@myogioffice@rashtrapatibhvn@htTweets@AmarUjalaNews@ravish_journo@yadavakhilesh@YogendraUpadhy@DainikBhaskar@JagranNews खुला पत्र
सेवा में,
माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश महोदय,
माननीय भारत के राष्ट्रपति महोदया,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार,
विषय: उत्तर प्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के संबंध में याचिका संख्या 368/2026 में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन करने हेतु।
महोदय
मैं यह पत्र केवल एक अभ्यर्थी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे नागरिक के रूप में लिख रही हूँ जिसे आज भी भारतीय संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, न्याय और समानता पर विश्वास है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 16/17 अप्रैल 2025 में सम्पन्न हुई असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा का 7 जनवरी 2026 को रद्द किया जाना ,वो भी सितंबर 2025 में 2 चरणों में साक्षात्कार की तिथियां घोषित करने के 4 महीने बाद, हजारों ईमानदार और मेहनती अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत पीड़ादायक सिद्ध हुआ है। अभ्यर्थियों ने 2022 से 2025 तक कठिन परिश्रम किया, आर्थिक और मानसिक संघर्ष झेले, पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी तैयारी जारी रखी और अपने भविष्य को इस भर्ती प्रक्रिया से जोड़ा।
कोई भी जागरूक नागरिक पेपर लीक, भ्रष्टाचार या अनुचित साधनों का समर्थन नहीं करता। यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए। परंतु न्याय का मूल सिद्धांत यह कहता है कि दंड व्यक्तिगत अपराध के आधार पर होना चाहिए, न कि सामूहिक रूप से निर्दोष लोगों पर थोपा जाए। माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में यह स्पष्ट है कि पूरी परीक्षा ( जिसमें 33 विषय शामिल हैं) को सिर्फ 19 लोगो के ऊपर संदेह होने के चलते रद्द किया गया, वो भी 9 महीने बाद।
यदि कुछ व्यक्तियों पर संदेह या आरोप हैं, तो कार्रवाई उन्हीं तक सीमित रहनी चाहिए जिनके विरुद्ध ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध हों। हजारों मेहनती युवाओं के सपनों और वर्षों की मेहनत को बिना व्यापक और निर्णायक प्रमाण के समाप्त कर देना न्याय, समानता और संवैधानिक मर्यादाओं के विरुद्ध प्रतीत होता है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक निर्णयों में “प्रोपोर्शनट एक्शन” अर्थात “अनुपातिक कार्रवाई” के सिद्धांत पर बल दिया है, जिसके अनुसार दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों में अंतर करना आवश्यक है। सामूहिक दंड किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का पहला विकल्प नहीं होना चाहिए।
आज अनेक अभ्यर्थी मानसिक तनाव, सामाजिक अपमान और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं। अनेक महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों ने इस भर्ती के कारण अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय टाल दिए। इस प्रकार की अनिश्चितता उनके जीवन पर स्थायी प्रभाव डाल रही है।
यह केवल एक परीक्षा का प्रश्न नहीं है; यह देश के युवाओं के उस विश्वास का प्रश्न है जो वे सार्वजनिक संस्थाओं और मेरिट प्रणाली पर रखते हैं। यदि ईमानदार अभ्यर्थियों को भी बिना दोष सिद्ध हुए दंडित किया जाएगा, तो युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठना स्वाभाविक है।
अतः इस खुले पत्र के माध्यम से मेरा विनम्र निवेदन है कि—
1. निर्दोष एवं ईमानदार अभ्यर्थियों को सामूहिक दंड से बचाया जाए।
2. किसी भी परीक्षा रद्दीकरण अथवा कठोर प्रशासनिक कार्रवाई से पूर्व निष्पक्ष, पारदर्शी एवं साक्ष्य-आधारित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
3. जांच एजेंसियां न्यायालय एवं जनता के समक्ष ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, केवल सामान्य आरोपों या धारणाओं के आधार पर कार्रवाई न हो।
4. दोषियों को दंडित करते समय निर्दोष अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों और भविष्य की रक्षा की जाए।
5. भविष्य में उत्तर प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने हेतु ठोस सुधार लागू किए जाएं।
मुझे आशा है कि देश की संवैधानिक संस्थाएं और उत्तर प्रदेश सरकार इस विषय को केवल प्रशासनिक मुद्दा न मानकर लाखों युवाओं के भविष्य और न्याय की भावना से जोड़कर देखेंगी।
इतिहास उन संस्थाओं को सम्मान देता है जो शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि निर्दोषों की रक्षा करते हुए न्याय सुनिश्चित करती हैं।
सादर,
समस्त चयनित अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा,2022 (16-17अप्रैल, 2025)
Respectfully request Uttar Pradesh Education Service Selection Commission to conduct the interview process for UPHESC Advt. 51 Assistant Professor in a fair, transparent and timely manner in compliance with the recent judgment of the Hon’ble Allahabad High Court (Special Appeal No. 368/2026).
