नोएडा में किसान ने कंपनियों को 5 करोड़ में भी नहीं बेची 2 एकड़ जमीन बोला सुकून के आगे पैसे की कोई कीमत नहीं है।
किसान ने साफ साफ कह दिया कि वह शहर की जिंदगी नहीं जीना चाहता है मेरे बुजुर्गों की निशानी है।
वही पर बड़ी कंपनिया बाकी किसानों की जमीन लेकर बड़े फ्लैट...Read extra
और जो किसानो का भरोसा तोड़ा गया उसका क्या? बीजेपी इसी के लिए तो जानी जाती है, जब लोग अपने लोगों से विश्वासघात करते है तो दूसरे लोग उससे अपना काम तो निकलवा सकते है पर इज्जत वो भी नहीं देते ।
आज देश एक चौराहे पर खड़ा है। सवाल सीधा है, लेकिन जवाब आसान नहीं। क्या आरक्षण का आधार सिर्फ जाति हो, या फिर उस दर्द को प्राथमिकता दी जाए जो खाली जेब और खाली रसोई से शुरू होता है?
हम सबने देखा है कि कई संपन्न परिवार पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ लेते आ रहे हैं। दूसरी तरफ एक गरीब मजदूर, किसान या दिहाड़ी करने वाले का बच्चा, जिसके घर में एक स्थायी आय भी नहीं, वह संसाधनों की कमी में ही दम तोड़ देता है। क्या यह सामाजिक न्याय है?
समानता का असली अर्थ क्या है?
क्या समानता का मतलब सबको एक जैसा देना है, या फिर उस व्यक्ति को ज्यादा सहारा देना है जो सबसे ज्यादा कमजोर है?
अगर किसी घर में कमाने वाला ही नहीं है, अगर कोई बच्चा बिजली, किताब और कोचिंग के बिना संघर्ष कर रहा है, तो क्या उसकी प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए?
क्या गरीबी सबसे बड़ी सामाजिक रुकावट नहीं है?
आज जरूरत है एक नई सोच की।
ऐसी सोच जो जाति बनाम जाति की लड़ाई से ऊपर उठकर गरीबी के खिलाफ जंग लड़े।
ऐसी नीति जो योग्यता और जरूरत, दोनों को साथ लेकर चले।
एक सशक्त भारत वही होगा जहाँ अवसर जन्म से नहीं, संघर्ष और जरूरत से तय होंगे।
यह बहस किसी के खिलाफ नहीं है। यह बहस उस व्यवस्था के पक्ष में है जहाँ सबसे कमजोर को सबसे पहले सहारा मिले।
आप क्या सोचते हैं?
क्या आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होनी चाहिए?
अगर आप मानते हैं कि समय आ गया है बदलाव का, तो अपनी राय खुलकर लिखिए।
संवाद से ही समाधान निकलेगा।
#विस्थापन_में_समतुल्य_भूमि
#ReservationDebate
#EconomicBasedReservation
#SocialJustice
#EqualOpportunity
#MeritAndNeed
#PolicyReform
#IndiaDebates
#JusticeForAll
#नोएडा#जेवर
सभी ग्रामवासियों को सूचित किया जाता है कि दिनांक 2 मार्च दिन सोमवार को सुबह 10 बजे शिव मंदिर चौक #रन्हेरा पर होली मिलन समारोह व भारतीय किसान यूनियन के महा योद्धा हमारे परम प्रिय पवन खटाना जी के स्वागत समारोह के साथ ,एक निर्णायक पंचायत आयोजित की जाएगी , इसीलिए @NIAirport से प्रभावित #विस्थापन_में_समतुल्य_भूमि मांगने वाले #रन्हेरा गांव के सभी #किसानो से अनुरोध करते है कि पंचायत व स्वागत समारोह में ज्यादा से ज्यादा संख्या में #शिव_मंदिर चौक पर पहुंचे।
धन्यवाद
@noidakhabar@TOINoida@RakeshTikaitBKU@OfficialBKU@aajtak@ZeeNews@AmarUjalaNews@DainikBhaskar@JagranNews
करोड़ों का मुआवज़ा मिला। बहुमंज़िला घर बना लिए, थार ले ली और आईफोन खरीद लिए। पैसा पूरा खर्च हो गया।
अब? अब थार में पेट्रोल डलवाने को पैसा नहीं। मोबाइल पर टेंपर्ड ग्लास लगवाने को पैसा नहीं। क्या करते हैं- ताश खेलते हैं।
#Noida NCR की कहानी।
"उन्हें मार दिया, अब किससे पैसा वसूल करोगे ?"
यूपी के अलीगढ में तहसील टीम की कस्टडी में एक बकाएदार की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि तहसील कर्मियों द्वारा अपहरण कर गाड़ी में उत्पीड़न और अभद्रता की गई, जिस वजह से 55 वर्षीय इस्माइल खान की मौत हो गई.
मृतक के परिवार की यह महिला तहसील टीम के अधिकारी पर भड़की हुई है, पूछ रही है कि कैसे मारा ? दवा देकर मारा या इंजेक्शन देकर ?
साधु का भेष,बदनाम हैं सनातन..
प्रयागराज संगम मुख्य मार्ग जिस जगह गंध के चलते आप एक मिनट खड़े भी न हो पाएं वहां ये बहुरुपिए साधु बन रहे। हमने वीडियो बनाना शुरू किया तो आकर धमकाने लगे। राजेश जी बीच बचाव में आ गए। पूरा वीडियो नहीं बन पाया। असल में हमारे सनातन धर्म को इन्हीं जैसों ने बदनाम किया है। पुलिस भी इसलिए कुछ नहीं कर पाती कि कहीं विरोध न झेलना पड़ जाए। जबकि ये बहुरुपिए रोज किसी न किसी के साथ बत्तीमीजी करने पर उतारू होकर पैसा वसूलते हैं?
Water supply leakage problem is not resolved after many written and verbal complaints. This line belongs to GMDA. No agency is taking it seriously. Location: Sector 37 Gurugram Contact 9891914545 (Sumit)
@MunCorpGurugram@OfficialGMDA@HsvpHaryana@mdhsiidc@CPCB_OFFICIAL
Water supply leakage problem is not resolved after many written and verbal complaints. This line belongs to GMDA. No agency is taking it seriously. Location: Sector 37 Gurugram Contact 9891914545 (Sumit)
@MunCorpGurugram@OfficialGMDA@HsvpHaryana@mdhsiidc@CPCB_OFFICIAL
@ceoup@CMOfficeUP@CommissionerMe3@dmgbnagar@DhirendraGBN मैं गाँव रन्हेरा (Ranhera) का निवासी हूँ, जिसकी सही स्पेलिंग Ranhera है जबकि सभी सरकारी पोर्टल्स पर Ranhara आता है जो कि ग़लत है कृपया संज्ञान ले, और हमारे गाँव की सही स्पेलिंग “Ranhera ” को सभी पोर्टल्स पर मेंशन किया जाए ।
और गांव को शहर बनाकर मुआवजा तो आधा कर ही दिया गया है अब गांव के नाम को भी मिटा देना चाहते हो वैसे ही विस्थापन के बाद पहचान का संकट तो आना ही है कम से कम कागजों में तो गांव का नाम बना रहने दो