ग्वालियर में कुछ वकील बाबा साहब की प्रतिमा का विरोध कर रहे हैं।
शर्म आनी चाहिए — जिनकी क़लम को ताक़त बाबा साहब के संविधान ने दी, वही आज उसी संविधान निर्माता का अपमान कर रहे हैं।
वकालत की डिग्री मिली है, इंसानियत की नहीं?
याद रखो, इतिहास गवाह है — जो बाबासाहब से टकराया, वो मिट गया।
हरियाणा में वाल्मीकि समाज को पानी भरने के लिए 6,7 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है क्योंकि गांव में उनका बहिष्कार करके रखा है, वर्गीकरण वालों कहां हो जाओ पहले पानी दिलाओ गांव वालों को।।
सर्विस पाने के बाद SC/ST/OBC वर्ग के लोगों द्वारा अपनी जाति छुपाने वालों के लिए "दृष्टि IAS"कोचिंग सेंटर के Dirctor दिव्य कीर्ति सर ने कितनी सुन्दर बात कही।इनकी इस विशेष बात को अपने जन समाज और वर्ग हितार्थ को अवश्य अमल में लाना चाहिए_उदाहरण...परम पूज्य बाबा साहब जी
UP : हैंडपंप से पानी पीने पर कथित तौर पर दलित युवकों की पिटाई, दी गई जातिसूचक गालियां!
- प्रयागराज के कौंधियारा क्षेत्र के देवर गांव का मामला, थाने में दी तहरीर.
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