Eligible candidates are eagerly awaiting implementation of the judgment in the interest of justice and administrative fairness.
We all will be highly obliged.
@PrashantK_IPS90@upesscprayagraj
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी और माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार सर जी, ये डॉ. रेहान आज़मी, ये व्यक्ति बता रहे है कि यूपी उच्च शिक्षा मंत्री माननीय योगेंद्र उपाध्याय जी का नाम सीधे सोर्स के रुप सोशल मीडिया पर आयोग से बिना पूछे गलत अफवाह फैला रहे है संज्ञान लीजिए 🙏🙏
उत्तर प्रदेश में विज्ञापन संख्या-51 के तहत सहायक प्रोफेसर भर्ती के 3200 सफल अभ्यर्थी पिछले 4 वर्षों से मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं जिसके लिए प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय राय (@kashikirai) जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (@myogiadityanath) जी को पत्र लिखकर इन युवाओं की आवाज बुलंद की है।
अध्यक्ष जी ने स्पष्ट किया है कि 4 सितंबर 2025 को परिणाम घोषित होने के बावजूद आज तक अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली है और अब कुछ तत्वों द्वारा धांधली की अफवाह फैलाकर पूरी प्रक्रिया को रद्द कराने की साजिश रची जा रही है जो कि पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 17 अप्रैल 2026 के आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार प्रशासनिक विलंब को समाप्त करे और निर्दोष अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करते हुए तत्काल साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र प्रदान करे।
कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि कथित अनियमितताओं के नाम पर योग्य युवाओं का भविष्य दांव पर न लगाया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए सफल अभ्यर्थियों को अविलंब राहत दी जाए क्योंकि प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था रिक्त पदों के कारण प्रभावित हो रही है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ओर माननीय अध्यक्ष श्री प्रशांत कुमार सर से आग्रह करना चाहता हूं कि जब आयोग ने अभी तक कोई भी ऐसी इंफोर्मेशन नहीं दी है तब ये व्यक्ति गिरजेश कुमार ओर डॉ.विष्णु कुमार द्विवेदी जी को सूचनाएं कैसे से मिल रही है। ये जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का ❌
किया आप इसको सदन में उठा सकते है ये व्यक्ति ऐसे माहौल सेट कर रहे है कि जैसे आयोग के अध्यक्ष यही है। पारदर्शिता कन्हां रहेगी तब आयोग में। कृप्या माननीय जी आप इसको सदन में उठाए। 5 साल हो गए है हम छात्रों को भटकते हुए। नौकरी का दूर दूर तक पता नहीं है कब इंटरव्यू होंगे हमारे।
ये है डॉ. रिहान इनके सूत्रों के हवाले से ये सोशल मीडिया पर बिना आयोग के परमीशन ओर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे है ओर इन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री का सीधे नाम लेकर बताया है इससे आयोग की पारदर्शिता पर सवाल नहीं उठेगा। माननीय मुख्यमंत्री जी ओर अध्यक्ष महोदय जी संज्ञान लें।🙏
