लद्दाख में अनशन, दिल्ली में हंगर स्ट्राइक... लेकिन इन सबसे ठीक पहले सोनम वांगचुक चुपचाप पाकिस्तान और फिर अमेरिका क्यों गए थे?
आखिर 'Breathe Pakistan 2025' कॉन्फ्रेंस में भारत के राज्यों पर दिए गए बयान के पीछे की असली कहानी क्या है? पूरा वीडियो देखें-
@SP_Pratibha
@IndianOilcl@indanegasonline@indane_gas@PetroleumMin@indanerefill@indane
I have booked an LPG refill via the Indian Oil One app on July 6th and made the payment online using SBI YONO UPI. Although ₹979.50 was deducted from my account, the payment status shows as 'failed.' Consequently, I had to make the payment again at the time of cylinder delivery today. Please look into this matter and ensure appropriate action is taken and a refund is processed.
@CMOfficeUP@basicshiksha_up@directorbasicup
निपुण विद्यालय बनने के लिए प्रत्येक विद्यालय को एक स्थायी प्रधानाध्यापक की व्यवस्था करना एक लोककल्याणकारी सरकार का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। समायोजन 3.0 से पहले विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की पदोन्नति अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए।
एक भी थाना भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
एक भी तहसील भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
एक भी जनपद भ्रष्टाचार मुक्त नहीं है
भ्रष्टाचारियों का नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग टेस्ट करने, 100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में फांसी देने के लिए कानून कब बनेगा?
मा. CM sir, सीतापुर में BSA कार्यालय में हुई मारपीट से बेसिक शिक्षा विभाग की काफी बदनामी हुई है।इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करवाने का कष्ट करें,और इसमे जो भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी हो उसपर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
#suspendbsasitapur@myogiadityanath@CMOfficeUP@ChiefSecyUP
आप भारत के CJI बी. आर. गवई हैं! आप पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इन्होंने जिस तरह से टिप्पणी भगवान विष्णु को लेकर किया है क्या ये उसी तरह की टिप्पणी-
- बौद्धों के लिए कर सकते हैं?
- मुस्लिमों के लिए कर सकते हैं?
- ईसाइयों के लिए कर सकते हैं?
अगर हर केस की सुनवाई में इसी तरह की टिप्पणी की जाने लगी तो फिर सोशल मीडिया ट्रोल्स और सुप्रीम कोर्ट के माननीय होने में क्या फ़र्क़ रह जाएगा?
मैं सनातन धर्म का अनुयायी होने के नाते माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई को पत्र लिख चुका हूँ, जिसमें भगवान विष्णु और हिंदू आस्था के विरुद्ध उनके आपत्तिजनक वक्तव्य को तुरंत वापस लेने की माँग की गई है।
इस पत्र की एक प्रति माननीय भारत के राष्ट्रपति @rashtrapatibhvn को भी भेजी गई है ताकि यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर संज्ञान में लिया जाए। मेरी आशा है कि सर्वोच्च न्यायालय और माननीय राष्ट्रपति इस मामले को गंभीरता से लेंगे और भारत में प्रत्येक धर्म की गरिमा को बनाए रखेंगे।
@ARanganathan72 Sir ji, CJI गवई की टिप्पणियां गंवारों जैसी हैं ।अपनी विशेषज्ञता से इतर विषय पर टिप्पणी अनुचित है ! BR Gawai के ऊपर अपमानजनक धार्मिक टिप्पणी और लोगों की भावनाएं आहत का करने का मुकदमा चलाया जाना चाहिए । जज भी सरकारी नौकर ही होता है और हर नौकर जब अपनी औकात भूल जाता है तो ऐसे ही..