गाँधी खानदान ने ये किया वो किया खानदान खानदान खानदान - कांग्रेस प्रवक्ता
जवाब - तुम्हारा नाम चोरी का "गाँधी" तुम्हारा काम चोरी का “हेराल्ड” तुम्हारी कुर्सी चोरी की
चोर हो और कोई खानदान वांदान नहीं है
बाक़ी ये बीच में बोलते क्यों हैं इतना काँग्रेसी इनको घर पर कोई सुनता नहीं क्या ??
स्पेन यूरोपीय देशों में अंतिम था, जिसमें संघर्ष का माद्दा था।
उसने वर्ष 1492 में 750 वर्षों के अपने संघर्ष को पूर्णाहुति दी और देश को हर तरह की गुलामी से आजाद करा लिया।
स्पेन के इतिहास के आधार पर कई लोग यह मानते हैं कि यूरोप में संघर्ष का माद्दा है और वो कमबैक करता है पर ये अब सत्य नहीं है।
अब न तो फ्रांस, न जर्मनी, न इंग्लैंड और न ही कोई और देश (पोलैंड थोड़ा अपवाद है) कुछ संघर्ष करने की स्थिति में है क्यूंकि ईसाईयत एक मज़हब के रूप में वहां अपनी आयु पूरी कर चुका है और अब उसे लेकर वहां की आबादी में न तो कोई आकर्षण बचा है और न ही प्रतिरोध और संघर्ष का कोई माद्दा।
स्पेन प्रतिकार कर सका था तो इसलिए क्योंकि चर्च वहां के लोगों की पांथिक आस्थाओं को तक्वियत दे सकने की स्थिति में था, जो अब यूरोप में कहीं भी नहीं है।
रोमन कैथलिक चर्च भी ये बात जानती है और इसलिए उसका अब सारा जोर एशियाई और अफ़्रीकी देशों में अपना मत विस्तार कर इस कमी को पूरा करना है, यूरोप में ईसाईयत बचेगी, इसे लेकर स्वयं वेटिकन भी आश्वस्त नहीं है।
मज़हबी लड़ाई बिना मज़हबी प्रेरणा के लड़ी ही नहीं जा सकती।
इसके बरअक्स इस्लाम बड़ी तेजी से उन देशों में फ़ैल रहा है। जर्मनी, बेल्जियम, इंग्लैंड आदि यूरोपीय मुल्कों में इस्लाम का दावती बहाबी विचार और कथित उदारवादी अहमदिया विचार दोनों बड़ी तेजी से फ़ैल रही है और इसका कोई तोड़ चर्च के पास नहीं है।
कुरआन और हदीसों की पेशीनगोई के मुताबिक दुनिया में हनुद और यहूद को छोड़कर बाकी सब इस्लाम के साथ मैत्री भाव में अथवा उसका वर्चस्व तस्लीम करने के भाव में आ जायेंगें और ये होता दिख भी रहा है।
एक ईसाई राज्य के रूप में यूरोप तो अब बचेगा नहीं........औधोगिक क्रांति के पश्चात् वैज्ञानिक और तार्किक हुए यूरोप में अब ईसाईयत के प्रति अनास्था ही अनास्था है क्यूंकि ईसाईयत की जिन बुनियादों को चर्च उन्हें समझाता है वो बुनियाद दरक चुकी है।
फ्रांस और इंग्लैंड लॉस्ट केस है।
आगे एक-एक कर बाकियों का नंबर आयेगा।
उधर यहूद सतर्क है और हनूद गफलत में है।
Wah....! Rahman Islam Qasmi sahab, kya khub taqreer kahi hai !!
Anti-Democratic Leaders are talking about "Democracy" & Anti-Constitution groups are calling "Dictatorship" !!
