"देश का हर दूसरा नागरिक OBC है, लेकिन क्या यहां संसद में हर दूसरा सांसद obc है!"
"OBC को मिलने वाली 9 लाख नौकरियां उन्हें नहीं दी गई।"
~ @sanjuydv Ji
जब आरक्षित कोटे की लाखों पद खाली पड़े है तो ये आरक्षण ज्यादा खाने वाली बात कौन धूर्त करता है?
'प्रशांत किशोर पांडे' को पूरे ब्रह्मांड की जानकारी होती है लेकिन 'मंगल पांडे' द्वारा किए गए Dustbin घोटाले की जानकारी इन्हें नहीं है। इसी को सॉफ्ट जातिवाद कहते हैं।
भाईचारा कायम रहे ❤️
ये BJP का मुजफ्फरपुर का विधायक है जो दो दर्जन गुर्गों के साथ वार्ड-48 में आम आदमी के घर में घुसकर मारपीट करता है, तांडव मचा कानून की धज्जियां उड़ाता है। जो इसकी नहीं सुनता उसका कुछ भी हो सकता है।
क्या बड़बोले मुख्यमंत्री में हिम्मत है गुंडे विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई करे? CM में हिम्मत नहीं क्योंकि वो पहले जाति देखेंगे, पीड़ित पक्ष की कोई सुनवाई नहीं। गोदी मीडिया भी विपक्ष का MLA होता तभी खबर करती। #crime #Bihar
ये हैं आज की नई आज़ादी के स्वतंत्रता सेनानी। ये उन लाखों-करोड़ों उम्मीद की किरणों में से एक हैं जो 5% सत्ताधारियों के भ्रष्टाचार, अत्याचार व उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हमारे 95% आबादीवाले पीडीए के संघर्ष की नई ऊर्जा हैं।
पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है। हर ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ पीडीए है।
हम सब पीड़ा के एक सूत्र में बंधे लोग हैं, इसीलिए हम कहते हैं : जो पीड़ित, वो पीडीए!
नौकरी मांगोगे! लाठी मिलेगी!
1 परिवार के वोट की कीमत ₹10 हज़ार!
उससे ज्यादा नहीं है इस सरकार का आपसे सरोकार!
पटना में BPSC TRE 4 विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का चल रहा था शांतिपूर्ण प्रदर्शन!
BJP JDU को नौकरी मांगते हुए नहीं; अपराध करते, गाली गलौज करते, शराब और सूखा नशा के आदी हो चुके और ₹10000 में अपना वोट बेचते युवा चाहिए!
सो लाठियां बरस गईं!
जेपी गोलंबर पर @bihar_police ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठीचार्ज किया। अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सर फोड़े, हाथ पाँव तोड़े!
इससे ज्यादा और क्या विकास चाहिए?
@yadavtejashwi
#RJD #bihar #TejashwiYadav
📍 पटना
बीजेपी एनडीए और उनकी गोदी मीडिया की कीर्तन मंडली महिला आरक्षण का ढिंढोरा पीटते है, महिला सशक्तिकरण की बात करते है। इन ढोंगियों से पूछना है कि:-
1. बिहार में इन्होंने कितनी महिलाओं को मंत्री बनाया?
2. क्या मंत्रिमंडल में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण दिया?
3. क्या इन्होंने महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण का आधा भी दिया?
4. क्या यह सच नहीं है कि बिहार मंत्रिमंडल में सम्मिलित जो चंद महिला मंत्री हैं वो सभी परिवारवादी है?
“BPSE TRE 4 के छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं। 2-3 परीक्षा रद्द हुई है, कोई सुनवाई नहीं। इनके बेटे-बेटी मंत्री बन रहे!
