ये अनीस अली है, इनका आरोप है कि ये पेट्रोल डलवाने गए थे, वहां पर दारोगा रणवीर सिंह प्राइवेट गाड़ी लेकर पहुंचे और इनको सिपाहियों की मदद से झंडी पुलिस चौकी उठा लिए गए।
चौकी पहुंचते ही दारोगा जी ने सिपाहियों को आदेश दिया पीटो इनको, साहब का आदेश मिलते ही सिपाहियों ने बंदूक से अनीस अली को जमकर मारा और चौकी के अंदर ही युवक के जेब से 5000 रुपये निकाल लिए।
पैसे निकालने के बढ़ पुलिस वाले बोले कि अगर कही नाम लिया तो फर्जी केस ठोक कर जेल में डाल दूंगा कभी बाहर की दुनिया नहीं। देख पाओगे।
पीड़ित का भाई बरेला जेल में बंद है, जिसका कागज हाईकोर्ट से चौकी आया था उसी के एवज में अनीस से घूस मांगी गई थी। जो इन्होंने नहीं दिया और इनका ये अंजाम हो गया।
लखीमपुर, उत्तर प्रदेश
तौहीद की बात कहना गुनाह कब से हो गया?
मशहूर इन्फ्लुएंसर मारूफ रज़ा ख़ान ने इस्लाम के बुनियादी अक़ीदे तौहीद का ज़िक्र किया, जिसके बाद बरेली पुलिस ने उन्हें धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया।
सवाल ये है कि अपने मज़हबी अक़ीदे का इज़हार करना भी अब जुर्म है?
अगर कोई क़ानून तोड़ा गया है तो निष्पक्ष जाँच और अदालत के ज़रिए फ़ैसला होना चाहिए, इंसाफ़ हो, क़ानून सबके लिए बराबर हो।
गिरफ़्तारी से पहले क्या @bareillypolice ने कोई इन्वेस्टिगेशन की थी?
मौलाना की बात कुरान (तौहीद) और यजुर्वेद (32.3) दोनों के 'निराकार ईश्वर' सिद्धांत से शत-प्रतिशत मेल खाती है। Article 25 उन्हें अपना धर्म बताने की पूरी आज़ादी देता है।
सच तो यह है कि पुलिस ने न वीडियो वेरिफाई किया, न किताबें देखीं, और न संविधान! बस व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी वालों ने हल्ला मचाया और बिना लॉजिक एक्शन ले लिया गया!
क्या यही कानून का राज है?
📍उत्तर प्रदेश
“एक देश, दो कानून?”
हिंदी नाम वालों के लिए पूरी छूट,
और उर्दू नाम वालों के लिए जेल?
देवरिया में “या हुसैन अलैहिस्सलाम” लिखे काले झंडे पर AK-47 जैसी आकृति होने के आरोप के बाद पेंटर मोबीन समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं हरश चौधरी की अगुवाई में हिंदू रक्षा दल द्वारा तलवारें बांटने और तलवारें लहराकर धमकाने के वीडियो सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एक पर गिरफ्तारी, दूसरे पर पूरी छूट?
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
कल पुणे में ‘छात्रों की गूँज’ के मंच से देश की बहू-बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों को समर्पित एक नई आवाज़ सुनाई दी। 🇮🇳
खास बात यह रही कि एक पूर्व भाजपा समर्थक ने बिना किसी संकोच के सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और राहुल गांधी से माफी मांगते हुए अपनी बात रखी।
बेरोजगारी, छात्रों का संघर्ष, न्यूनतम मजदूरी और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ हो रहे शोषण जैसे मुद्दों ने मंच से देश की वास्तविक तस्वीर सामने रखी।
यह अंजना ओम मोदी कोआखिर क्या हो गया है?
मुझे तो अपने कानो पर यकीन नहीं हो रहा कि सरकार के इशारे पर बजने वाला इनका भोंपू आज सत्ता के खिलाफ क्यो बजने लगा..
आप भी सुने ऐसा क्या हुआ हो सकता है या फिर कुछ होने वाला है।
जिस शख्स के साथ यह दरिंदगी की जा रही है, उसका अपराध यह है कि वह चिकन लेकर जा रहा था। दरिंदगी करने वाले ये दरिंदे हिंदू रक्षा दल के सदस्य हैं, जिसमें एक का नाम प्रिंस ठाकुर है। अगर @dgpup की @Uppolice@ghaziabadpolice इन दरिंदों को कानून का पाठ नहीं पढाती है, तो यह मानने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए कि पुलिस भी इन संगठनों की ही पदाधिकारी है।
Free Palestine 🇵🇸
एक ऐसी कोशिश जिसने दुख से घिरी इस जगह पर थोड़ी सी उम्मीद जगा दी और उन चेहरों पर मुस्कान ला दी जो दुनिया के बाकी बच्चों की तरह ही खुशी का अहसास करने के हकदार हैं।👇
हमने जय हिन्द, इंकलाब जिन्दाबाद, हिंदुस्तान जिन्दाबाद बोलकर देश के लिए जान दी और सेवा की, लेकिन हम देश को देवी मानकर पूजा नहीं करते।
जब-जब देश को जरूरत पड़ेगी हम देश के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कभी ब्रिगेडियर उस्मान सहाब कभी वीर अब्दुल हमीद जी कभी कारगिल में आरिफ तो ऑपरेशन सिंदूर में सोफिया जी व संविधान योद्धा ओवैसी सहाब के रूप में देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्पर रहेंगे।
झारखण्ड में बढ़ते मॉब लिंचिंग के मामलात पर मुस्लिम तंजीमों और समाजसेवी संगठनों का फूटा गुस्सा, हाल ही में हुए इमरोज़ अंसारी मामले में सरकार से जल्द कार्रवाई करने को कहा गया। इस मामले में @Mazhar4justice कि पहल काबिल-ए-तारीफ़ है.