फरवरी 2007 में पाकिस्तान का विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कुरैशी भारत आया था।
दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में उसने भारत के सभी चैनलों को इंटरव्यू दिया।
उसका इंटरव्यू राजदीप सरदेसाई रजत शर्मा करण थापर बरखा दत्त शेखर गुप्ता सब ने लिया। कोई परेशानी नहीं.. बहुत फ्रेंडली सवाल पूछे गए.. गंगा जमुनी तहजीब के बारे में पूछे गए पाकिस्तान की जनता के शौक के बारे में पूछे गए लाहौर के गोल चक्कर में बिकने वाले मटन चिकन के बारे में सवाल पूछे गए
फिर नंबर आया अर्नब गोस्वामी का जो उस वक्त टाइम्स नाउ में थे
अरनव गोस्वामी ने आई एस आई द्वारा दिए गए सवालों की लिस्ट या फ्रेम के बजाय पाकिस्तान के विदेश मंत्री से एक पत्रकार की हैसियत से सवाल पूछना शुरू किया
अरनव गोस्वामी का पहला ही सवाल था कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में भारत ने जो सबूत पाकिस्तान को दिया है उस पर आप ने क्या कार्रवाई किया ?
पाकिस्तान का विदेश मंत्री जवाब देने में अटक गया फिर और गोस्वामी ने जब कड़वे सवाल पूछने शुरू किये तुरंत ही आईएसआई के अधिकारी आए और अरनव गोस्वामी के साथ तू तू मैं मैं करने लगे और इंटरव्यू बंद करने को कहने लगे
पाकिस्तान का विदेश मंत्री चुपचाप बैठा देख रहा था
सवाल यह है क्या किसी देश का विदेश मंत्री किसी को इंटरव्यू दे और सेना के अधिकारी उसका इंटरव्यू रुकवा सकते हैं ?
दूसरी बात है की अर्नब गोस्वामी के पहले जिन पत्रकारों ने इंटरव्यू लिया उन्होंने उस वक्त मना क्यों नही कर दिया कि हम पत्रकार हैं हमारा धर्म है अपने अनुसार सवाल पूछना ना कि दिए गए फ्रेम के अनुसार सवाल पूछना
🚨 Hats off to this reporter for exposing Abhijeet Dipke's lavish lifestyle
Dipke - We won't stop. We will fight this. Once Ashu and Saurav come out, we will plan everything again
Reporter - If you only wanted to fight back, why did you even sign the bond? You should have stayed longer in jail, and the police would have automatically freed you, just like Neha
Dipke - I am not a coward, but to plan everything perfectly, I need to be out here, not in custody
Reporter - Ashutosh and Saurav will come out on a personal bond. You will again have to pay around 1 lakh. How come you're getting so much money while being middle class?
Dipke - Don't you see I wear the same five-six shirts every day? Isn't that a sign of me being middle class?
Reporter - That's what you show. But even today, you came by business class. You always travel business class on flights. You don't even think twice before doing something that costs you 50K in just a bond. Your middle class claim will never make sense.
Abhijeet Dipke started thinking about what to reply to this reporter. She exposed his so called middle-class lifestyle from top to toe 😂🙏
यह गुजरात के पत्रकार जगदीश मेहता है
अभी तक यह मोदी और बीजेपी की नीतियों के धुर विरोधी थे लेकिन यह अपनी बात बड़े सौम्य और धारदार तरीके से तथ्यों तर्को के साथ रखते थे इसीलिए इनका एक बहुत बड़ा विशाल फैन फॉलोइंग था
यहां तक की मेरे जैसा इनका धुर विरोधी भी इनके वीडियो को देखता था सुनता था
इन्होंने कॉकरोच आंदोलन के पहले प्रोटेस्ट को जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्थिपे पर था उसका खुलकर समर्थन किया था लेकिन अब जो कॉकरोच आंदोलन राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष सड़कों पर हल्ला दंगा कर रहा है उसके बाद यह खुलेआम बीजेपी के समर्थक बन चुके हैं विपक्ष के धुर विरोधी बन चुके हैं
राहुल गांधी सहित पूरे कॉकरोच की तथ्यों के साथ कड़ी आलोचना कर रहे हैं इनका कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान तक तो ठीक था लेकिन अब तुम जो यह वोट चोरी का मुद्दा उठा हो तुम्हारे पास सबूत क्या है ?
क्या तुमने 100 आदमी भी खड़ा किया जो यह कह दे कि वह भारत का नागरिक है और उसका नाम वोटर लिस्ट से काटा गया ??
और अगर वोट चोरी सही है तो फिर केरल तेलंगाना और कर्नाटक में चुपचाप सरकार क्यों बना ली तमिलनाडु में जजोसेफ विजय जो पहले से स्थापित पार्टियों को हटाकर अचानक सत्ता में आ गया उसे पर तुम लोग चुप क्यों हो ?
