क्या पक्ष क्या विपक्ष क्या जात और क्या धर्म भरत तिवारी ने सामाजिक न्याय वाली व्यवस्था एवं कलंक पर पलीता मार दिया
उसने साबित कर दिया की ब्राह्मण सिर्फ एक जात नहीं बल्कि एक आवाज है उनकी जो असली पीड़ित है जिनकी कोई नहीं सुनता जो समाज के निचले पायदान पर है
भरत तिवारी ही असली सामाजिक न्याय के प्रतीक है बाकी तो गुलामी के समर्थक थे
तुमसे जलन हो रही है भरत तिवारी। तुम्हारे जीवन से, तुम्हारे जज्बे से, तुम्हारे लड़ाकेपन से, तुम्हारे जुनून से। जलन हो रही है तुम्हारे मौत से भी, तुम्हारे अंतिम संस्कार में जुटे हजारों की भीड़ से। तुम्हारे लिए लोगों को रोते देखकर जलन हो रही है। जिनके लिए तुम काम कर रहे थे वो विपत्ति में अकेले छोड़े लोग थे, तुम्हारे जात के भी नहीं थे, बाढ़ में उनका सबकुछ चला गया था। तुमने उनके घर, बिजली, चापाकल, सड़क, राशन सबके लिए लड़ा। लड़ते रहे तबतक जबतक सबने तुम्हें मानसिक विक्षिप्त नहीं घोषित कर दिया। तुम्हारी भी एक मां रही होगी। जब तुम व्यवस्था से हार गए और अंत में अपने गले का हनुमानी बेच के तुमने हथियार खरीदा होगा, तब तुम्हें एहसास तो रहा होगा की इस रास्ते पे वापसी नहीं है। फिर हिम्मत कैसे किया तुमने दोस्त ? अपने मां का चेहरा याद नहीं आया ? अपने प्रेयसी संग जीवन जीने का ख़्याल कैसे भुला दिए ? तुम 30 के थे, तुम्हारे दोस्त पैसा कमाने, सुख भोगने में लगे होंगे। तुम कैसे अपने मन को मनाते थे ? चिंताएं भी होती होगी तुम्हें बहुत सी चीजों की ? कैसे इस सबसे जीते ? कैसे इन सभी मोह को त्याग पाए ? जलन हो रही है तुम्हारे त्याग से। जलन हो रही है तुम्हारे क्रांति और बदलाव के भाव से। तुम क्रांति करना चाहते थे, क्रांतिकारी बनना चाहते थे, विद्रोह तुम्हारा तेवर था। क्रांति कर दिया तुमने दोस्त। आशीर्वाद देना ऊपर से। काश की तुम्हारे तरह का मानसिक विक्षिप्त हो पाऊं। काश इतना हिम्मत पैदा हो पाए।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी,
सादर प्रणाम।
देश के कोने-कोने में, बिहार से बंगाल तक, उत्तर प्रदेश से राजस्थान तक और मध्य प्रदेश से लेकर हर उस राज्य तक जहाँ भारतीय जनता पार्टी को जनसमर्थन मिलता है, वहाँ का मतदाता केवल किसी राजनीतिक दल को वोट नहीं देता, बल्कि वह आपके नेतृत्व, आपके न्यायप्रिय व्यक्तित्व और आपके उस संकल्प पर भरोसा जताता है कि इस देश में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, धर्म, मजहब या सामाजिक पहचान के आधार पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
आज उसी विश्वास के साथ मैं आपका ध्यान बिहार के उस दर्दनाक प्रकरण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जिसमें एक युवा भारत तिवारी को अपनी जान गंवानी पड़ी।
हो सकता है उससे कोई भूल हुई हो, हो सकता है उसने कोई गलती की हो, लेकिन क्या उसकी गलती इतनी बड़ी थी कि आत्मसपर्पण करने के बाद भी उसकी जान लें ली जाय ? क्या हमारे संविधान ने किसी को यह अधिकार दिया है कि वह कानून अपने हाथ में लेकर किसी युवक की जान ले ले? यदि नहीं, तो फिर भारत तिवारी के साथ जो हुआ, वह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि कानून के राज, संविधान की आत्मा और नागरिक अधिकारों की हत्या है।
प्रधानमंत्री जी,
जिस ब्राह्मण समाज से भारत तिवारी आता था, उस समाज का एक-एक व्यक्ति वर्षों से राष्ट्रहित और आपके नेतृत्व पर अटूट विश्वास रखता आया है। जब उत्तर प्रदेश में विकास दुबे जैसे दुर्दांत अपराधी का अंत हुआ था, तब पूरे समाज ने यह कहकर उसे स्वीकार किया था कि "अपराधी की कोई जाति नहीं होती।" किसी ने जातीय चश्मे से उसे देखने की कोशिश नहीं की।
लेकिन बिहार में भारत तिवारी के साथ जो हुआ, वह अपराध के विरुद्ध कार्रवाई नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। यही कारण है कि अब बिहार से निकलकर पूरे देश में इस घटना को लेकर आक्रोश और पीड़ा दिखाई देने लगी है।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय पूरे गाँव पर एफआईआर दर्ज कर बिहार पुलिस ने मानो अपनी असमर्थता और भ्रम की स्थिति स्वयं स्वीकार कर ली है। ऐसे में पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद किससे हो?