माननीय मुख्यमंत्री और माननीय अध्यक्ष जी और मुख्य सचिव जी , मै आपको बताना चाहता हूं कि सर ये व्यक्ति गिरजेश कुमार सभी प्रतियोगी छात्रों में हिंसा का माहौल बना रहा है ओर सबसे उनके विषय ओर मार्क्स पूछकर उनको गारंटी दे रहा है इनको ये सब गोपनीय बातें कौन बता रहा है।
ये भी उभरते भारत की एक तस्वीर है
जिसमें
उत्तर प्रदेश में
डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी
साढ़े तीन साल में
एक भर्ती
नाम - असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51
पूरी नहीं हो सकी है।
हद तो यह हो गई कि
उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाया योगी जी ने,
उसमें अध्यक्ष सदस्यों की नियुक्ति की योगी जी ने,
परीक्षा कराई योगी जी ने,
परीक्षा के मूल्यांकन कार्य की निगरानी हेतु शासन द्वारा निगरानी समिति का गठन किया योगी जी ने,
परीक्षा परिणाम घोषित किया योगी जी ने,
उसके बाद भी परीक्षा को रद्द किया योगी जी ने,
साढ़े तीन साल में एक भर्ती पूरी नहीं हो रही है।
यही है उभरता भारत,
बदलता उत्तर प्रदेश।
शर्म आनी चाहिए
@PMOIndia@narendramodi@BJP4India@BJP4UP@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@PrashantK_IPS90
यहां हम सबने अपने 4 साल विज्ञापन 51 की परीक्षा की तैयारी और फिर उसके साक्षात्कार के लिए झोंक दिए। ना घर गए, न किसी की शादी अटेंड की, न ढंग से खाया। अपने कमरे में 4 अलग अलग जगह सिलेब्स लगाया था कि पूरा सिलेब्स याद हो जाए।कितनी बार लाइब्रेरी में बैठ के रोए हैं कि भगवान मेहनत करने की शक्ति दें जिससे यह एग्जाम निकाल के अपने मम्मी पापा को गौरवानवित कर सकें, लेकिन @myogiadityanath और @PrashantK_IPS90 आप लोगों ने पूरे जीवन की तपस्या पे अपने एक तानाशाही फैसले से पानी फेर दिया।
#withdraw_decision_to_cancel_AP51
@narendramodi@BJP4UP@ravish_journo@abhisar_sharma@ajitanjum@DainikBhaskar@JagranNews
@khurpenchh भाई, UP Adv 51 में बड़ा खेल हुआ है! 2022 से 2026 तक छात्रों को घुमाया और अब सब रद्दी? ये रिपोर्ट देखिए जो सिस्टम की पोल खोल रही है: https://t.co/cnyYatrSxx
हजारों छात्राओं के 4 साल बर्बाद कर दिए। ज़रा अपना 'खुरपेंच' चलाइये और आवाज़ बुलंद कीजिये! @yadavakhilesh
@INCIndia यूपी में #Adv51 के साथ क्रूर मजाक! 2022 से 2026 तक सिर्फ तारीखें मिलीं। एग्जाम और रिजल्ट के बाद अब सब रद्द! 4 साल की मेहनत और हज़ारों छात्राओं का भविष्य दांव पर है।क्या यही है युवाओं का न्याय?
सबूत: https://t.co/cnyYatrSxx
@RahulGandhi@kharge
#UPHESC_Adv51
@SupriyaShrinate जी, UP Adv 51 का हाल देखिए: 2022 में फॉर्म, 2025 में एग्जाम/रिजल्ट और Jan 2026 में बिना नोटिस सब रद्द! 4 साल बर्बाद।
सबसे ज्यादा मार उन छात्राओं पर पड़ी है जो घर संभाल कर तैयारी कर रही थीं। @AmitShah
सबूत: https://t.co/cnyYatrSxx
@yadavakhilesh@UPGovt