उसपर तुम लोग कोई सवाल क्यों नहीं उठा रहे हो?
मतलब जहां जीत जाओ वहां सरकार बना लो और जहां हर जो वहां चुनाव आयोग को बेईमानी बता दो यह नहीं चलेगा
मोदी जब 336 सीट के साथ जीते थे तब केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और 99% राज्यों पर विपक्ष का शासन था और सबसे बड़े राज्य जो सत्ता निर्धारित करते हैं यानि यूपी बिहार राजस्थान मध्य प्रदेश तमिलनाडु उड़ीसा झारखंड पंजाब यहां तक की दिल्ली भी विपक्ष शासित था
फिर मोदी ने वोट चोरी कैसे कर लिया??
मतलब जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब मोदी को स्पष्ट बहुमत से भी ज्यादा बहुमत मिला और जब मोदी खुद प्रधानमंत्री हैं और जब उन्होंने वोट चोरी किया तब खुद को अल्पमत में ला दिया ???
तुम्हारे इन बेहूदी बातों पर कौन भारतीय जो पढ़ा लिखा है वह यकीन करेगा
दूसरी बात यह बताते हैं कि तुम अपना कोई मॉडल तो देश के सामने रखो जैसे मोदी ने गुजरात मॉडल दुनिया के सामने रखा
तो राहुल गांधी कर्नाटक मॉडल हिमाचल मॉडल झारखंड मॉडल कर्नाटक मॉडल केरल मॉडल तेलंगाना मॉडल दुनिया के सामने क्यों नहीं रखते ??
क्या वहां पर पेपर लीक नहीं हो रहा ?? अभी झारखंड में इतने लंबे समय तक आंदोलन चल वहां पेपर लीक तो छोड़ो बाकायदा नौकरी की सौदेबाजी हो रही है खुलेआम हो रही है उस पर राहुल गांधी चुप है कर्नाटक में हर रोज नौकरी के घोटाले आ रहे हैं अभी पशु चिकित्सा अधिकारी का पेपर लीक हुआ कई अधिकारी जेल में गए
उस पर राहुल गांधी चुप है
तो तुम्हारी जहां सत्ता है जहां तुम पेट्रोल डीजल पर वेट हटाकर महंगाई कम कर सकते हो जहां तुम परीक्षा का एक फूल प्रूफ व्यवस्था बना सकते हो वहां तो तुम कुछ कर नहीं पा रहे हो तो फिर दिल्ली में तुम्हारे नौटंकी का क्या मतलब है ??
और अब इनके वीडियो का गुजरात के युवाओं में काफी असर हो रहा है मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि गुजरात की युवा जगदीश मेहता की बातों से काफी प्रभावित होते जा रहे हैं
ऐसे ही दूसरा उदाहरण अभिनेत्री और मॉडल पूनम पांडे का भी है वह जंतर मंतर पर कॉकरोच आंदोलन में मंच पर गई थी वहां भाषण भी दिया था लेकिन अब वह कह रही है कि मुझे शर्मिंदगी है कि मैं इसका समर्थन किया था
धर्मेंद्र प्रधान के इस्थिपे तक तो ठीक था लेकिन अब जो तुम यह रिज्यूम चेंज की बात कर रहे हो या जो सड़कों पर दंगा फैला रहे हो तो मुझे शर्म आ रही है कि मैं कभी तुमको समर्थन दिया था
फ्रांस में पार्षद-सांसद-मंत्री हैं
संसद-संविधान-सुप्रीम कोर्ट है
हाईवे-एक्सप्रेसवे-एयरपोर्ट भी है
याद रखिए
आज के नेता 25 वर्ष बाद आपका मकान-दुकान-खेत-खलिहान बचाने नहीं आएंगे
लेकिन
घुसपैठ, धर्मांतरण और जनसंख्या नियंत्रण कानून आपकी 25 पीढ़ियों को बचाएगा
@narendramodi@AmitShah
This is exactly how CAA protests turned into communal riots in Delhi in 2020 and Hindu shops and businesses were targeted and burnt on the first two days of the riots
We helped rehabilitate over two dozen such victims
लोकशाही मार्गाने पात्र मतदारांच्या मताच्या माध्यमातून निवडून येण्याची शक्यता दूरदूरपर्यंत दिसत नसल्याने त्यांच्या तोंडून ते 'सत्य’ बाहेर आलं. देशात अराजकता माजवून सत्ता मिळवण्याचा त्यांचा डाव अखेर उघड झाला!