सम्राट चौधरी , निशांत कुमार , विजय चौधरी, श्रेयसी सिंह, अशोक चौधरी, नीतीश मिश्रा, रमा निषाद, शीला
मंडल , संतोष सुमन… लिस्ट लंबा है”
~ तेजस्वी जी
नेताओं के पुत्र, पुत्री ,पत्नी, बहू मंत्री बन मलाई खा रहे और अपनी मेहनत से नौकरी करने के माँग पर युवा लाठी खा रहे।
महिला पत्रकार ~ सर आप माननीय हैं ,विधायक हैं आप मुज़रा देख रहे थे?
सत्ता के नशे में डूबे विधायक जी ~ हम माननीय हैं तो हमारा आँख फुट गया है। पूरे बिहार में चल रहा है ,सब नाच देख रहा है!
बिहार में ग़रीब लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा में लाकर कितना शोषण किया जा रहा, इस पर एक स्टिंग ऑपरेशन हाल ही में हुआ था।
“मेरे साथ चलो, विधायक जी से मिलवा दूंगा। एक बार उन्होंने हाथ रख दिया तो जिंदगी बदल जाएगी। रानी बनाकर रखेंगे। इलाके के लोग सलाम ठोकेंगे”
ये शब्द कहे गए ऑर्केस्ट्रा में डांसर बनकर पहुंची महिला रिपोर्टर को। ऑर्केस्ट्रा महिलाओं के शोषण का सबसे बड़ा अड्डा है, जहां प्रशासन भी हाँथ नहीं लगाती!
क्यों हाथ नहीं लगाती अब आप समझ सकते हैं!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवारवाद के पोषक है इसका जीता-जागता उदाहरण दे रहा हूँ कि कैसे वंशवाद की बेल में 𝐏𝐌 खाद-पानी डाल परिवारवाद के संपोषक, संरक्षक और पालनहार बने हुए है।
𝟏. सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री, पिता- पूर्व मंत्री, माता- पूर्व विधायक, भाई- पूर्व विधायक प्रत्याशी, भाई- जेडीयू नेता
𝟐. विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री - पिता- पूर्व विधायक
𝟑. निशांत कुमार मंत्री - पिता- पूर्व मुख्यमंत्री ( पिता 𝟐𝟐 साल से चुनाव ही नहीं लड़े है), बेटा भी बिना चुनाव लड़े, बिना किसी संघर्ष, सामाजिक राजनीतिक कार्यों में योगदान व बिना रुचि के सीधे 𝐖𝐢𝐥𝐝 𝐂𝐚𝐫𝐝 𝐄𝐧𝐭𝐫𝐲 से मंत्री)
𝟒. नीतीश मिश्रा मंत्री - पिता- पूर्व मुख्यमंत्री, चाचा- पूर्व मंत्री
𝟓. संतोष सुमन मंत्री - पिता- पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान केंद्रीय मंत्री, पत्नी- विधायक, सास- विधायक, साढ़ू- दर्जा प्राप्त मंत्री
𝟔. दीपक प्रकाश मंत्री (बिना 𝐌𝐋𝐀-𝐌𝐋𝐂 बने) - पिता- सांसद-पूर्व मंत्री, माता- वर्तमान विधायक
𝟕. श्रेयसी सिंह मंत्री- पिता- पूर्व मंत्री, माता- पूर्व सांसद ,
𝟖. अशोक चौधरी मंत्री- पिता- पूर्व मंत्री, बेटी- वर्तमान सांसद
𝟗. सुनील कुमार मंत्री- पिता- पूर्व मंत्री, भाई- पूर्व सांसद
𝟏𝟎. रमा निषाद मंत्री- पति- पूर्व सांसद , ससुर - पूर्व केंद्रीय मंत्री
𝟏𝟏. शीला मंडल मंत्री - ससुर- पूर्व मंत्री, पूर्व राज्यपाल
𝟏𝟐. बुलो मंडल- मंत्री, पत्नी- पूर्व विधायक
𝟏𝟑. लेसी सिंह- मंत्री, पति- पूर्व जिला अध्यक्ष
𝟏𝟒. श्वेता गुप्ता मंत्री, पति- पूर्व लोकसभा प्रत्याशी (उनकी जाली सर्टिफिकेट वाला मामला सब जानते है)
𝟏𝟓. संजय टाइगर- मंत्री, भाई- पूर्व विधायक
𝟏𝟔. भगवान सिंह कुशवाहा- मंत्री, ससुर- वामपंथी नेता
