Jai Hind Friends 🇮🇳
Sharing for help abt fellow Brother in Arms ❤️
“Some stories should not be scrolled past. This is one of them.
Col Anurag Upadhyay scored in the 99th percentile in CAT. He could have chosen a corporate career. He chose the Indian Army instead.
He volunteered for the Special Forces, completed probation with 3 PARA (SF), and joined the raising team of 12 PARA (SF). Even after a heart attack in 2008, he returned to active duty.
In August 2025, he suffered a severe posterior circulation stroke. Today, he has Locked-in Syndrome. His body has been severely affected. His mind has not.
He is conscious and aware. He remembers. He thinks. Through eye movements and alphabet-based scanning, he communicates his thoughts. Further complications resulted in bilateral below-knee amputations.
This post is not asking for sympathy. It is asking for possibility.
His family knows what the medical literature says. They are not asking for promises. They believe no credible possibility should remain unexplored because the right expert was outside their network.
They seek connections to:
• Neurologists and neuro-rehabilitation specialists experienced in Locked-in Syndrome
• Rehabilitation centres focused on neurological recovery
• Researchers exploring recovery of movement, speech or other functions
• Research and emerging technologies, including brain-computer interfaces
• Eye-tracking and assistive technology that could give Anurag a more independent voice
• Veteran organisations or individuals who can open the right doors
Someone reading this may know a doctor who has treated a similar patient, a rehabilitation team that has seen a different outcome, a relevant researcher—or someone who can make the right introduction.
His prognosis should be determined by medicine and how his body responds—not by a lack of information, access or connections.
Please make a connection if you can. DM “Tales Of A Gypsy” on Instagram. If you cannot, share this until it reaches someone who can.
No sympathy. Just one question: What more is possible for Col Anurag ?
Let us help him find out”
https://t.co/4RUBXYthny
Prayers 🙌For You- Brother Anurag ❤️
The Indian courts simply do not get this: that millions of Muslims who pour on to the streets demanding Sar Tan Se Juda are merely following the fundamentals. They are not mad. They are not terrorists. They are not fanatics. They are law-abiding. Their law is Sharia.
My views:
श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिह मकरना कि मुहिम रग लाती दिख रही है
सवा��� माधोपुर का सवर्ण समाज जाग रहा है....... सरकार से सवाल पूछ रहा है
#UGC_ROLLBACK
एक ही देश... एक ही कानून... आरोप भी एक जैसे... तो फिर कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग क्यों?
15 से 20 दिनों में SC/ST Act के तहत दर्ज मामलों की जमीनी हकीकत ये है...
स���वतंत्र भारद्वाज: 14 दिन की न्यायिक हिरासत
अजीत भारती: अग्रिम जमानत याचिका खारिज
राहुल गांधी: कोई बड़ी कार्रवाई नहीं
आशुतोष रांका: कोई बड़ी कार्रवाई नहीं
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, सवाल है 'कानून के निष्पक्ष और समान पालन' का...
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, सवाल है.. क्या देश में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर राजनीतिक और सामाजिक हैसियत देखकर कार्रवाई तय होती है? क्या देश में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर राजनीतिक और सामाजिक हैसियत देखकर कार्रवाई तय होती है?
पूरा विश्लेषण देखिए वीडियो में मेरे सोशल मीडिया चैनल्स पर
#SCSTएक्ट
#ajeetbarati
@ajeetbharti
@NijiSachiv
@AshutoshRanka
@CJP_for_India
@BhimArmyChief
वारिस पठान क्यों तिलमिला रहा है ?
@VHPDigital ने मुल्लो की एंट्री गरबा ग्राउंड में निषेध की है इससे लव जिहादियों के अब्बा को क्यों प्रॉब्लम है?
वैसे @warispathan चाहे तो “रुकसाना-अफ़साना” को गरबा खेलने भेज सकता है।
थोड़ा डांडिय��� हमारे “रमेश- सुरेश” ��ी उनके साथ खेल लेंगे और इससे आपसी भाईचारा भी बना रहेगा।
एक पिता कि भावुक अपील 😭💔
-40 नंबर वाले ज़ब डॉक्टर बनेंगे तो यही होगा हाल देश मे मरीजों का...
इस बाप का बेटा कि जान चली गयी गलत इंजक्शन कि वजह से क्यों कि डॉक्टर भीमटा ह���
देखिये वीडियो 👇
मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा; इस भावनात्मक ब्लैकमेल में मत फँसाइए। म���ं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल कोई बदतर पार्टी आई तो उसे सड़कों पर निपट लेंगे।
दूसरी तरफ़ घनघोर अयोग्यता को कोचिंग से लेकर मेरिट, PG, नौकरी और प्रमोशन तक लगातार ��ूट, ये अनंत काल तक नहीं चल सकता।
This has to stop!
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह जी से सुनिए वर्तमान स्थिति का विश्लेषण...
