नरेंद्र मोदी एक दिन हमारे हाथ में कटोरा थमा देंगे।
उन्हें देश और महंगाई से कोई मतलब नहीं है- 'मस्तराम मस्ती में आग लगे बस्ती में'।
- महंगाई बढ़ने पर भड़की देश की जनता
बड़े बड़े बहस से अच्छा है बाबा !
युवाओं को 3 हजार रुपए प्रति माह देने से अच्छा है कि आप उन्हें रोजगार देने में मदद करे ताकि वह महापुरुष बन सके
कड़वी है पर सत्य है!
आप 5 तारीख को भाजपा की सरकार बना दो, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाकर चार शादियों पर प्रतिबंध लगा देंगे।
सभी सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का फायदा देंगे।
सभी बेरोजगार युवाओं और दीदियों के खाते में हर महीने 3,000 रुपये भेजेंगे।
सरकारी नौकरियों में माताओं-बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये बच्चे की देखभाल के लिए दिए जाएंगे।
आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का मुफ्त इलाज देंगे।
सरकारी नौकरी के लिए जिन युवाओं की उम्र सीमा समाप्त हो गई है, उन्हें पांच साल की छूट दी जाएगी।
किसानों को 9,000 रुपये किसान सम्मान निधि दी जाएगी।
- श्री @AmitShah
#BJPInTMCOut
एक साधारण दिखने वाली महिला को ट्रेन से उतार दिया गया… वजह - “टिकट नहीं है”
लेकिन कुछ ही देर बाद सच्चाई सामने आई, और पूरा रेलवे सिस्टम हिल गया।
दिल्ली से लखनऊ जा रही एक्सप्रेस अपने पूरे वेग में थी। एसी कोच में बैठे लोग अपनी-अपनी दुनिया में डूबे थे - कोई मोबाइल में, कोई नींद में, तो कोई परिवार के साथ बातचीत में।
उसी कोच के एक कोने में एक महिला बैठी थी। साधारण कपड़े, शांत चेहरा, लेकिन आँखों में अजीब-सा आत्मविश्वास। वह बार-बार मोबाइल देख रही थी - नेटवर्क गायब था, और उसे अपना ई-टिकट खोलना था।
तभी कोच में टीटीई राजेश दाखिल हुआ। सख्त रवैया, तेज आवाज - यही उसकी पहचान थी।
“टिकट दिखाइए,” उसने रुखाई से कहा।
महिला ने विनम्रता से जवाब दिया,
“सर, मोबाइल में है… बस नेटवर्क आने दीजिए।”
राजेश झल्ला गया -
“मुझे बहाने नहीं सुनने, जल्दी दिखाइए!”
महिला ने शांत रहकर कहा,
“आप चाहें तो पीएनआर चेक कर लीजिए…”
लेकिन राजेश ने सुनना जरूरी नहीं समझा।
चार्ट देखा, नाम जल्दी में छूटा… और फैसला सुना दिया -
“अगले स्टेशन पर उतरिए। बिना टिकट सफर कर रही हैं।”
पूरा डिब्बा खामोश हो गया।
लोगों की नजरें बदल गईं… शक, तिरस्कार, दूरी।
महिला ने सिर्फ इतना पूछा -
“क्या आपको पूरा भरोसा है अपने फैसले पर?”
राजेश बोला -
“मैं अपना काम कर रहा हूँ।”
🚉 ट्रेन रुकी… और महिला उतर गई।
जैसे ही प्लेटफॉर्म पर कदम रखा, नेटवर्क वापस आ गया।
मोबाइल खुला… टिकट कन्फर्म था।
महिला मुस्कुराई… और एक कॉल मिलाया -
“मैं ट्रेन नंबर 12578 से उतारी गई हूँ… तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचना दीजिए।”
बस… यहीं से खेल पलट गया।
कुछ ही मिनटों में स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
फोन पर एक ही सवाल -
“क्या रेलवे बोर्ड की सीनियर अधिकारी वहाँ मौजूद हैं?”