𝟏𝟕. रामकृपाल यादव मंत्री- सुपुत्र- राजनीति में सक्रिय
शेष मंत्रियों के अधिकांश परिजन भी पंचायत से लेकर ऊपर तक जनप्रतिनिधि और राजनीति में सक्रिय है।
हमें चिंता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब किसे शहजादा, राजकुमार और युवराज कहेंगे? बेचारे प्रधानमंत्री को अब मंत्रिमंडल में बिहार के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों नीतीश कुमार, जीतनराम मांझी और जगन्नाथ मिश्रा के बेटों की अब युवराज और शहज़ादा कहकर संबोधन करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री जी के साथ बिहार में उनके गठबंधन में शामिल सभी पारिवारिक पार्टियां है- चाहे वो रामबिलास पासवान जी की पार्टी हो, नीतीश कुमार की पार्टी हो, जीतनराम मांझी की पार्टी हो या उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी हो। और उनकी ख़ुद की 𝐁𝐉𝐏 पार्टी हो- उन्होंने भी अधिकांश मंत्री परिवादी-वंशवादी ही बनाये है।
अगर हम मोदी जी से सवाल पूछ दें कि 🚨
• 100 स्मार्ट सिटी कहाँ हैं?
• महंगाई कब कम होगी?
• गंगा कब साफ़ होगी?
• किसान की आय दुगुनी कब होगी?
तो जवाब मिलेगा —
‘मुझसे क्यों पूछते हो? जाओ शि जिनपिंग, ट्रंप या मनमोहन सिंह से पूछो!’ 😂😂
मोदी जी सवाल से नहीं, ज़िम्मेदारी से डरते हैं!
भाजपा के अपने ‘भाजपाई महाभ्रष्टाचार : ट्रेनिंग मैन्युअल’ में एक अध्याय का नाम है - ’कॉरीडोर करेप्शन’
- कैसे नियंत्रण, धन, संपत्ति, कोष को हथियाएं
- कैसे सरकारीकरण करें
- कैसे चढ़ावे को बेचकर भाजपाई अपनी जेब भरें
- कैसे सुविधाओं के नाम पर जनता को गुमराह करें
- कैसे परिसरीय ज़मीन पर क़ब्ज़ा करें
- कैसे मुआवज़े के नाम पर कमाई करें
- कैसे ज़मीनों को औने-पौने दामों में ख़रीदें
- कैसे बाद में दसों गुना रेट पर ज़मीन बेचें
- कैसे छोटी दुकानों और उनकी कमाई को मटियामेट कर दें
- कैसे बड़े शोरूमों से इकट्ठा पैसा लेकर उन्हें स्थानीय लोगों का कारोबार छीन कर दे दें
- कैसे स्थानीय कारीगरी की कलाकृतियों की दुकानें उजाड़ें
- कैसे परंपरागत व्यवसायवालों को ये स्थान छोड़ने पर मजबूर करें
- कैसे बड़े व्यापारियों से कमीशन खाकर उनका सामान बेचें
- कैसे लोगों के जीवनयापन का साधन व घर-दुकान छीनकर सदियों से बसे लोगों को उजाड़ें
- कैसे अपने बाहरी लोगों को लाभ पहुँचाकर यहाँ स्थापित करें
- कैसे बाहरी लोगों के सहारे राजनीति करें
- कैसे स्थानीय-बाहरी में विभाजन करें
- कैसे चुनावी गणित को बदलें
- कैसे आस्था को व्यापार बनाएं…
एक सीधा सवाल ये है कि कॉरीडोर या विकास के नाम पर जो भी गोरखधंधा हो रहा है अगर उसका लाभ स्थानीय लोगों को मिला होता तो भाजपा ऐसी जगहों पर क्यों हारती या हारते-हारते बचती जहाँ ये सब हुआ है।
BTSC JE 01/2019 रद्द विज्ञापन को रिस्टोर कर SPL 7257/2023 में अन्यायपूर्ण जजमेंट दे कर बिहार की 14 करोड़ जनता की जीवन खतरे में डाल दी है, फर्जी इंजीनियर पुल पुलिया भवन सड़क बनायेगे तो मानव जीवन कितना सुरक्षित है?
