भारतीय राजनीति में 'अपशब्द' का पर्याय बन चुकी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता और भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दिवंगत पिता के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी अक्षम्य और घोर निंदनीय है।
यह 145 करोड़ भारत वासियों की भावनाओं का अपमान है। भारतीय लोकतंत्र को शर्मसार करता यह कृत्य कांग्रेस की हताशा, निराशा, कुंठा और वैचारिक दिवालियापन का प्रमाण है।
कांग्रेस को अविलंब अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कठोर कार्रवाई करते हुए पूरे देश से क्षमा मांगनी चाहिए।
दिल्ली में राष्ट्रवादी हिंदुओं की ज्ञानेश कुमार के समर्थन में राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगा रही है |
@BBCHindi यह बिल्कुल नहीं दिखाएगा क्योंकि यह दिखाएगा तो प्रोपगेंडा ध्वस्त हो जाएगा |
राष्ट्रवादी हिंदुओं अगर बीबीसी नहीं दिखा रहा तो तुम खबर इंटरनेशनल बना देना |
गुरु गोबिंद सिंह ने कहा था - एक हाथ तेल के डब्बे में डाल कर तिल से भरे बर्तन में फिर से डालना | जितना तिल चिपक जाए इतनी बार कन्वर्टेड पर भरोसा ना करना |
यह कहावत इसलिए याद आई क्योंकि फारूक अब्दुल्ला अपने भाषणों में कह रहा है कि पाकिस्तान ने हमको बचाया |
अभी भारत सरकार फंड देना बंद कर दे तो पाकिस्तान की तरह भुखमरी हो जाएगी इस बात का कतई अंदाजा नहीं है |
लिल्लाह !
आखिरकार फ्रांसीसी पुलिस का "सब्र" आज जवाब दे गया है !
कल रात पेरिस की सड़कों पर हुए "विद्रोह" को जिस तरह से दबाया गया, वह काफी "बेरहम" था ।
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🚨इस लड़की ने असफल बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की पाखंड को उजागर कर दिया।
सीजेएस विरोध से लेकर मोदी पर हर रोज़ निराशा जताने तक, यह बूढ़ा आदमी हर रोज़ अपनी शांति खो रहा है। वे अभी भी पश्चिम बंगाल की हार को पचा नहीं पा रहे हैं।
पागलपन भरा खाना।🗿🔥
1990।।।।
रुचिका गहरोत्रा 14 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी थी।अपनी सहेली आराधना के साथ प्रैक्टिस करने गई थी।उस समय टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष आईपीएस अधिकारी एसपीएस राठौड़ ने उन्हें देखा तो अपने रूम में बुलाया।
आराधना को एसपीएस राठौड़ ने ये कहकर बाहर भेज दिया की जाओ कोच को बुलाकर लाओ।वो अकेली रुचिका के पास आया और उसका हाथ पकड़ कर खींच लिया और छेड़ छाड़ करने लगा।रुचिका चिल्लायी तो उसकी सहेली आराधना आई और उसने भी ये सब देखा।
एसपीएस राठौड़ ने उनको धमकाया की किसी को बताया तो बहुत बुरा होगा।लेकिन रुचिका,उसकी सहेली और उनके परिवार ने हिम्मत दिखायी और पुलिस में कंप्लेंट दे दी।
उस कंप्लेंट पर तो कोई एक्शन हुआ नहीं उल्टा रुचिका के भाई पर चोरी के झूठे मुकदमे लगा दिए गए और थर्ड डिग्री टार्चर किया गया।उसके भाई को नंगा करके उसके घर के आगे से लेकर जाते ताकि रुचिका टूट जाये।
पुलिस वाले सिंपल ड्रेस में रुचिका के घर जाते।धमका कर आते।उसको स्कूल से निकलवा दिया।टेनिस पे रोक लगवा दी।रुचिका डिप्रेशन में चली गई और 2009 एक दिन उसने अपनी जान दे दी।
उस समय की कांग्रेस और चौटाला सरकारों ने राठौड़ के ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही तो छोड़ो उसे प्रमोशंस दी।
उसे डीजीपी तक बना दिया।
लेकिन परिवार क़ानूनी लड़ाई लड़ता रहा और राठौड़ को कोर्ट से सजा करवायी।
उस समय की सरकारें लोकतांत्रिक सरकारें थी
और अब तानाशाही चल रही है।
कांग्रेस की राजनीति का स्तर आज कहाँ पहुँच गया है, यह उसके शीर्ष नेतृत्व की भाषा और व्यवहार से साफ दिखाई देता है।
जिस भाषा को कभी सड़कछाप राजनीति और दबंगई से जोड़ा जाता था, आज उसी भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस अध्यक्ष कर रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति में शालीनता, संयम और लोकतांत्रिक मर्यादा के लिए कोई जगह बची भी है या नहीं?
वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस पार्टी आज भी प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत कटुता में बदलती दिखाई देती है।
सत्ता पाने की बेचैनी और प्रधानमंत्री मोदी जी को हटाने की जिद में कांग्रेस यह भूल रही है कि भारत की जनता किसी परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि देश के विकास और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए मतदान करती है।
लगता है आम आदमी पार्टी ने राकेश टिकैत को पैसे देने बंद कर दिए हैं...
बोल रहा है, पंजाब सरकार ड्रग्स पर रोक लगाए
अन्यथा हम पंजाब सरकार के विरुद्ध आंदोलन करेंगे...
14 अक्टूबर की रात झारखंड से एक पिकअप ट्रक घुसा, जिसमें शराब होने की सूचना थी। पूरी टीम ने उस ट्रक का पीछा किया।
इस दौरान गोलीबारी हुई और एक गोली कॉन्स्टेबल अजित कुमार को लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में पुष्पा कुमारी ने बयान दिया कि शराब माफियाओं के साथ मुठभेड़ में अजित कुमार को गोली लगी।
लेकिन पोस्टमार्टम में पता चला कि अजित को जो गोली लगी थी, वह सरकारी हथियार से चलाई गई गोली थी।
जांच में खुलासा हुआ कि गोली रिशु कुमार ने चलाई थी। बाद में यह लव ट्रायंगल सामने आया कि रिशु कुमार के टीम में आने के बाद पुष्पा की नजदीकियां रिशु से बढ़ गई थीं।
अजित कुमार पुष्पा कुमारी के सारे सिंडिकेट और पैसों के बारे में जानता था। इसलिए उसे रास्ते से हटाने के लिए पूरी योजना बनाकर मुठभेड़ के बहाने उसकी हत्या कर दी गई।
वर्तमान में मामले की जांच जारी है और पुष्पा कुमारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
बिहार में शराबबंदी को लोग चाहे वो पुलिस वाले हों या आम नागरिक पैसे कमाने का अवसर मान रहे हैं!
भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज “लव जिहाद” मामले
(#अजमेर_रेप_केस_1992 की तरह)
हिंदू लड़की ने गिड़गिड़ाते हुए कहा, "मेरा रेप मत करो, वीडियो मत बनाओ—मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी"……..
शहर के कोकता इलाके में स्थित एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्राओं के शोषण को लेकर 19 साल की एक हिंदू लड़की ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई है।
कई छात्राओं को झूठे वादे करके और बहला-फुसलाकर रिश्तों में फंसाया गया। आरोपियों ने अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाई और शुरुआत में खुद को हिंदू बताकर लड़कियों का भरोसा जीता। एक बार भरोसा कायम हो जाने के बाद, लड़कियों के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया।
आरोपी फरहान और उसके साथियों ने पीड़ितों के अश्लील वीडियो बनाए, जिनका इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने, धमकाने और चुप कराने के लिए किया गया।
पीड़ितों पर न केवल चुप रहने का दबाव डाला गया, बल्कि उन्हें इस्लाम अपनाने और जबरन शादी करने के लिए भी मजबूर किया गया।
रेप के बाद, फरहान ने लड़की को भरोसा दिलाया कि अगर वह उसे दूसरी हिंदू लड़कियों से मिलवाएगी, तो उसे ब्लैकमेल नहीं किया जाएगा।
पीड़िता का आरोप है कि उसे अपनी सहेलियों को फरहान और उसके साथी साहिल से मिलवाने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद उन्होंने उसकी सहेलियों का भी रेप किया और उन्हें ब्लैकमेल किया।
फरहान छात्राओं को अपने एक साथी के फार्महाउस पर ले जाया करता था।
फरहान खान ने अपने ही घर में एक नाबालिग लड़की का भी रेप किया—यह घटना तब हुई जब उसके घर पर उसकी माँ और भाई भी मौजूद थे।
फरहान की दो बहनें हैं; उनमें से बड़ी बहन, युवतियों पर अपने भाई के साथ यौन संबंध बनाने का दबाव डालती थी, ताकि समाज में बदनामी न हो।
वह लड़कियों का ब्रेनवॉश करती थी, उनसे कहती थी कि अपने भविष्य के लिए इन बातों की परवाह न करें और बस वही करें जो फरहान उनसे करने को कहे।
सोमवार को एक और खुलासा हुआ: भोपाल के एक अपराधी का फार्महाउस (क्लब-90 रेस्तरां) बिलखिरिया पुलिस स्टेशन इलाके में स्थित है। यह उस कॉलेज से ज्यादा दूर नहीं है, जहाँ पीड़ित लड़कियों के साथ ये अत्याचार हुए थे।