▪️त्यांना SIR का नकोय? कारण त्यांना ‘रेजीम’ बदलायचीय
▪️निवडणुकीच्या माध्यमातून सत्तेवर येण्याची शक्यता नसल्यामुळेच ‘रेजीम’ बदलण्याची भाषा!
▪️सत्ता उलथून टाकायचीय, पण लोकशाही मार्गाने नव्हे!
▪️SIRला विरोध हे फक्त निमित्त. खरा विरोध आहे तो लोकशाहीला
▪️खरा विरोध आहे तुमच्या आमच्या पात्र मतांना
▪️आता आपल्याला ठरवायचंय, लोकशाही हवी की ‘रेजीम’ बदलण्याची भाषा करणारे?
▪️लोकशाहीसाठी SIR शिवाय पर्याय नाहीच!
#Maharashtra #SIR #ElectionCommission
So after weeks of manufactured protests in the name of Democracy , Voter rolls, SIR, CEC etc - the real objective of this chaos and anarchy has been admitted by this gangs leaders - its come tumbling out.
That the goal was a “Bangladesh inspired” regime change - ie a Violent insurrection.
Let that first seep into your mind.
Then ask yourself two questions and arrive at the answers yourself.
A) Who are this group of people manufacturing these protests and what are their backgrounds and contributions to India or Indians?
B) Why the timing of these protests now?
Watch the video for my views. Its longer than my normal videos, but I hope you can watch it completely.
I request each of you to arrive at your own answers to these questions now that we know what their objective is.
#TruthAboutCorruptCongress
#CongressPoliticsOfLies
शिक्षण व्यवस्थेसाठी लढाई पूर्ण झाल्यानंतर...
बदलेल्या शिक्षण व्यवस्थेत अभ्यास करताना भूक लागून कमी मार्क पडू नयेत म्हणून "विद्यार्थ्यांनी" डुकराचे मांस सोडून... लुटून का असेना सर्व काही खायला घेऊन गेले...
याला म्हणतात शिक्षणासाठी तळमळ!!!
केवळ "डुकराचे" मांस का नेले नाही? हा प्रश्न तुम्हाला पडला तर तुम्ही मनुवादी विचारसरणीचे...
Aamir Khan met Raj Thackeray, probably for his nephew Imran Khan.
Raj Thackeray hates non-Marathi speakers only if they're poor Hindus.... For people like Aamir he even becomes their driver.
What a shameless hypocrite.
Just look at the entitlement! Rahul Gandhi is giving a taste of how the UPA rule operated from 2004–2014, a time when Sonia Gandhi’s National Advisory Council (NAC) became the power centre behind the govt.
Power without accountability. Authority without responsibility. (Mis)using govt machinery to settle personal scores. This is the tyrannical regime they want to bring back!
3 सितम्बर 2015 को यह तस्वीर दुनिया भर के अखबारो, मैगज़ीन, चैनल्स, सोशल मीडिया पर वायरल थी.
यह 2 साल का बच्चा एलन कुर्दी था.. जो अपने परिवार के साथ यूरोप जा रहा था. क्यूंकि सीरिया में ISIS ने मार काट मचा रखी थी.
कुर्दी परिवार जैसे तैसे सीरिया से निकला, और टर्की होता हुआ यूरोप जा रहा था.. वहाँ से कनाडा जाने का plan था.
लेकिन रास्ते में ही नाव डूबने लगी और फिर यह बच्चा भी डूब कर मर गया.
इसके बाद पूरे यूरोप, अमेरिका, कनाडा में Middle East से आ रहे शरणर्थियों को शरण देने के लिए अभियान चलने लगे....कनाडा के चुनाव में तो यह एक प्रमुख मुद्दा भी बना था.
इस एकमात्र तस्वीर के कारण यूरोप में ऐसा माहौल बनाया गया.. कि जैसे हर शरणार्थी एलन कुर्दी जैसा मासूम है...और उसे शरण देना यूरोप वालों का एकमात्र ध्येय है.