Curative फ़ाइल किया हूँ @KapilSibal सर न्याय से उमीद अभी भी है।
आज जस्टिस बेला त्रिवेदी का सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर आखिरी दिन था। उन्हें वकीलों ने मुंह नहीं लगाया।
नरेंद्र मोदी ने उन्हें जज के तौर पर एक आखिरी काम दिया था कि ED के मामलों में विपक्षी नेताओं की जमानत ना हो पाए। इस काम को बेला जी ने बखूबी निभाया। उम्मीद है कि नरेंद्र साहब उन्हें उचित सम्मान देकर उनकी रिटायर्ड जिंदगी को गुलज़ार करेंगे।
बेस्ट विशेज बेला।
@RoflGandhi_ BTSC JE 01/2019 रद्द विज्ञापन को रिस्टोर कर SPL 7257/2023 में अन्यायपूर्ण जजमेंट दे कर बिहार की 14 करोड़ जनता की जीवन खतरे में डाल दी है, फर्जी इंजीनियर पुल पुलिया भवन सड़क बनायेगे तो मानव जीवन कितना सुरक्षित है?
Curative फ़ाइल किया हूँ @KapilSibal सर न्याय से उमीद अभी भी है।
सिर्फ़ सुरक्षा में चूक से लोगों की जान नहीं गई, गोदी मीडिया की बेईमानी से भी लोग मरे हैं। इस मीडिया ने सुरक्षा को लेकर सवाल करना बंद कर दिया। भाई आप केमिस्ट्री में फेल हो गए उसका जवाब दें। आप गणित में कितना नंबर लाकर दिखा देंगे, इसे लेकर मत फुफकारिए। कहने का मतलब है कि आपने सुरक्षा नहीं दी, लोगों का जीवन मिट्टी में मिल गया। आपकी वजह से हुआ। उसका हिसाब दें। जवाबदेही तय करें फिर जिसे मिट्टी में मिलाना है मिलाइये। वो तो आपका काम ही है।
आप तो मिट्टी में ही मिलाने के एक्सपर्ट हैं। आपने मीडिया मिट्टी में मिला दिया, संस्थाओं को मिट्टी में मिला दिया तो आपमें पूरा भरोसा है सर। जेल में बंद करने और छापा मार कर चुप कराने के अलावा और क्या आता है। इसी से लोगों की आवाज़ मिट्टी में मिल गई है वरना आप उस आवाज का सामना नहीं कर पाते।
आतंकवाद मिटाने के लिए आपने नोटबंदी की थी, लोगों की कमाई मिट्टी में मिल गई। एक नोटबंदी और कर दीजिए। गोदी मीडिया माहौल बना देगा। मोदी की ललकार, फुंफकार और हुंकार बोल कर। इससे कम बहादुरी में एक प्रेस कांफ्रेंस हो सकती है।
क्या आपसे किसी ने नहीं कहा कि मिट्टी में मिला देंगे टाइप के डॉयलॉग प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देते। वो भी तब जब आप केमिस्ट्री में फेल हो गए हों। ऐसी भाषा का प्रयोग दसवीं क्लास का बच्चा वाद विवाद प्रतियोगिता में करता है।जब तर्क और विवेक नहीं होता तो वीर रस की सस्ती कविताएँ ठेल देता है। अपने भाषण का स्तर तो ठीक कीजिए। अंग्रेज़ी श्रेष्ठ भाषा है। बोलते रहिए। इंगलिस बोलने से कुंठा दूर होती है।