The government must issue new guidelines for social media after the Ranveer Allahabadia case. All online streaming apps must have a parent safe option in which abuses are beep and sensitive scenes will be auto skipped and this should be a lock option. @GoI_MeitY@MIB_India
Couldn’t agree more @elonmusk
I started my career on the shop floor of an auto plant.
And have never stopped being in awe of the relentless effort & non-stop problem solving that goes into making products at high volume.
The heroes of manufacturing do indeed deserve to have films made about them.
More so because the films we make of our cars being manufactured get large viewership on YouTube
So there’s certainly an audience out there looking for more…
Chandrayaan-3 Mission:
'India🇮🇳,
I reached my destination
and you too!'
: Chandrayaan-3
Chandrayaan-3 has successfully
soft-landed on the moon 🌖!.
Congratulations, India🇮🇳!
#Chandrayaan_3#Ch3
मुझे 10 min तो ये search करने में लगे की ये कौन सी virus app है मेरे phone में है और मुझे ही नही पता और इसका update भी आ गया ।। 😀😀😀.
इससे एक कहावत चरितार्थ होती है
"**** के हाथ में नारियल"
रामकथा से पहला पाठ जो कोई सीख सकता है, वो है हर भावना का सम्मान करना.
सही या ग़लत, समय के अनुसार बदल जाता है, भावना रह जाती है.
आदिपुरुष में 4000 से भी ज़्यादा पंक्तियों के संवाद मैंने लिखे, 5 पंक्तियों पर कुछ भावनाएँ आहत हुईं.
उन सैकड़ों पंक्तियों में जहाँ श्री राम का यशगान किया, माँ सीता के सतीत्व का वर्णन किया, उनके लिए प्रशंसा भी मिलनी थी, जो पता नहीं क्यों मिली नहीं.
मेरे ही भाइयों ने मेरे लिये सोशल मीडिया पर अशोभनीय शब्द लिखे.
वही मेरे अपने, जिनकी पूज्य माताओं के लिए मैंने टीवी पर अनेकों बार कवितायें पढ़ीं, उन्होंने मेरी ही माँ को अभद्र शब्दों से संबोधित किया.
मैं सोचता रहा, मतभेद तो हो सकता है, लेकिन मेरे भाइयों में अचानक इतनी कड़वाहट कहाँ से आ गई कि वो श्री राम का दर्शन भूल गये जो हर माँ को अपनी माँ मानते थे.
शबरी के चरणों में ऐसे बैठे, जैसे कौशल्या के चरणों में बैठे हों.
हो सकता है, 3 घंटे की फ़िल्म में मैंने 3 मिनट कुछ आपकी कल्पना से अलग लिख दिया हो, लेकिन आपने मेरे मस्तक पर सनातन-द्रोही लिखने में इतनी जल्दबाज़ी क्यों की, मैं जान नहीं पाया.
क्या आपने ‘जय श्री राम’ गीत नहीं सुना,
‘शिवोहम’ नहीं सुना,
‘राम सिया राम’ नहीं सुना?
आदिपुरुष में सनातन की ये स्तुतियाँ भी तो मेरी ही लेखनी से जन्मी हैं.
‘तेरी मिट्टी’ और ‘देश मेरे ’भी तो मैंने ही लिखा है.
मुझे आपसे कोई शिकायत नहीं है, आप मेरे अपने थे, हैं और रहेंगे.
हम एक दूसरे के विरुद्ध खड़े हो गये तो सनातन हार जायेगा.
हमने आदिपुरुष सनातन सेवा के लिए बनायी है, जो आप भारी संख्या में देख रहे हैं और मुझे विश्वास है आगे भी देखेंगे.
ये पोस्ट क्यों?
क्योंकि मेरे लिये आपकी भावना से बढ़ के और कुछ नहीं है.
मैं अपने संवादों के पक्ष में अनगिनत तर्क दे सकता हूँ, लेकिन इस से आपकी पीड़ा कम नहीं होगी.
मैंने और फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक ने निर्णय लिया है, कि वो कुछ संवाद जो आपको आहत कर रहे हैं,
हम उन्हें संशोधित करेंगे, और इसी सप्ताह वो फ़िल्म में शामिल किए जाएँगे.
श्री राम आप सब पर कृपा करें!
#Adipurush #JaiShreeRam
आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए अविस्मरणीय है। संसद का नया भवन हम सभी को गर्व और उम्मीदों से भर देने वाला है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह दिव्य और भव्य इमारत जन-जन के सशक्तिकरण के साथ ही, राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को नई गति और शक्ति प्रदान करेगी।
मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि કામ કરો બુદ્ધિથી, જીવન જીવો શુદ્ધિથી यानि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।