प्रधानमंत्री जी,
बिहार की जनता ने केवल एक राज्य सरकार नहीं चुनी है। उसने आपके नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया है। उसने यह भरोसा किया है कि यदि कहीं अन्याय होगा तो दिल्ली में बैठा उसका प्रधानमंत्री उसकी आवाज अवश्य सुनेगा।
आज लाखों लोग आपकी ओर देख रहे हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि क्या एक गरीब परिवार के बेटे की मौत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी किसी बड़े और प्रभावशाली व्यक्ति की?
मैं आपसे विनम्र आग्रह करता हूँ कि इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें। यदि आवश्यक हो तो देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को इस प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच का दायित्व सौंपें। उन सभी दोषियों को कठोर दंड दिलाइए जिन्होंने एक युवा का जीवन छीन लिया और उसके परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
यह केवल भारत तिवारी को न्याय दिलाने का प्रश्न नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के उस विश्वास को बनाए रखने का प्रश्न है जो आज भी मानते हैं कि नरेन्द्र मोदी के भारत में न्याय किसी की जाति या हैसियत नहीं देखता।
देश की जनता आपकी ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है।
न्याय हो, शीघ्र हो और निष्पक्ष हो।
सादर।
@narendramodi@AmitShah@PMOIndia
भरत भूषण तिवारी के मौत पर देश के सारे मीडिया खामोश है, किसी में हिम्मत नहीं कि बीजेपी से सवाल कर सके। अब तो स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी ने पैसे के बलबूते सारे मीडिया चैनल खरीद लिया है।
विपक्ष द्वारा मीडिया पर लगाया गया आरोप निराधार नहीं है।
ब्रह्महत्या बहुत बड़ा पाप है फर्जी एनकाउंटर करने वालों याद रखना।
आरा के शाहपुर में जिस युवक भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ है वो क्या करता था एक बार जानने की जरूरत है। पहले से उसके ऊपर एक भी मुकदमा नहीं था। जवानिया गांव के लिए वह लड़का आवाज उठा रहा था। स्थानीय डीएम और जिला के दूसरे वरीय पदाधिकारी से मिलकर लगातार गांव के समस्याओं को उठता था। तरीका उसका अक्षय कुमार की फिल्म गब्बर जैसा था। कुछ लोग इसे सही कह सकते हैं कुछ लोग इसे गलत कह सकते हैं। लेकिन वह लड़का अपराधी नहीं था। एनकाउंटर करने वालों याद रखना ब्रह्म हत्या का पाप तुम लोगों को लगेगा।
Manish Kasyap
इटावा का पुराना वीडियो डालकर सपा को ब्राह्मण विरोधी बताने वाले भाजपाई चाटुकार अपने केंद्रीय मंत्री का पुराना वीडियो एक बार अवश्य देख लेना। हालांकि इस मामले में तब कोई भाजपाई साथ नहीं आया था और हम लोगों ने इस पर खुद कड़ा प्रतिरोध किया था।
भाजपा कितनी बड़ी सनातन विरोधी है, ब्राह्मण विरोधी है आप इस वीडियो देखकर जान जाओगे।
हिंदू धर्म का अपमान, सत्यनारायण कथा का अपमान, पंडितों को साला हरामी बोला गया था।
इटावा का बयान एक सड़क छाप लफंगे का था और ये बयान एक केंद्रीय मंत्री का था। इस मामले के बाद गजेंद्र झा ने जीतनराम मांझी को जवाब दिया था तो गजेंद्र झा को भाजपा ने तुरंत पार्टी से निकाल दिया था।
@ippatel@Sudhir_mish आप लोगों को पुराने और वीडियो चाहिए तो बता देना हम शेयर कर देंगे।
सपा खराब थी इसीलिए भाजपा के लिए खून पसीना एक किया था ब्राह्मणों ने लेकिन भाजपा तो उससे भी ज्यादा खतरनाक निकली।
सपा सामने से वार करेगी लेकिन भाजपा ने तो पीठ में छुरा घोंपा है। दोनों दुश्मन हैं लेकिन दूसरा वाला ज्यादा घातक है।
और कितना लाशे गिनोगे सवर्णों,,वो तुम्हें मारते जा रहें हैं और तुम विकल्प का बहाना बनाकर उनके ही पीछे लगे हो,, आखिर भांड भाजपा ने तुम्हें दिया क्या है,,तुम न्याय मांगते हो तो गोली खाते हो ,, जेल जाते हो,, गाली सुनते हो,,
इतना ज्यादा मजबूर तो पालतू कुत्ता भी नहीं होता जितना कि तुम हो गये,,😡
आज सचिन पायलट जी ने पांचना बांध को लेकर कहा कि पाणी सबको मिलना चाहिए, हाईकोर्ट के आदेशों की पालना होनी चाहिए.!
सरकार हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करवाये
: सचिन पायलट
🚨सब राजनेता इस पानी के मुद्दे पर राजनीति
करते हुये दिखाई देते हैं