@Jduonline@NitishKumar@yadavtejashwi@officecmbihar अंक आधारित बहाली प्रक्रिया का दुष्परिणाम है की बिहार के सरकारी संस्थान के छात्र रोजगार के इतना अवसर होते हुए भी बेरोजगार है। प्रतियोगी परीक्षा ही हो कनीय अभियंता के नियुक्ति का एकमात्र आधार।
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@PriyanshuVoice तुम अपना बताओ तुम और तुम्हारा परिवार पियेंगे? सोशल मीडिया पर लिखना अलग चीज है लिखने में अच्छा लगता है पर खुद भी करना पड़े तो नहीं करता है। हर जाति के नीचे जाति है अपने से ऊपर के तथाकथित जाति सेसबको पीड़ा है परजिस जाति से तथाकथित तौर पर वह खुद ऊपर समझता है उसके साथ ऐसा ही करता है
@activistritu बिल्कुल सही आकलन है मैडम सिर्फ शराबबंदी हटाने के लिए नीतीश कुमार को cm पद से हटाया जा रहा है। इतनी वरिष्ठ नेत्री को इतनी हल्की बाते नहीं करनी चाहिए।
अब जो प्रोटेस्ट करते हैं वो नक्सली होते हैं, देशद्रोही होते हैं!
जब मैं मीडिया में आया था, प्रत्येक दूसरे दिन दिल्ली में कोई न कोई प्रोटेस्ट होते रहता था। कभी मजदूर संगठनों का प्रोटेस्ट, कभी छात्रों का, कभी बैंक कर्मियों का, कभी व्यापारियों का, कभी डॉक्टर्स का, कभी किसानों का, कभी पत्रकारों का।
कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ, कभी कालाधन के खिलाफ, कभी महंगाई पर, कभी बेरोजगारी पर,
कभी महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर, कभी पर्यावरण बचाने के लिए ... और न जाने कितने तरह के प्रोटेस्ट होते थे और हम कवर करते थे। कभी जंतर मंतर, कभी रामलीला मैदान, कभी इंडिया गेट, कभी प्रेस क्लब, कभी विजय चौक। चैनलों पर प्रोटेस्ट की खबरें चलती भी थीं।
हम नए थे तो, प्रोटेस्ट कवर करने की जिम्मेदारी हमें मिलती थी। अमूमन नए रिपोर्टर ही छोटे मोटे प्रोटेस्ट कवर करते थे। 2019 तक आते आते प्रोटेस्ट कम हो गए।
अब लोग प्रोटेस्ट नहीं करते! टीवी चैनलों पर प्रोटेस्ट की खबरें नहीं चलतीं! अब जो प्रोटेस्ट करते हैं वो नक्सली होते हैं, देशद्रोही होते हैं! समय बदल गया है। देश बदल गया है।
पटना पुलिस को इस तरह का बर्ताव करने का अधिकार संविधान के कौन सा अनुच्छेद से मिला है। महिला के सामने इतना भद्दा गाली का इस्तेमाल यह पुलिस कैसे कर सकता है? @dm_patna@NitishKumar@yadavtejashwi@News18Bihar
सर्वेक्षण कर्मी 5 वर्षों से भूमि सर्वे का कार्य कर रहे थे इन्होंने सरकार सेवा नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, जीवन सुरक्षा की मांग की बदले में सरकार ने नौकरी से बर्खास्त कर दी अब नौकरी वापस मांग रहे हैं तो लाठी मार के सर फोड़ रही है । निकम्मी सरकार युवाओं के सब्र का इम्तहान ले रही है।
रोज़गार मांगने पर मिलती है लाठी,
अधिकार की जगह मिलता है अत्याचार।
बिहार के युवा अबकी बार इस गुNDA सरकार को उसकी असली जगह दिखाएंगे - उल्टी गिनती चालू हो गई है।
बिहार के विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की समस्याओं एवं उनकी पाँच सूत्री मांगों के समाधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बिहार मै राष्ट्रपति शासन है
लोकतांत्रिक तरीके से धरना देने पर संविदा कर्मी को जॉब से निकाल दिया गया
10000 कर्मी नहीं 13 लाख वोट आप का जाना तय है नीतीश जी
अब हर गांव में यही कर्मी जा कर आपके तानाशाह अफसर और आपके बारे में बताएंगे
@TheLallantop@aajtak@NitishKumar@ABPNews
बिहार में 7,000 से अधिक संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त. ये सभी कर्माचारी हड़ताल पर थे.
सरकार की ओर से इन्हें काम पर लौटने के लिए डेडलाइन दी गई थी, लेकिन ये काम पर वापस नहीं लौटे. जिसके बाद सरकार ने इनकी सेवाएं समाप्त कर दीं.
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"If we are not together for real reasons like kids, security or emotional support. Then we should be together for unreal reasons like happiness, good company and comfort ".