मैं पूर्णता की खोज में
दर-दर भटकता ही रहा
प्रत्येक पग पर कुछ न कुछ
रोड़ा अटकता ही रहा
निराशा क्यों मुझे?
जीवन इसी का नाम है,
चलना हमारा काम है।
शिव मंगल सिंह ‘सुमन’
मन जब वीरान हो गया हो तो उसपे किसी मौसम का असर नहीं होता है..एक व्यक्ति के जाने से सारा संसार निरर्थक लगने लगता है..हम चाह कर भी उस दुःख से उबर नहीं पाते हैं..हृदय लगातार टूटता है और महफिल में भी तन्हाई का अनुभव होता है..स्वयं के भीतर का सन्नाटा ही जीवन बन जाता है।
सर जी बिनम्र निवेदन हैँ कि लाइब्रेरियन कि 700 पदों कि बहाली upsssc से निकाले, पिछले 11 सालों से प्रदेश में लाइब्रेरियन कि भर्ती upsssc द्वारा नहीं हुई हैँ.
माननीय उपमुख्यमंत्री @brajeshpathakup जी आपके मंत्री #Waiting_List को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसे जवाब 👇 देते है और आप युवाओं के लिए जल्द से जल्द इसकी बात शासन तक पहुंचाने की बात कर रहे थे। अगर पुड़िया देने का सोच रहे हैं तो @BJP4UP को सत्ता में रखने का कोई कारण नहीं दिखता है।