@iol_pro IOL India’s defence self-reliance is significant and commendable. Yet, real progress comes from honest self-assessment. If we identify and address our internal shortcomings and inefficiencies, we can achieve far more than we do today and set even higher standards of excellence.
@iol_pro A great example of how people‑centric initiatives bring healthcare closer to millions. From health camps and awareness drives to yoga, wellness and Fit India efforts — India Optel Limited is strengthening the vision of a healthier, stronger and more inclusive nation. 🇮🇳
@AjitSinghRathi ऐसा प्रतीत होता है कि यह सब ईडी,सीबीआई सीआईडी, पुलिस के डर से हुआ। इन भागने वालों में शायद अधिकांश भ्रष्टाचारी ही होंगे। अब भाजपा की वाशिंग मशीन में धूल जायेंगे। 😀
#अतिथि_देवो_भव#कोतवाली_ऋषिकेश
दून पुलिस फिर बनी मददगार
अतिथि देवो भव: के मूल मंत्र को सार्थक सिद्ध करती देहरादून पुलिस
विदेश से ऋषिकेश घूमने आए पर्यटकों के खोए हुए पर्स व नगदी को अल्प समय में खोज कर सकुशल किया उनके सुपुर्द
@AjitSinghRathi एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना है। ऐसे मामलों में प्रशासन और पुलिस से संवेदनशीलता, गंभीरता और जवाबदेही की उम्मीद की जाती है।
थलापतीजी देख रहे हो ना अपनी संवेदनहीन पुलिस 😡
ये देखिए कितना रोशन है देश,
यूपी मिस्टर जौनपुर आजमगढ़ बलिया की जनता बिजली कटौती से त्रस्त होकर सड़कों पर आ गयी है।
पूरे यूपी में बिजली का तगड़ा कट है, महीना भर गर्मी का यही हाल रहा तो और मुश्किलें बढ़ेंगी।
@BJP4India@INCIndia
@AjitSinghRathi राठी जी नमस्कार🙏
क्या आज भी गांव वही सुकून, अपनापन और आत्मा समेटे हुए हैं, जो कभी भारत की पहचान हुआ करते थे?
या शहरों की दौड़ ने उनके स्वभाव और आत्मा को भी बदल दिया है?”
@AjitSinghRathi वाह! यानी 1974 से लेकर 2026 तक इतनी तरक्की कर ली कि महँगाई तो वही है, बस गाना पुराना हो गया।
अब रोटी, कपड़ा और मकान का दर्द भी रीटेल में आ गया है — वही संगीत, वही आवाज़, बस कीमतें नई।
लेकिन ये पुरानी चीज़ें प्रासंगिक इसलिए हैं, क्योंकि नई सरकारें पुरानी गलतियाँ ही कर रही हैं।
@AjitSinghRathi “कलम की धार और मिट्टी से प्यार — यही असली भारत की पहचान है।
ज़मीन से जुड़ा पत्रकार ही समाज की असली आवाज़ बनता है।
गांव की इस चारपाई पर सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि खेत, किसान और पत्रकारिता का आत्मीय संगम दिखाई दे रहा है।” 🌾🖋️