कुछ साल पहले तक हमारी देशभक्ति काबुल के आगे ईरान बॉर्डर तक थी,
फिर हम पेशावर के थोड़ा आगे तक रोक लिए अपनी देशभक्ति,
फिर वो दौर भी आया जब हमारी देशभक्ति अमृतसर के आस पास तक आकर रुकी है ।
देशभक्ति बहुत डायनामिक फीलिंग है ।
#Deshbhakti#Patriotism
बहुत पहले कहीं पढ़ा था देशभक्ति पे:
"Patriotism is nothing but loyalty to real estate, real estate that has been conquered 800 different times by 800 different regimes with 800 different cultures. But each time it’s just the best."
#Deshbhakti
छोटे से कार्यकाल में प्रधान ने शिक्षा व्यवस्था कि ऐसी माँ बहन की है कि JNU का हिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री बिहार में एसिटेंट लेक्चरर के लिए स्वीकार नहीं हो रही कि इस डिग्री में अन्सिएंट हिस्ट्री लिखा हुआ है , हिस्ट्री नहीं।
ऐसी-ऐसी छोटी सैकड़ों चीजें हैं , जिसे चाहकर भी कोई मीडिया स्पेस नहीं दे सकता।
सेंट्रल गवर्नमेंट के पेपर्स दनादन लीक हुए। NCERT , नीपा दोनों को बर्बाद कर दिया है। हर जगह अपने फेवरेट ऑफिसर बैठाने के जुनून में इनकंपीटेंट अधिकारियों को भर दिया है। अच्छे अधिकारी शंटिंग में है।
पहले जिन पुस्तकों को छपने में महीनों डिस्कशन चलता था। अब वो रातों-रात छप जाती हैं। उनको पढ़िए तो भाषा गिरता स्तर समझ आता है।
फिर बच्चे गाली की ही भाषा में बात कर रहे हैं तो लोगों को अचंभा लग रहा है।
पेपरलीक पर देशभर में चल रहे आंदोलनों के बीच 2024 NEET-UG के मुख्य आरोपी को क्लीनचिट मिल गई है। CBI ने गुरुवार को बताया कि बिहार पुलिस ने संजीव मुखिया को इस मामले का मुख्य आरोपी बनाया था, लेकिन जांच में उसके खिलाफ प्रश्नपत्र चुराने या लीक करने के सबूत नहीं मिले।
संजीव को इस मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा। उस पर सिपाही बहाली पेपर लीक का भी केस है। CBI ने कहा कि एजेंसी ने इस केस में प्रश्न पत्र की चोरी और उसे बांटने में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की। उन कैंडिडेट्स की भी पहचान की जिन्हें, क्वेश्चन पेपर से फायदा हुआ। CBI ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, इसमें 45 लोगों के नाम हैं।
उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) की सेमेस्टर परीक्षाओं के 2 पेपर लीक हुए। यूनिवर्सिटी से जो डिग्री कॉलेज जुड़े हुए हैं, उनके प्रोफेसर ही व्हाट्स एप पर पेपर बांट रहे थे। देहरादून में शिवालिक कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष गुप्ता गिरफ्तार, FIR दर्ज हुई।
@MediaHarshVT 8 लाख इंडियन रहते हैं कतर में around ₹38,000–39,000 crore हर साल इंडिया भेजते हैं तो 250-300 rupee per plate का खाना तो भेज ही सकते हैं ।
झूठे नहीं आप लोग गाली खा रहे आप लोगो ने कमाया है वो ।