“मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘आचरण’ के संस्थापक-संपादक स्वर्गीय श्री ए.एच. कुरैशी जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
पत्रकारिता के क्षेत्र में ��नका योगदान, निर्भीक लेखनी और समाज के प्रति सजग दृष्टिकोण सदैव स्मरणीय रहेगा।”
- केन्द्रीय मंत्री श्री @JM_Scindia जी
विकास पुरुष...
विकास के मसीहा!
माधव राव सिंधिया को ग्वालियर, गुना- शिवपुरी में ऐसे ही याद किया जाता है।
आज उनके निधन के 24 साल बाद भी।
अखबार पूरे उन्हें श्रद्धांजलि और विज्ञापनों से भरे हुए हैं।
ग्वालियर में वाजपेयी भी पैदा हुए मगर व���कास का काम उन्होंने और उनके बाद उनके नाम से उनकी पार्टी ने भी कुछ नहीं किया।
मगर माधवराव केवल रेल मंत्री ही रहे लेकिन देश के रेलवे का नक्शा पलटने के साथ उन्होंने ग्वालियर रेलवे स्टेशन को आज के मेट्रो और रैपिड स्टेशनों की तरह सुंदर और सर्व सुविधायुक्त बनाया, पहली शताब्दी चलाई, ताज एक्सप्रेस जो बनी ही आगरा तक के लिए थी उसे ग्वालियर तक ले आए, रेलवे स्टेशनों पर सिगरेट बीड़ी पान गुटका बंद करने वाले रेल मंत्री वे ही थे।
विकास की लंबी कहानी है।
और यही वह ताकत है जिसकी वजह से आज उनकी पुण्यतिथि पर ग्वालियर के आम लोगों के साथ हर राजनीतिक पार्टी उन्हें दिल से याद कर रहे हैं।
दूसरी भा���तीय भाषाओं में लेखक बुद्धिजीवी छोटे शहरों में रहकर भी अपने पूरे भाषा जगत में महत्व पा लेते हैं।
मगर हिंदी में ऐसा नहीं होता। यहां जो दिल्ली नहीं आया उसका नाम और काम स्थानीय स्तर पर ही सीमित रह गया।
डाॅ. केबीएल पांडेय बुंदेलखंड की एक ऐसी ही बड़ी शख्सियत और पब्लिक इंटलेक्चुअल थे।
देखिए आचरण ग्वालियर और नया इंडिया दिल्ली में।
प्रभात झा को ग्वालियर के पत्रकारों सभी राजनीतिक दल के नेताओं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बहुत दिल से याद किया।
हालांकि उनका ��ंतिम संस्कार उनके गृह राज्य बिहार में होना तय किया गया है।
मगर उनकी सारी पहचान ग्वालियर से ही बनी थी और मध्य प्रदेश से ही राजनीति में उन्होंने नाम बनाया था।
वे स्वदेश में थे आचरण के प्रतिद्वंदी अखबार में मगर देखिए उसने कैसी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।
ऐसे ही सभी राजनीतिक दलों ने संघ के सबसे ज्यादा विरोधी रहे सीपीएम के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने भी। और भी बहुत सारे लोगों ने।
ग्वालियर में दोस्ती संबंध अभी भी विचार, दलगत राजनीति प्रतिद्वंदिता से ऊपर हैं।
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22 साल हो गए मगर आज भी ग्वालियर के लोगों के दिलों में जिंदा है माधवराव सिंधिया।
आज उनकी पुण्यतिथि है। ग्वालियर के अखबार उन्हें श्रद्धांजलि देने की खबरों और विज्ञापनों से भरे हुए हैं।
वे वहां विकास पुरुष कहलाते हैं। और वास्तव में उन्होंने ग्वालियर का जैसा विकास किया वैसा कम
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नए भारत के शिल्पी और सुशासन के प्रणेता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ।
अटल जी प्रतिपल भारत की भूमि तथा जनता के हृदय में स्पंदित हैं। उनके व्यक्तित्व की ओजस्विता, साहित्यिक प्रस्फुटन तथा दूरगामी दृष्टि अभूतपूर्व है। वह सदैव हमें जनकल्याण के मार्ग पर निर्बाध रूप से चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
MP में ब्राह्मण राजनीति की नई शुरुआत हो गई है।
अब इसका फायदा नुकसान किसको म���लेगा यह विधानसभा चुनाव ही बताएगा।
मगर फिलहाल ग्वालियर में 13 जुलाई को बड़ा ब्राह्मण सम्मेलन हो रहा है और इसमें चीफ गेस्ट ज्योतिराज सिंधिया हैं।
@asadqur200
देखिए आचरण न्यूज -
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ग्वालियर भाजपा के पहले प्रधानमंत्री वाजपेयी का गृह नगर है मगर वहीं उनके भांजे अनूप मिश्रा को टिकट की भारी जद्दोजहद करना पड़ रही है।
मिश्रा ने अपनी कांस्टेंसी भी चुन ली है। वे कहते हैं कि ग्वालियर दक्षिण से ही चुनाव लड़ेंगे।
सुनिए आचरण न्यूज में -
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आज भी ऐसे अखबार हैं ऐसी खबरें हैं जो लोगों को पुराने अच्छे दिनों की याद दिलाते हैं।
पहले अखबार ऐसे ही होते थे आपके आसपास की जिंदगी से जुड़ी खबरों को बताते हुए।
आचरण ऐसा ही अखबार है देखिए पंजाब मेल की यह प्यारी सी खबर कितने बेहतर ढंग से पेश की है।