स्टेशन मास्टर भागते हुए प्लेटफॉर्म पहुँचा…
और महिला को देखते ही समझ गया - गलती बहुत बड़ी हो चुकी है।
उधर ट्रेन को अगले स्टेशन पर रोकने का आदेश जारी हुआ।
टीटीई राजेश के पैरों तले जमीन खिसक गई।
“जिसे उतारा था… वो सीनियर अधिकारी निकली…”
उसका गला सूख गया।
कुछ देर बाद, ऑफिस के कमरे में आमना-सामना हुआ।
राजेश ने हाथ जोड़ दिए -
“मैम, गलती हो गई…”
महिला ने शांत लेकिन तेज आवाज में कहा -
“गलती?
गलती तब होती है जब अनजाने में हो…
आपने तो मुझे बोलने तक का मौका नहीं दिया।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
फिर उसने अपना मोबाइल टेबल पर रखा -
ई-टिकट साफ दिख रहा था।
राजेश की आँखें झुक गईं।
“आपको क्यों लगा मैं झूठ बोल रही हूँ?”
महिला ने सीधा सवाल किया।
कुछ पल चुप्पी… फिर जवाब आया -
“मैम… आपके कपड़े…”
कमरे में बैठे हर इंसान ने सच्चाई समझ ली।
महिला बोली -
“तो साधारण कपड़े पहनने वाला इंसान झूठा होता है?”
राजेश टूट गया।
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई।
महिला ने कहा -
“अगर मैं अधिकारी नहीं होती… तो आज एक आम इंसान के साथ क्या होता?”
यह सवाल सीधे सिस्टम पर वार था।
फिर उसने एक रिकॉर्डिंग चलाई…
जिसमें हर शब्द कैद था -
रुखाई, जल्दबाजी, और अपमान।
अब फैसला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं था -
पूरा सिस्टम कटघरे में था।
जांच शुरू हुई…
और जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया -
👉 बिना वजह जुर्माने
👉 टिकट होते हुए भी फाइन
👉 और कई जगह रिश्वत के मामले
अगले ही दिन बड़े फैसले हुए -
✔ कई टीटीई सस्पेंड
✔ अधिकारियों पर जांच
✔ नया नियम - बिना पूरी जांच के कोई यात्री नहीं उतारा जाएगा
राजेश डरा हुआ था… उसे लगा नौकरी खत्म।
लेकिन उसे बुलाया गया।
महिला ने कहा -
“सजा मिलेगी… लेकिन सुधार का मौका भी।”
उसे ट्रेनिंग पर भेजा गया।
कुछ महीने बाद…
वही ट्रेन, वही रूट… लेकिन राजेश बदल चुका था।
अब उसकी आवाज में सख्ती नहीं, संवेदनशीलता थी।
एक बुजुर्ग महिला टिकट ढूंढ रही थी…
वह मुस्कुराकर बोला -
“आराम से देखिए, कोई जल्दी नहीं।”
तभी पीछे से आवाज आई -
“लगता है आपने सीख लिया…”
वह मुड़ा -
वही महिला खड़ी थी।
राजेश ने सम्मान से सिर झुका दिया।
महिला ने कहा -
“अब आप सही मायनों में अधिकारी हैं।”
✨ अंतिम संदेश:
पद नहीं, व्यवहार इंसान को बड़ा बनाता है।
और सिस्टम तब बदलता है… जब सोच बदलती है।
आज लोकसभा में क्षेत्र से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनहितकारी मुद्दे को प्रमुखता से सदन में उठाया।
डिब्रूगढ़–नई दिल्ली अप एवं डाउन ट्रेन, जो लखनऊ, वाराणसी, बलिया एवं हाजीपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है, उसका ठहराव रायबरेली एवं अमेठी जैसे महत्वपूर्ण जनपदों में नहीं है। इसके कारण इन क्षेत्रों के लाखों नागरिकों को इस महत्वपूर्ण रेल सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यह भी उल्लेखनीय है कि सामान्यतः इस ट्रेन का ठहराव लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर बताया जाता है, किन्तु इसके मार्ग में ऐसे कई स्टेशन भी हैं जहाँ यह ट्रेन 30 से 90 किलोमीटर के अंतराल पर भी रुकती है। ऐसे में अमेठी एवं रायबरेली जैसे शैक्षिक एवं औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इस सुविधा से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है।
