भीम आर्मी के गुंडों ने अलीगढ़ में सचिन राघव को पीटा, हत्या का प्रयास किया, अपमानित किया। और अब पुलिस स्टेशन भी घेर कर बैठ गए हैं। क्या सवर्णों की यही स्थिति बनी रहेगी? क्या सवर्ण होना और सड़क पर निकलना भी अपराध हो गया है?
हमारी बहन-बेटियों पर हर दिन टिप्पणी होती है, सरकार सोई रहती है। अब भीड़ बना कर घेरा और पीटा जा रहा है। ध्यान रहे, जिस दिन सवर्ण ने इन्हीं गुंडों की तरह कानून से डरना बंद कर दिया, वह दिन बहुत विकट होगा समाज के लिए।
क्यों @AmitShah जी, ये है आपकी पुलिस? परमिशन जंतर मंतर की माँगी थी, एक महीने पहले माँगी थी और जिस दिन प्रोटेस्ट होना है, उस दिन १२ बजे @DelhiPolice बता रही है कि रामलीला मैदान के लिए अनुमति दी जा रही है, वह भी 4 बजे तक के लिए और 500 लोगों के लिए! क्या 500 लोगों के लिए जंतर मंतर पर जगह नहीं है? हर पैंतरा आज़मा लो, पर लोग रुकने वाले नहीं हैं।
परमादरणीय @nitin_gadkari जी, यदि आप एक डैश के डैश हो, तो आपको चुनौती देता हूँ राहुल गाँधी का यह वीडियो तीन घंटे में डिलीट करवाने का। मेरे जैसे लोगों को तो आपने 157 पेज का फाइल भेजा है, पर यदि साहस है तो upto E20 तक लिखे इस ढक्कन वाले नेता पर केस कर के दिखाओ।
इस हैंडल को हैंडल करने वाले चूतियों से बड़ा चूतिया आपको कहीं नहीं मिलेगा। अबे घोंचू! उसी PM की चुप्पी के कारण ये सब हो रहा है। कोई सेंस ऑफ़ प्लेस और टाइम है या नहीं तुम लोगों में?
और घंटा &^%₹# शरीर का कण-कण? 7 महीने से स्टूडेंट से जुड़ी हर बात पर कायरों वाली चुप्पी रही है इसलिए ये दो कौड़ी के वीडियो और सेकंड हैंड स्टेटमेंट बताना बंद करो। जहाँ चुप रहना चाहिए वहाँ उल्टी कर रहे हैं, जहाँ बोलना चाहिए, वहाँ ईगो इतना बड़ा हो जाता है कि क्या कहा जाए!
अब मुझे यह समझ में नहीं आ रहा कि सरकार ने UGC पर इंगेज नहीं किया, CBSE/NEET पर जब बोलना था, तब एक शब्द नहीं बोला, आज कैसे थूक चाटने लगे?
यही बात तो पार्टी के समर्थक सात महीने से बोल रहे थे। पूरा कम्यूनिकेशन ब्लैकआउट किया, मीडिया में अपने प्रवक्ताओं को भेजना बंद किया, हाउस अरेस्ट कराया, सुप्रीम कोर्ट से स्टे के बाद से ऐसे जताया कि उपकार कर दिया हो, आज घुटनों पर आ गए?
यही इस सरकार का पैटर्न बन चुका है। फोड़े को बवासीर बनने देते हैं, फिर जब लगता है कि अब मामला हाथ से निकल गया, तब झुक कर बात मानने को तैयार हो जाते हैं।
सुबह के 11 बजे तक यह आंदोलन सरकार के हिसाब से चल रहा था, नियंत्रण में था। अब यह स्पष्ट है कि नड्डा के घर बुलाने और तीन माँगें सुनने के बाद, तिलचट्टों का विश्वास आकाश पर है और वो CAA, किसान आंदोलन की तरह, भारत को नया, फर्जी आंदोलन देने जा रहे हैं।
अब मुझे देखना है कि माँगों पर सरकार करती क्या है! आत्महत्या करने वालों के परिजनों को एक करोड़ की माँग उचित है, क्योंकि अधिकांश पेपर लीक के कारण ही ‘सॉरी’ लिख कर मरे। दो अन्य माँगों में से एक प्रधान के त्यागपत्र की है, जो होना तो जनवरी में ही था, पर ईगो के कारण आज तक खींच लाई सरकार।
प्रधान अब इनके गले की फाँस बन चुका है।ये हर वो चीज करते हैं, जिसका इन्होंने पहले विरोध किया पर वामपंथी इनसे करवाते हैं। ‘कास्ट सेंसस’ ये राहुल के कहने पर करा रहे हैं, और प्रधान अब तिलचट्टों के कहने से जाएगा।
इनकी पुलिस आज फिर पिटी है, जैसे लाल किला वाले आंदोलन में पिटी थी। आईटीसेलिए फिर से विक्टिम बने घूम रहे हैं और यह पूछ रहे हैं कि ‘क्या ऐसे लोग विद्यार्थी हैं’? फिर अपने मालिक से पूछो न कि क्यों नड्डा से मीटिंग को तैयार हो गए?