सत्य कहा है @BJP4India ने कोर्स करेक्शन करने के बजाय समाज को जातियों में बाँटकर उन्हें आपस में लड़वाना ही उचित समझा.
खैर, हिन्दू एकता की बात करते-करते.. हिन्दुओं को ही बांट दिया..
रात्रि काल में अचानक से कमरे में तापमान अत्यधिक बढ़ता अनुभव हुआ, पीली-पीली आग की लपटें दिख रही थी! हड़बड़ा कर उठा तो पाया कि बाबा साहेब संविधान में आग लगा रहे थे।
मैंने चेक किया तो पाया कि आज तो September 2, 1953 भी नहीं है, फिर बाबा साहेब ऐसा क्यों कर रहे होंगे! फिर अचानक से मैं जग कर बैठ गया। अजीत जी, आप एक ही सपने में दो बार कैसे जग गए?
इन्सेप्शन हो रहा था, सपने में सपना चल रहा था। अब मैं सोच रहा हूँ कि जिस बाबा साहेब को एक ब्राह्मण ने अपना उपनाम दिया, एक राजपूत ने पढ़ाया, और एक देश ने अपनाया, देश का भविष्य लिखने के लिए बी एन राव, राजेंद्र प्रसाद के समकक्ष उन्हें संविधान समिति में, बिना उनकी जाति देखे बिठाया, वो भला संविधान में आग क्यों लगाएँगे?
फिर मैंने देखा कि 40 दिन बाद यहाँ दलित को याद आता है कि उसे जातिसूचक गाली दी गई थी, एक भीड़ पुलिस स्टेशन को घेर कर धाराएँ जुड़वा देती है ताकि राहुल गांधी वहाँ आकर क्रेडिट ना ले ले, और फिर एक 14 वर्ष की बच्ची को स्कूल भेजने की जगह किसी गुंडे की राजनीति को आगे बढ़ाने का हथियार बनाया जाता है। ऐसे में यदि बाबा साहेब आज होते तो संविधान में तो आग लगा ही देते।
कश्मीर बन रहा बिहार, मस्जिदों के स्पीकर से इलाका छोड़ने के लिए हिंदुओं पर बनाया जा रहा दबाव। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कर रहे हैं हिंदुओं पर हमले। बक्सर का है मामला।
वरि���्ठ पत्रकार श्री प्रदीप सिंह जी ने वर्तमान परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा नुकसान समाज को ही भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीजेपी अपनी नीतियों में कोर्स करेक्शन करने के बजाय समाज को जातियों के आधार पर बाँटकर उन्हें आपस में लड़वाना अधिक उचित समझ रही है।
दुःख तो हमें भी हुआ यह जानकर कि जिन्हें सनातनी हिंदू समझकर भारी बहुमत से सत्ता की गद्दी पर बिठाया,
लेकिन व��� जाति का तेली (ओबीसी ) निकला.
Very Painful....
@ocjain4 कृपया ऐसे गंभीर विषय न उठाये -
क्यूँकि #उत्तराखण्ड#पुलिस सड़कों पर #चलान का��ने से ज़्यादा कुछ कर नहीं सकती ।
#सरकार की और अपनी ख़ाली जेब जो भरनी है जी ।
पता नहीं कितने लोगों को यह बात समझ आएगी, लेकिन फिर भी कोशिश करते हैं।
SC/ST समुदाय को समझना होगा—SC/ST एक्ट के दुरुपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। अगर यह मुद्दा इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका सामाजिक असर आपको भी भुगतना पड़ सकता है।
इसका असर नौकरी, मकान और दोस्ती जैसे रोज़मर्रा के अवसरों पर भी पड़ सकता है।
राजनेता आएँगे-जाएँगे, लेकिन भविष्य आपका है। वोट बैंक के लिए उन्हें आपके भविष्य से खिलवाड़ मत करने दीजिए।
दुरुपयोग के खिलाफ आज ही आवाज़ उठाइए। अभी दे�� नहीं हुई है।
आज सवर्णों का सैलाब हरिद्वार की सड़कों पर था , जो लोग बोलते थे 50 आदमी भी सवर्ण समाज के आंदोलन में नहीं आ सकता आज उस सवर्ण समाज ने उत्तराखंड प्रशासन की ��ूलें हिला दिया ।
जब तक हमारी तीनों मांगे मानी नहीं जाती तब तक इससे बड़े बड़े आंदोलन चलते रहेंगे और राजस्थान स्थानीय निकाय चुनाव , 2027 में यूपी और उत्तराखंड में पक्ष और विपक्ष दोनों का सूपड़ा साफ़ कर दिया जाएगा ।
हमारी तीन मांगे -:
1- आरक्षण में सुधार करो
2-एससी एसटी एक्ट वापस करो
3- यूजीसी ऐसी वापस करो ।