रायबरेली एवं अमेठी दोनों ही महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन हैं, जहाँ NTPC, रेल कोच फैक्ट्री तथा राजीव गांधी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (अमेठी) जैसे प्रमुख संस्थान स्थित हैं। इन संस्थानों के कारण देशभर से कर्मचारी, छात्र एवं यात्रियों का निरंतर आवागमन बना रहता है। साथ ही, रायबरेली–अमेठी क्षेत्र को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली यह एकमात्र सीधी ट्रेन है, जिससे इसकी उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।
अमेठी एवं रायबरेली में अनेक शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाइयाँ एवं बड़ी संख्या में यात्रियों की नियमित आवाजाही होती है। यदि इस ट्रेन का ठहराव इन स्टेशनों पर सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों, श्रमिकों, व्यवसायियों एवं आमजन को अत्यंत लाभ मिलेगा।
खबरदार, सरेंडर जी आपको मूर्ख बना रहे है⚠️
2013 में कच्चा तेल: $108/barrel था, तब भारत में पेट्रोल ₹70 लीटर था।
2026 की शुरुआत में कच्चा तेल: $60 से $75 barrel के बीच रहा,
फिर भी पेट्रोल ~₹95 से ₹100 लीटर के आसपास रहा।
अब लूट का एक हिस्सा एक्साइज ड्यूटी घटाकर “राहत” नाम की नौटंकी की जा रही है, सारे मंत्री मीडिया बाइट दे रहे है।
और इस छूट का फायदा जनता को नही, तेल कंपनियों को मिलने वाला है।
किसको मूर्ख बना रहे है सरेंडर जी?
अमेठी से Army Recruiting Office Amethi (ARO) को अयोध्या शिफ्ट करने का फैसला युवाओं पर भारी पड़ेगा।
अब भर्ती प्रक्रिया के लिए बाहर जाना पड़ेगा—खर्च, समय और परेशानी सब बढ़ेगी।
क्या अमेठी से सुविधाएं छीनना ही विकास है? 🤔
#Amethi#IndianArmy#Youth#Agniveer#Ayodhya#UPNews#Rozgar
महोदय मैने प्रार्थी से वार्ता कर जन सुविधा केन्द्र पर ऑनलाइन कराने के लिए भेजा था किन्तु प्रार्थी द्वारा बताया जा रहा कि विभाग से लॉक कर दिया गया है कृपया लॉक को हटवाकर प्रार्थी के विंकलांग की पात्रता की जांच सुनिश्चित कराया जाए!
@AmethiCmo@DmAmethi
#अमेठी जिले के विकासखण्ड संग्रामपुर के प्रार्थी का दिव्यांग प्रमाण पत्र पहले 60% था, लेकिन बिना स्पष्ट कारण के इसे 40% कर दिया गया है। कृपया इसकी जांच कराकर सही प्रतिशत बहाल किया जाए।
प्रार्थी का मो० न० 7618847744
@DmAmethi@AmethiCmo@cdoamethi@KLSharmaINC@UPGovt@CMOfficeUP
Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।
फार्मासिस्ट बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर सामने आया है।
560 पदों पर भर्ती के लिए UPSSSC जल्द नोटिफिकेशन जारी करेगा, PET 2025 के आधार पर लिखित परीक्षा होगी और 9 मार्च से 29 मार्च तक अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।