@nsinghal211 FYI- As per provision of RBI, IF property papers are lost by bank or regulated entities then in that case bank need to pay the entire cost of reissuance of property papers and for every delay after 30 days res need to pay 5000 on daily basis.
फ़िलहाल तो नहीं मगर नीतीश के 2004-05 वाले इंटर पास शिक्षामित्र बैच में बहुत से लोगों ने वाक़ई ज़मीन बेचकर ; मुखिया को घुस देकर अपने पत्नियों की नौकरी लगवाई। उन सबकी पत्नियाँ घर के सारे काम निपटा कर स्कूल जाती रही।
मैं कई ऐसे स्त्रियों को भी जानता हूँ , जिन्हें आवारा , लंपट, शराबी , उज्जड़ , बदतमीज़ लोगों से ब्याह दिया गया फिर भी उन्होंने अपने जीवन साधना से अपने परिवार को भी संभाला और पति को भी एक समय के बाद बदल दिया।
आजकल कंटेंट का ज़माना है , इसीलिए लव-सेक्स और धोखा वाले कंटेंट का बोलबाला है। मगर आज भी ऐसे मामले में समाज 90+ बीवी अपनी गृहस्थी चलाने के लिए हर तरह के संघर्ष कर रही हैं। और इस वैवाहिक व्यवस्था और समाज को पतन से बचाए हुए हैं।
@ArvindKejriwal Dear Mr Kejriwal, You have been a mass murderer of lakhs of people who have left everything only for the sake of the false hope given by you. Against those atrocities whatever is happening with you that is nothing but a penny.
Following the successful inauguration of its Zonal Office in Jaipur, Central Bank of India continues its strategic expansion in Rajasthan with the official opening of its Regional Office in Udaipur. Operating under the newly established Jaipur Zone, this office is set to enhance localized banking support and drive financial growth in the Mewar region.
The Udaipur Regional Office was inaugurated by Shri Kalyan Kumar, MD & CEO of the Bank, marking another significant milestone in the Bank’s mission to bring streamlined operations and superior service closer to its customers.
The event saw the presence of Shri Meher Panigrahi (Zonal Head, Jaipur), Shri Shishram Tundwal (Zonal Head, Delhi), Shri Nitin Sharma, Regional Head, Udaipur, alongside prominent Branch Heads, esteemed former staff members, and customers of the Bank.
#CentralBankOfIndia #CentralToYouSince1911 #Udaipur #Rajasthan #BankingGrowth
भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के सारन में राजपूत बच्ची को पाँच पासवान लड़कों ने खींचा, रेप किया और मरने के लिए कुएँ में फेंकने के पश्चात् व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया कि ‘दुल्हन बना कर ले जाएँगे’।
जब रुचि तिवारी को उसके ब्राह्मण होने के कारण पुलिसकर्मियों के सामने से दिल्ली में, भरी दोपहरी में खींचा गया था, मैंने तब भी कहा था कि अगली वारदात खुल्लमखुल्ला रेप और हत्या की होगी। वह आज हो गई है।
प्रदीप भारद्वाज को बाथरूम में बंद कर अग्निशामक चला कर मारने का प्रयास रुचि तिवारी के रेप/हत्या के प्रयास के कुछ ही दिनों के भीतर हुआ। दोनों में ही, मुझे संदेह है कि पुलिस ने अटेम्प्ट टू मर्डर या रेप के चार्ज लगाए होंगे।
जब पुलिस मूक हो जाती है, सत्ता पक्ष सामान्य वर्ग को सताने की नई नीतियों के आविष्कार में व्यस्त रहता है, तब ऐसे ही सवर्ण समाज की बच्चियाँ सत्ताधीश की जातिवादी कुंठा की बलि चढ़ जाती हैं।
@narendramodi जी, 22 से 47 नहीं, 87 कर दो, पर क्या उत्तर दोगे इस बच्ची की माँ को? @BJP4India के नेताओं, तुम्हारी मूक सहमति ऐसी क्रूरता को जनती है।
यही कारण है कि हमारी लड़ाई केवल UGC रोलबैक की नहीं है, हमारी लड़ाई इस तंत्र से है जिसने सामान्य वर्ग की बच्चियों को रेप-हत्या का सामान बना दिया है, जिसमें हमारी सुनवाई है ही नहीं।
राजपूत-ब्राह्मण-भूमिहार-लाला आदि को ले कर घृणा इतनी मेनस्ट्रीम हो गई है कि किसी पासवान समाज के दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित को लगता है कि सवर्ण बच्ची का रेप करना, उसके पूर्वजों के साथ हुए कथित अपमान का उचित बदला है।
उसे इसी सरकार ने यह हथियार थमाया है कि दीवारों पर लिखे नारों के मुँह तक पहुँचने, और देश छोड़ने के नारों से कब्र खुदने की बात तक, सवर्णों के प्रति घृणा सामान्यीकृत की जा चुकी है। ये नारे अब केवल नारे नहीं हैं, ये नारे दिल्ली में लगते हैं, बिहार में फोन पर देखे जाते हैं और किसी बच्ची को इस दुष्कृत्य का शिकार बना दिया जाता है।
आप ही बताइए, मैं केवल यूजीसी रोल बैक पर कैसे रुक जाऊँ?
2022 में मेरे भतीजे का NEET का AIR - 164 था.. MBBS के लिए AIIMS दिल्ली नहीं मिला.. आरक्षण में AIR- 5600 वाले बच्चे को मिला ..॥ बाकी जो है सो हइये है … कीजिए #हूंबो_हूंबो