लेकिन यह एक Trap था... जो लोग नहीं समझे.. क्यूंकि आँखों पर Woke, Liberalism, और Secularism का चश्मा चढ़ा था.
लाखों शरणार्थी बिना किसी रोकटोक के यूरोप में घुस गए... हजारों आतंकवादी भी घुस गए, अपराधियों की संख्या का तो पता भी नहीं.
आज यूरोप इसी का फल भोग रहा है...कई यूरोपीय देशों में दंगे, आतंकवादी हमले, बम विस्फोट हो रहे हैं...कल को अमेरिका और कनाडा का नंबर भी होगा.
इस पर विस्तृत post की थी 2015 में... लेकिन Facebook ने उड़ा दी थी.
शायद यह भी उड़ा दे.
खैर.
मुख्यमन्त्री हो तो योगी आदित्यनाथ जी जैसा
हिमाचल विधानसभा में काॅंग्रेस की सरकार होने के बाद भी UP के CM के तारीफ के पुल बाॅंध रहे हैं - एक काँग्रेसी विधायक...
हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में इन कांग्रेस के विधायक ज़ी का भाषण में जस का तस कोट कर रहा हूँ... पढ़ें : और सुने
"उत्तर प्रदेश को लोग बोलते थे ये सुधर नहीं सकता है। आपको नहीं, आप नहीं सुधर सकते, यूपी नहीं सुधर सकता है।
एक व्यक्ति सुक्खू जी के कद का आया। ना ज्यादा लंबा है, ना ज्यादा चौड़ा है, है ना?
वह महंत साहब हैं, आप राजा साहब हैं। तो उसके नाते एक बार उन्होंने एक बात सीधी की - भैया साठ मर्डर करने वाला अतीक अहमद नहीं चलेगा।
और आपने जिंदगी में देखा होगा, मैं ये नहीं कहता कि ऐसा सब जगह हो सकता है, पहली बार लाइव मर्डर अगर आपने देखा होगा तो अतीक अहमद का देखा होगा। पूरी जिंदगी के अंदर पहली बार।
सड़क के अंदर किसी ना किसी की प्लानिंग हुई ना कि इसका लाइव दिखाना है। जो महिलाओं को छोड़ता है, ना बच्चियों को छोड़ता है, ना जमीन वालों को छोड़ता है, ना किसी और मामले में छोड़ता है। इसका, अतीक अहमद का मर्डर जो है सरेआम दिखाना है।
साठ बंदों का मर्डर किया था उसने। मैंने ये परसों ही रात को एक पत्रकार का इंटरव्यू सुना था, मेरे को पूरी जानकारी मिली। उसने कहा किसी की हिम्मत नहीं होती थी इसके आगे बोलने की। और उत्तर प्रदेश के अंदर ऐसे एक बदमाश के डर से दस जजों ने इनकार कर दिया था कि हम इनका केस नहीं सुन सकते हैं। जजों तक दहशत थी कि कहीं हमारे बच्चे ना उठा लिए जाएं।
और पंद्रह हजार करोड़ का मालिक हो गया, वो एक रिक्शा चालक। आज मिट्टी के अंदर मिला दिया। पूरे परिवार के लोग या तो चले गए या परिवार के लोग इधर-उधर घूम रहे हैं। कहाँ है? कहाँ चले गए?
इसको कहते हैं राजनीति। अच्छे लोगों को संरक्षण देना और बदमाश लोगों को सबक सिखाना, ये मुझे लगता है हर मुख्यमंत्री का पहला कर्तव्य है। अगर वो मुख्यमंत्री ये काम नहीं करता है, बाकी जो मर्जी करते रहो।
अगर आपको यही विश्वास नहीं है - मेरी बहन, मेरी बेटी शाम को घर आएगी, मेरे बेटे के ऊपर कोई हथियार नहीं उठाएगा, अगर सलाहकार के बेटे को कोई शिमला शहर के अंदर अटैक कर देगा तो मुझे लगता है ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है।"
कांग्रेस वाले सदन में योगी बाबा की तारीफ़ के क़सीदे पढ़ रहे हैं
राउल गाँधी सड़क पर वोट चोरी चिल्लाते घूम रहे हैं....
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