🌸 सुप्रभात 🌸
राधे कृष्ण 🙏
उगते सूर्य की सुनहरी किरणों के साथ
राधा रानी और श्रीकृष्ण की असीम कृपा
आपके जीवन में सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि का प्रकाश भर दे।
हर पल मन में राधे-राधे का नाम गूंजता रहे,
हर कार्य में प्रभु का आशीर्वाद मिलता रहे,
और आपका आज का दिन मंगलमय एवं आनंदमय हो।
🦞🌺राधे-राधे! 🌺
आपका दिन शुभ और मंगलमय हो। 🙏
18 साल का बेटा चला गया किसी का !
सिर्फ पैर टूटा था... ICU में भर्ती कर बना दिया ₹22 लाख का बिल, और फिर जान भी चली गई,😡😡
रांची के राज हॉस्पिटल में एक मरीज को एडमिट कराया गया था क्योंकि उसका पैर फ्रैक्चर हुआ था,
भर्ती करने के बाद मरीज की 2–3 दिन तक ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण शरीर में इंफेक्शन फैल गया,
ऊपर से इलाज के नाम पर करीब ₹22 लाख लिए गए और बाद में डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को बचाया नहीं जा सकता,
18 वर्षीय राजू कुमार रंजन की मौत अस्पताल की लापरवाही और लूट की वजह से चली गई, ईलाज करने वाले सारे डॉ और हॉस्पिटल पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए !
सच कहूं तो आजकल कुछ प्राइवेट हॉस्पिटलों में गजब की लूट मची हुई है।
राहुल गांधी ने कटरा से माता वैष्णो देवी के दरबार तक 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा की।
वे चाहते तो हेलीकॉप्टर, VIP दर्शन, रेड कार्पेट और 10 से ज़्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ जा सकते थे, लेकिन उन्होंने एक सच्चे श्रद्धालु की तरह पैदल चलकर दर्शन करना चुना।
क्या आपने कभी किसी भाजपा नेता को मंदिरों में भी VIP सुविधाएं छोड़कर आम श्रद्धालु की तरह जाते देखा है?
यह पिछले 12 वर्षों के इतिहास में किसी भी न्यायालय द्वारा दिया गया अकेला न्याय है जिसमें संविधान, देश और आम आदमी के मौलिक अधिकारों की विजय हुई है। यह बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस माधव जामदार हैं। इस विद्वान न्यायाधीश ने अपने एक फैसले में जो कहा है वो नजीर है, नजीर रहेगीं। इनका फैसला बीजेपी और मोदी एवं शाह की आँखों के किरचों की तरह चुभेगी।
दरअसल सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वहीद चौधरी के खिलाफ एक साल के लिए जिला बदर आदेश पारित किया था। सईद केंद्र सरकार के विभिन्न फैसलों जैसे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के खिलाफ मोर्चे और धरने आयोजित कर रहे थे
जस्टिस जामदार इस आदेश पर आगबबूला हो गए। उन्होंने कहा "यह क्या है? सभी नागरिकों को भारतीय सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है। वे प्रदर्शन नहीं कर सकते, आंदोलन नहीं कर सकते ।यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो रहे हैं। अगर लोग विरोध करें तो आप केस थोप देंगे। यह क्या है? नागरिकों का प्रदर्शन करना उनका अधिकार है।
याचिकाकर्ता ने तो सिर्फ 'बीजेपी सरकार मुर्दाबाद', 'अमित शाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए.।नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए जिला बदर आदेश क्यों?"
जस्टिस जामदार ने आगे मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पुलिस नागरिकों को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं कर सकती क्योंकि उन्होंने सरकार के फैसलों का विरोध किया है।"पुलिस मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री की सेवक नहीं है, वे जनसेवक हैं। मैं आपके अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाऊंगा।"
जस्टिस जामदार ने महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे "हॉर्स ट्रेडिंग" पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा "कल परसों एक 10 साल के बच्चे की दुर्घटना में मौत हो गई और राज्य विधानसभा में क्या चर्चा हो रही थी कि प्रेसिडिंग ऑफिसर कैसे चुना जाए और वह एक पार्टी से दूसरी पार्टी में कैसे शिफ्ट हो गया।यह क्या है? वैसे भी पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है। आपके पास कुछ FIRs हैं।केस बदलने पर विचार करें, वॉशिंग मशीन है।" और सईद अहमद का जिला बदर रद्द कर दिया गया।
सैल्यूट जस्टिस माधव, सैल्यूट बॉम्बे हाईकोर्ट
अलीबाबा और 40 चोरों की कहानी, राम दरबार में की लूट की खुली मनमानी.
धर्म के नाम पर सिर्फ़ रह गयी ये निशानी
देश तोड़ कर , मंदिर लूट कर फ़ैला रहे हैं वीरानी.