समाजवादी पार्टी के लोग सोनम बांचुक से मिलने पहुंचे जा रहे हैं लेकिन कि आजम खान की बनाई यूनिवर्सिटी को तोड़ा जाएगा वहां नहीं पहुंच रहे।
इनको सिर्फ मुसलमान सिर्फ दरी बिछाएगा और उनका वोट चाहिए उनके लिए आवाज क्यूं उठाएंगे।
मुसलमानों लगाओ नारा जय समाजवाद का।
इनके पिता 1996 से अब तक लगातर मंझनपुर विधान सभा से विधायक है सरकार के मंत्री भी रहे ।
एक विधायक के बेटे को बर्तन धोने की नौकरी क्यूं पड़ी बीजेपी की तरह सपा भी अब झूठ और भ्रम फैला कर लोगों का वोट हथियाना चाहते है।
जनता मूर्ख नहीं है सब समझ रही है ।
कोई घटना होती है और उसके समर्थन में गगन यादव पहुंचते हैं तो अखिलेश यादव गगन यादव को ये कहकर निकाल देते हैं कि तुम हमारे युवाओं पर केस लगवाने गए थे लेकिन यही बात बहन जी बोलती है तो वो दलित हितैषी नही होती जबकि अखिलेश यादव यादव हितैषी होते हैं दोगलों बहन जी गलत अखिलेश सही ?
बाबा साहेब,मान्यवर साहब और आदरणीया बहन जी ने इस समाज को हक-अधिकार,मान,सम्मान,स्वाभिमान,
आत्मसम्मान और मनोबल दिया। राजनैतिक सत्ता की मास्टर चाबी भी दी।
चन्द्रशेखर ने महज दो सीटों के लिए अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान से समझौता कर बाबा साहेब,मान्यवर साहब और आदरणीया बहन जी का अपमान किया।
देखिए,कैसे महज दो सीटों के लिए चन्द्रशेखर,सपा के अखिलेश यादव से उनका छोटा भाई कहलवाने के लिए उत्सुक व आतुर हैं। बेहद ही शर्मनाक।
चन्द्रशेखर की इस हरकत ने समाज के मान,सम्मान और स्वाभिमान को मिट्टी में मिला दिया।
@Kumar_Rahul04 रोहिणी घावरी के बारे में भी बताओ कांशीराम की विरासत तुम्हारे नेता है कांशीराम साहब जी के समाज के लिए शादी ही नहीं किए थे यहां तो तुम्हारे नेता एक घर वाली एक बाहर वाली रखे है 🤣🤣