@Gannu_j इसके अतिरिक्त, महाभारत के वनपर्व में इंद्र स्वयं कार्तिकेय को देवसेना का सेनापति अभिषिक्त करते हैं—वहाँ महादेव द्वारा अपना सेनापति-पद पुत्र को हस्तांतरित करने की बात नहीं है। यदि ऐसा पद-हस्तांतरण बताया जाता है, तो उसका स्पष्ट ग्रंथ, अध्याय और श्लोक प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
@Gannu_j तैत्तिरीय उपनिषद् सृष्टि, जीवन और लय का मूल ब्रह्म को बताता है; केन उपनिषद् में इंद्र उमा से ब्रह्म का परिचय प्राप्त करते हैं और देवताओं की विजय ब्रह्म की शक्ति से होती है। श्वेताश्वतर उपनिषद् 3.2 रुद्र को सृष्टि करने वाला तथा प्राणियों के भीतर स्थित परम तत्त्व बताता है।
@elonmusk Dear Elon,
India is a sovereign democracy, not a market waiting for your permission slip. Competition is welcome, but regulatory compliance isn’t optional just because you’re a billionaire.
And a gentle reminder: India’s digital revolution wasn’t waiting for Starlink to arrive.
@elonmusk Dear Elon,
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हाँ, भाई बुल्स! आ गया स्वाद!
दो दिन का टेक्निकल बाउन्स आया सब उछलने लगे। 21800 आने वाला है प्रभु! यदि क्वार्टरली रिजल्ट्स ठीक नहीं रहे तो!
#Nifty#Nifty50#StockMarketCrash
@TheKhelIndia This time, we won medals in some new events, but failed to sustain our previous performance in athletics, badminton, lawn tennis, weightlifting, and shooting.
बहुत निकृष्ट मानसिकता का व्यक्ति है ये शैलेंद्र। कितने ही लोगों का भारी नुकसान करके ख़ुद का पैसा बनाया और बेशर्म बातें बड़ी बड़ी करता है।
#ShailendraJha
@Ajaykumaarji देशद्रोही था ये इसकी मुंबई बम धमाके में भूमिका रही थी। अब ये विक्टिम कार्ड खेल रहा है। सिगरेट नहीं मिलती थी इसको खाना पानी मिलता था ना! पैरोल पर बार बार बाहर आया और पैसे और रसूख के बूते जेल से बाहर।
ये क्या बात करेगा।
स्वप्न मातंगी साधना मंत्र
॥ ॐ नमो स्वप्न मातङ्गिनी, सत्य भाषिणी !
स्वप्नं दर्शय स्वाहा ॥
यह मंत्र माँ स्वप्न मातंगिनी से स्वप्न के माध्यम से दर्शन अथवा उचित संकेत प्रदान करने की प्रार्थना के भाव से जपा जाता है।
साधना विधि
रात्रि में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शांत एवं पवित्र स्थान पर माँ मातंगी का चित्र अथवा यंत्र स्थापित करें।
माँ के समक्ष दीपक और धूप अर्पित करें। कुछ क्षण शांत होकर माँ मातंगी के दिव्य स्वरूप का ध्यान करें।
इसके बाद अपने मन में संकल्प करें—
“हे माँ स्वप्न मातंगिनी! यदि मैं आपकी कृपा के योग्य हूँ, तो मेरे स्वप्न में उचित संकेत, ज्ञान अथवा मार्गदर्शन प्रदान करें।”
अब श्रद्धापूर्वक स्वप्न मातंगी मंत्र का जप करें—
॥ ॐ नमो स्वप्न मातङ्गिनी, सत्य भाषिणी !
स्वप्नं दर्शय स्वाहा ॥
जप पूर्ण होने के बाद कुछ समय तक माँ का ध्यान करें और फिर शांत मन से निद्रा में जाएँ।
प्रातः जागने के बाद यदि कोई विशेष स्वप्न याद हो तो उसे तुरंत लिख लें। स्वप्न के प्रत्येक दृश्य को निश्चित भविष्यवाणी या प्रत्यक्ष देवी-दर्शन न मानें; उसके प्रतीकों और अपने अंतर्मन के भावों को शांतिपूर्वक समझने का प्रयास करें।
विशेष अष्टक
मातंगी मातः शरणं प्रपद्ये।
वाणीस्वरूपे वरदे नमस्ते॥
स्वप्नप्रदात्रि करुणामयी त्वं।
मातंगि देवि प्रणमामि नित्यम्॥
सत्यस्वरूपे शुभदर्शने त्वं।
ज्ञानप्रदात्रि हृदि स्थितासि॥
अज्ञानतिमिरं विनाशयित्वा।
मातंगि मातः कृपया प्रसीद॥
हरितप्रभे दिव्यकलास्वरूपे।
वीणाविनोदे मधुरस्वरूपे॥
स्वप्नेऽपि मातः कृपया प्रदेहि।
ज्ञानं विवेकं च शुभं प्रसन्नम्॥
साधना का भाव
स्वप्न मातंगी साधना का उद्देश्य केवल स्वप्न में देवी का स्वरूप देखना नहीं, बल्कि मन को एकाग्र करना, अंतर्मन को शांत करना और माँ मातंगी के ज्ञानस्वरूप का ध्यान करना है।
श्रद्धा, संयम और सात्त्विक भाव के साथ की गई साधना को ही प्रधानता दें। तांत्रिक साधना में यदि गुरु-दीक्षा प्राप्त हो तो गुरु द्वारा दिए गए मंत्र एवं निर्देशों का ही पालन करें।
॥ श्री स्वप्न मातंगिन्यै नमः ॥
॥ श्री मातंग्यै नमः ॥
॥ जय माँ मातंगी ॥