@PratikVoiceObc पहले लोग ज्यादा बच्चे पै��ा करते थे क्योंकि कुछ महामारी में मर जाते थे कुछ राजा रजवाडे की लड़ाई में जो हर साल लड़ाई ठाने रहते थे, एक दो बचते थे जिससे परिवार चलता थ | गरीब बच्चे पैदा करके इनको देदे और ये उनको हिन्दू मुसलमान करके इनको मरवाते रहे |
“माननीय मोदी जी जैसा घटिया और गिरा हुआ इंसान दूसरा कोई नहीं है”
यह कहना है उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM की एक महिला नेत्री का.
RLM NDA का घटक दल है. विपक्ष के खिलाफ ‘धिक्कार रैली’ निकाल रहे थे
महिला को आगे बोलने से रोक दिया गया. यह सब महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं!
मैंने अभी आम आदमी पार्टी के बगावत करने वाले सांसदों के ‘सरनेम’ देखे।
राघव चड्ढा (खत्री)
अशोक मित्तल (वैश्य)
हरभजन सिंह
स्वाति मालीवाल (माहेश्वरी)
संदीप पाठक (ब्राह्मण)
राजिंदर गुप्ता (वैश्य)
विक्रम साहनी (खत्री)
अगली बार किसी दलित, पिछड़े या मुसलमान को संसद भेजें, हमेशा पार्टी के लिए लड़ेंगे और एहसानमंद भी रहेंगे।
आप सोच सकते हैं कि बुरे समय में सब ज्ञान देते हैं, लेकिन सबको इस पर व���चार करना चाहिए।
सरकार ने 4PM नेशनल चैनल बैन कर रखा है. ये सरकार हर तरह से मुझे डराने की कोशिश कर रही है. ताकि मैं टूट जाऊं, झुक जाऊं. सवाल पूछना बंद कर दूं.
लेकिन मैं जेल चला जाऊं, या मार दिया जाऊं, मैं आखिरी दम तक लड़ूंगा. सवाल पूछता रहूंगा.
क्योंकि एक सच्चा देशप्रेमी देश के हालात देखकर चुप नहीं बैठ सकता.
मैं सच को देखकर आंख नहीं मूंद सकता.
ना ही बड़े नेताओं के झूठ बोलने पर हां में हां मिला सकता हूं.
@Editor_SanjayS
@premkumarcbn01 Gao ab gao nhi rha kiska bhavisya bigad de kiska naali rok de kiska rasta rok de kiska medh kaat le bas isi me jite hai Sab, isi liye log sahar jaa rhe hai
भाजपा की सरकार जब-जब किसी की रोज़ी-रोटी छीनेगी, हम तब-तब उसकी मदद के लिए अपनी सामर्थ्य से भी अधिक हाथ बढ़ाएंगे।
हम वर्चस्ववादी भाजपा की क्रूरता का जवाब, पीडीए की एकता से देंगे और अत्याचारी भाजपा से पूछेंगे ‘5 बड़ा या 95?’
अब पीडीए साथ-साथ बढ़ेगा, पीडीए ही पीडीए की ताक़त बनेगा!
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
"अब नहीं आऊंगा दोस्त, अब नहीं आऊंगा…"
सूरत से मजदूर लौट रहे हैं - गैस नहीं, काम नहीं, खाना नहीं। कागज़ों में विकास दौड़ रहा है, ज़मीन पर मजदूर भाग रहा है। नीतियाँ इतनी शानदार कि फैक्ट्रियाँ बंद, पेट खाली। अमृतकाल में मजदूर पूछ रहा है - भाषण खाऊँ या घर जाऊँ?
हकीकत ये है कि महिला आरक्षण मुद्दा नहीं था।
मोदी सरकार ने 3 बिल एक साथ जोड़कर पेश किए। ये महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल पास कराना चाहते थे���
महिला आरक्षण बिल 21 सितंबर 2023 को सर्वसम्मति से पास हुआ, उसे 16 अप्रैल 2026 को रात 9.55 पर नोटिफाई किया गया। मतलब 30 महीने तक मोदी सरकार ने महिला आरक्षण को नोटिफाई तक नहीं किया।
महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है, परिसीमन बिल हारा है।
नरेंद्र मोदी खुद को पिछड़ी जाति का बताते हैं, तो पिछड़ी जाति की महिलाओं से क्या बैर है? महिला आरक्षण अगर जातिगत जनगणना के बाद आएगा, तो पिछड़ी जाति की महिलाओं को आरक्षण देना प���़ेगा।
हकीकत ये है कि नरेंद्र मोदी जाति गनगणना मजबूरी में क���ा रहे हैं।
⦁ सितंबर 2021 में मोदी सरकार ने एफिडेविट पर लिखकर सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि जाति जनगणना का कोई प्लान नहीं है
⦁ 2021 में संसद में मोदी सरकार की मंत्री रक्षा खड़से ने बताया था कि जातिगत जनगणना का कोई प्लान नहीं है
⦁ 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस की जाति जनगणना की मांग कांग्रेस की अर्बन नक्सल सोच का सबूत है
1 साल बाद 28 अप्रैल 2025 को मोदी सरकार को ज���ति जनगणना की बात माननी पड़ी।
ऐसा है तो जातिगत जनगणना के आंकड़े आ जाने देते हैं, फिर पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण देना होगा, लेकिन नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि मोदी किसी भी महिला को आरक्षण देना नहीं चाहते।