"जिस तरह से चार पूर्व मुख्यमंत्री—अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार, पिनारयी विजयन—कल देश के छात्रों और युवाओं के साथ सड़कों पर उतरे, हम देश के लोगों के लोकतंत्र को बचाने के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष के लिए तहे दिल से उनका आभार व्यक्त करते हैं."
: आशुतोष रंका
#WATCH | Delhi | On today's SC hearing, Senior Advocate Kapil Sibal says, "We are deeply grateful to the Supreme Court for having passed an order that restores faith by professionals in the system of justice in this country..."
“हम उन लोगों के खिलाफ लड़ेंगे, जिन्होंने भारत की चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता से समझौता किया है। हर भारतीय को उनके खिलाफ खड़ा होना चाहिए।”
— विशाल ददलानी, गायक और संगीतकार
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BIG BREAKING | सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को अवैध हिरासत में नहीं लिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक अदालत ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने, इंटरनेट सेवाओं में कानून के विपरीत बाधा नहीं डालने और आम लोगों की आवाजाही तथा यातायात को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया गया है। अदालत ने कहा कि न्याय तक पहुंच को लेकर लोगों के मन में किसी तरह की आशंका नहीं होनी चाहिए।
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Heading back to my village to be with my family during this moment of grief.
Saurav and Ashu will address a press conference shortly in Delhi.
The CJP will neither back down nor be intimidated.
October 10 will go down as the beginning of the end of this dictatorship.
ध्रुव राठी को छोड़िए, उन्होंने अपना वीडियो डाल दिया है। जो गुंडे हैं, गोदी मीडिया को उनका पीछा करना चाहिए। ज़रा चार सवाल पूछ कर देखना चाहिए कि हज़ारों की सुरक्षा के बीच गुंडे कहाँ से आ गए? जनता के पैसे से गोदी चैनलों और अख़बारों को कई सौ करोड़ के विज्ञापन मिलते हैं। इनके पास कई सौ रिपोर्टर हैं। इनका डिटेल ले आएं, पुलिस और गृहमंत्री से पूछ कर दिखाएं कि गुंडे कहाँ से आए थे? कहाँ से हर बार आ जाते हैं और पुलिस कुछ करती क्यों नहीं है? ध्रुव का इंटरव्यू तो आसान है। उन्होंने तो अपना पासपोर्ट दिखा दिया कि भारतीय है। कमाल का दौर है। एक अखबार की रिपोर्ट में गुंडों की चर्चा न के बराबर है और इंस्टाग्राम पर उसी अख़बार के अकाउंट पर शानदार तस्वीरे हैं। वैसी तस्वीरें अख़बार में नहीं हैं। इसका मतलब है उस अख़बार के पास हिंसा की सूचना थी, पुलिस की ज़बरदस्ती की अपनी तस्वीरें थीं फिर भी आप पेपर के तीन चार पन्नों को पलट कर देखेंगे तो ज़बरदस्ती का स्केल दिखेगा नहीं जो उनके इंस्टा अकाउंट पर उन्हीं के शानदार फोटोग्राफर ने ली है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अवमानना का नोटिस जारी किया है
◆ कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली में आवाजाही और इंटरनेट सेवा सामान्य की जाए
◆ लोगों को अपने पेशे से जुड़े काम करने से न रोका जाए
◆ कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड हटाए जाएं
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मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिहा होने के बाद अभिजीत दिपके ने X पर पोस्ट कर पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा,
"प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी, भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं. इस देश ने आज तक उनसे बड़ा कायर व्यक्ति नहीं देखा."
[Jantar Manta, CJP Protest, Delhi Police]
"विश्वास हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट ही है, जिससे लोगो को राहत मिलेगी"
◆ राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा
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दिल्ली : दिल्ली को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
" शहर भर से बैरिकेड्स हटाए जाएं, इंटरनेट बंद नहीं किया जा सकता है, इंटरनेट पूरी तरह बहाल किया जाए, अगली सुनवाई तक मेट्रो पर रोक न लगे "
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