षकीय पदों के सापेक्ष केवल 30 नियुक्तियाँ की गईं।
78 आरक्षित पद रिक्त छोड़ दिए गए, जिन्हें पत्र में "Not Found Suitable" बताकर नहीं भरा गया।
कार्य परिषद से अनुमोदित लगभग 100 बैकलॉग शिक्षकीय पदों का विज्ञापन अभी तक जारी नहीं किया गया है।
श्री Lalji Verma जी के इस पत्र को "PDA ब्रह्मास्त्र" के रूप में देखा जा रहा है।
अब देखना है भाजपा KGMU का कुलपति किसी दलित/पिछड़ों को बनाती है या फिर खुद को PDA विरोधी घोषित करवाती है।
@LaljiVermaSP@yadavakhilesh@samajwadiparty
मोदी जी आज राजस्थान में भाषण दे रहे हैं कि भारत ऊर्जा संकट से उबर चुका है,
जिस मज़दूर को गैस 90 रुपए किलो मिलती थी, वो आज 250 रुपए में भरवा रहा है, कितना खर्च बढ़ गया कुछ अंदाजा है आपको?
शर्म आनी चाहिए सत्ताधीशों को, मंहगी मंहगी गाड़ियों में बैठकर मशरूम खाने वाले लोग क्या समझेंगे कि एक मजदूर जिसकी सैलरी 15000 रुपए होती है, वो किस दर्द में है।
वो क्या खाएगा, क्या बचाएगा, क्या बच्चों को पढ़ाएगा?
आखिर ये इतना ताकतवर हुआ कैसे?
सिर्फ मुख्यमंत्री के स्वजातीय होने के कारण? या अपने भ्रष्टाचार में मुख्यमंत्री का साझेदार होने के कारण?
यूपी में जितने भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के स्वजातीय हैं सब के सब कृपापात्र हैं।
1. Editor in Chief of propaganda News agency Smita Prakash when the BJP leader protests during the rain.
2. Editor in Chief of propaganda News agency Smita Prakash when opposition protests during rain.