जब सरकार अपने समर्थकों पर थूकती है तब उन्हें दूसरों का थूका चाटना ही पड़ता है।
जब मैंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को अपमानित करके (कहा तो मैंने कुछ और ही था) कैबिनेट से निकाला जाना चाहिए, तो कई लोगों को (UGC के कारण मेरे सरकार विरोध में होने से) समस्या हो गई थी।
इस नकारे मंत्री के कार्यकाल में NEET 2026 रद्द हो गई। इनसे पेपर लीक रुक नहीं रहा, DU में सवर्ण सहायक प्रोफेसरों को चिह्नित करके निकाला जा रहा है, VC वामपंथी लेख लिख रहे हैं, नई शिक्षा नीति लागू हो रही है पर पन्नों में ब्राह्मण ब्रिटिश को न्योता दे कर बुलाता दिखाया जा रहा है, NCERT में आज भी डिस्टॉर्टेड इतिहास पढ़ाया जा ही रहा है, फिर यह व्यक्ति क्या एक प्लेस होल्डर मात्र है?
हर 58 मिनट में एक छात्र आत्महत्या करता है। उसका कारण स्ट्रेस है, चिंता है, असफलता है, तंत्र द्वारा उसकी परीक्षा लेना है। निर्धन छात्र पैसे ले कर नए नगर में परीक्षा देने जाता है, प्लेटफार्म पर अख़बार बिछा कर सोता है, सड़क किनारे जल पीकर परीक्षा देता है कि एक दिन परिणाम आने पर उसकी चिन्ताएँ समाप्त हो जाएँगी, पर तंत्र उसे तड़पाता रहता है।
धर्मेंद्र प्रधान एक निकृष्ट और नकारा नेता है, उस से भी गया०बीता मंत्री। ऐसे लोगों को कोई घर का गराज संभालने ने दे, ये देश की शिक्षा घंटा सँभालेगा? @narendramodi जी, यदि UGC के 118 दिन बाद आपकी सरकार ने सवर्णों को औक़ात दिखा दी हो, और आपका ईगो शांत हो गया हो कि क्या उखाड़ लिया, गुजरात निगम और असम-बंगाल चुनाव जीत गए, तो प्लीज़ इस निकम्मे धर्मेंद्र प्रधान को विदा कीजिए।
यदि, चुनाव के आँकड़े ही आपके लिए एक मात्र मोटिवेशन हैं और देश की शिक्षा गर्त में जाते अच्छी लगती है, तो फिर कोई बात नहीं, UP चुनाव के लिए रैलियाँ कीजिए।
इस मनहूस जिह!दन ने हिंदू लड़कियों के बल!त्कार और धर्मांतरण में मुख्य भूमिका निभायी
मुल्लियाँ मुल्लों से बड़ी जिह!दी है
अपनी बेटियों को इनसे दूर रखिए
#महाकालीवाहिनी
इनका नाम है समीर रिज़वी ये मेरठ के रहने वाले।
एक हिन्दू कश्मीरी पंडित सुरेश रैना की इन पर कृपा हुई csk ने खरीद लिया लेकिन फिर रिलीज कर दिया।
फिर एक हिन्दू टीम मालिक दिल्ली कैपिटल ने IPL 2026 में इन्हें खरीदा।
अब खबर आ रही है कि इनको पूरे भारत मे एक हिन्दू लड़की मिली जिसका नाम था yesha sagar और ये उसको इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बना रहे हैं?
भारत का शांतिदूत कंही भी पहुच जाए वो अपना मकसद नही भूलता है।
उसका जो मकसद वही करेगा।
अनिल यादव जैसे
जाति के कीड़े समाज के कैंसर हैं 🚨
वैसे तो एक क्रिकेट प्रेमी होने के नाते मुझे मयंक यादव और प्रिन्स यादव दोनों ही बेहतरीन गेंदबाज़ लगते हैं अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो प्रसंशा भी करते हैं...
लेकिन सिर्फ शर्मा लगे होने की वजह से मैंने कभी ये नहीं बोला कि आज अभिषेक शर्मा और अशोक शर्मा दोनों टीम में खेल रहे तो आज खुदा टीम को हरा नहीं सकता
पता है क्यों... बस यही फर्क है कीड़ों की सोच और इंसानों की सोच में.....
आप जानते हैं अनिल यादव ने सिर्फ गंदी नाली के कीड़े की सोच की वजह से ब्रह्मा शब्द इस्तेमाल किया.. क्यूंकि इस घटिया छिद्र से निकले घटिया कीड़े को पता था कि इस शब्द को लिखने से इसको ब्रह्मा के अनुयाई हज़ारों गालियां देंगे जिसकी वजह से इसकी इंगेजमेंट बढ़ेगी और पेआउट अच्छा आएगा इस बेरोजगार का....
हद है नीचता की....
Today, a video of a woman from Mumbai is going viral in which she is angrily shouting at a BJP leader for blocking the road during a protest, which caused her inconvenience.
And now, everyone - including the left and opposition -is supporting this woman.
But two years ago, when a girl reacted in the same way and got angry at farmers for blocking roads during the farmer protests, the same left-liberals and opposition heavily trolled and mocked her.
In both cases, the situation is the same - so why this double standard?
@khanumarfa Meet Arfa
>No solidarity with TCS Hindu girls
>No solidarity with 180 Girls trapped by Md. Ayaz
>No solidarity with Pahalgam Hindu Married Girls
But she is quick to show solidarity who mocks Hindu "Sanskari" and Hinduism.