आरोप है कि फरहान खान कई युवतियों को अलग-अलग मौकों पर इस फार्महाउस पर ले गया था, और आशंका है कि वहाँ भी इसी तरह का यौन शोषण किया गया। पीड़िताओं में से एक, जो बैतूल की रहने वाली है, इंजीनियर बनने के सपने के साथ 2022 में भोपाल आई और एक प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लिया।
उसी साल, फरहान भी उसी कॉलेज में MBA का छात्र था। कॉलेज में एक कॉमन दोस्त के जरिए पीड़िता की मुलाकात फरहान से हुई।
अप्रैल 2022 में, फरहान उसे और उसकी छोटी बहन को जहांगीराबाद इलाके में हामिद नाम के एक व्यक्ति से मिलवाने ले गया। उस समय उसके साथ उसके साथी आर्यन और आदर्श भी थे।
वहीं पर फरहान ने पहली बार उसके साथ रेप किया। जब उसने विरोध किया, तो फरहान ने शादी का झांसा देकर उसे बहलाया-फुसलाया और फिर जबरदस्ती उसे मांसाहारी खाना खिलाया।
जब उसने फरहान से बात करना बंद कर दिया, तो उसने उसके अश्लील वीडियो और फोटो कॉलेज के दोस्तों के बीच वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद वह उसे अशोक गार्डन में अबरार के घर ले गया और वहां उसके साथ रेप किया।
इसके बाद, खुद को बचाने के लिए फरहान ने उसका शोषण जारी रखा। उसने पीड़िता पर दबाव डाला कि वह अन्य हिंदू महिलाओं से दोस्ती करे और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
2023 में, फरहान ने पीड़िता की बड़ी बहन से दोस्ती कर ली और उसी के जरिए उसकी मुलाकात अली से हुई।
जून 2024 में, अली पीड़िता की छोटी बहन को 'ड्राइव' पर ले जाने के बहाने रात में अपने घर ले गया, जहां उसने उसके साथ रेप किया और एक वीडियो भी बना लिया। उसने यह वीडियो फरहान को भेज दिया, जिसके बाद फरहान ने उस वीडियो का इस्तेमाल करके पीड़िता को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
फरहान के साथियों—नबील, साद, अबरार और अली—ने भी पीड़िता पर फरहान के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और उसे सबके सामने बदनाम करने की धमकी दी।
साद ने पीड़िता को जबरदस्ती गांजा पिलाया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद, दोनों बहनों ने भोपाल में अपनी पढ़ाई छोड़ दी।
फरहान की क्रूरता और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर, छोटी बहन अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए इंदौर चली गई, लेकिन फरहान वहां भी उसे ढूंढते हुए पहुंच गया।
इस महीने की 8 अप्रैल को, जब पीड़िता इंदौर में अपने कमरे में अपने एक चचेरे भाई से फोन पर बात कर रही थी, तभी फरहान वहां आ पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जैसे ही दरवाजा खुला, फरहान जबरदस्ती अंदर घुस गया और इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, उसने उस पर हमला कर दिया।
युवती के हाथ से उसका फोन छूट गया; वह गिड़गिड़ाती रही, "मेरे साथ बलात्कार मत करो, वीडियो मत बनाओ—मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी," लेकिन फरहान ने एक न सुनी।
इस पूरी घटना के दौरान, युवती का एक चचेरा भाई फोन पर सब कुछ सुन रहा था।
आरोपियों—फरहान, साहिल, साद (शम्सुद्दीन), अली खान, मोहम्मद नबील और अबरार—को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कोर्ट में पेश करने से पहले, बागसेवनिया पुलिस फरहान, साहिल और अली खान को बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के सामने लेकर आई।
13 सितंबर 2025 को अर्जुन नगर इलाके (रायसेन रोड) में साहिल और साद (शम्सुद्दीन) के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया।
अमर उजाला और अन्य स्रोतों से
सावधान ⚠️ तस्वीर में दिख रहे लड़के को देख कर किसी को भी रहम आ सकता है।
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इसको इस बात से समस्या है कि सीआईएसएफ जवानों की वर्दी पर नेम प्लेट नहीं |
लेकिन इस बात से समस्या बिल्कुल नहीं कि शरजील इमाम ने नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने की बात कही |
राष्ट्रवादी हिंदुओं पारा लिमिट से ऊपर चढ़ गया है - अपने अपने लट्ठों को अब तेल तबियत से पिलाओ |