हिंदू महिला ने सजा रखी थी प्रभु श्रीकृष्ण की झांकी... डिलीवरी बॉय खालिद पहुँच कर बजाने लगा अज़ान वाली रिंगटोन,
रोकने के बावजूद बार-बार रिपीट करता रहा वही रिंग... दहाड़ कर बोली- "मैं कैसे मान लूँ कि अल्लाह ही सब कुछ है ?"
फिर पूछा- मैं अगर ईद में तुम्हारे घर पर बजाऊँ हनुमान चालीसा तो ?..
तम्बाकू खा कर पूजा स्थल पर फैलानी चाही थी अपवित्रता भी..
#ViralVideo #Azaan
गाँव हस्तसाल उत्तम नगर की सरकारी ज़मीन पर बने
अवैध कब्रिस्तान ईदगाह मस्जिद मदरसा उत्तमनगर मामले में साथ देने की अपील
हम लड़ रहे है आप साथ देंगे ?
शेयर भी नहीं कर सकते तो छोड़ दीजिए सोशल मीडिया
144 घंटे से GC की 6 मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठीं राष्ट्रीय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर जी की हालत बिगड़ रही है।
इन्हीं मांगों को लेकर आज जयपुर में जन आक्रोश आंदोलन है।
चुप बैठी हैं सिंदूर, चूड़ी बिंदी वाली महिलाएं..., हंगामा, शोर और बवाल सिर्फ सफेद कुर्ते और छोटे पैजामे वाले का.
भारत नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों से भिड़ता दिखा वर्ग विशेष वाला उन्मादी,
संसार का कोई भी बॉर्डर किसी भी देश का क्यों न हो, उन्हें सिर्फ उसमें घुसना ही है..
बॉर्डर पर एकतरफा बढ़ती मुस्लिम आबादी से कई साल पहले सतर्क किया था सुदर्शन न्यूज ने.
#Nepal #Border @SSB_INDIA
अंतर्जातीय विवाह बिल्कुल नहीं होने चाहिए।
अगर कोई अंतर्जातीय विवाह का समर्थन करता है
तो उससे बड़ा कोई हिंदू धर्म का दुश्मन नहीं है।
~श्री राजेंद्रदास जी महाराज
ओबीसी रिजर्वेशन हो या मोदी एक्ट, कानून और अधिकारों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं होना चाहिए।
2018 में SC/ST Act पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर फैलाई गई गलतफहमियों के बाद कानून में बदलाव हुआ। प्रश्न इतना है कि किसी भी कानून में प्राकृतिक न्याय और निष्पक्ष जाँच का सिद्धांत क्यों न हो? कानून सुरक्षा दे, किसी के उत्पीड़न का हथियार न बने।
कल एक न्यूज पढ़ के हृदय द्रवित हो गया
सदर अस्पताल मधुबनी के चिकित्सक संजय कुमार ने
25 और डाक्टरों के ऊपर sc st एक्ट में मुकदमा दर्ज करवा दिया
जिसमें
25 डाक्टरों और संजय कुमार के बीच कहा सुनी का वीडियो वायरल है
समझ में नहीं आता ये देश कहा जा रहा है
ऐसा किसी ओर देश में संभव नहीं है जहां 25 लोगों की जगह एक आदमी की बात मानकर अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज हो जाए
सत्यप्रकाश जाटव ने अपनी पहचान को लेकर झूठ बोला, उसके बाद उसने नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता पांडेय से मंदिर में शादी की अब धक्का देकर स्नेहलता को मार डाला। संतान पैदा होने के बाद कानपुर घुमाने के बहाने उनकी हत्या कर दी।
सत्यप्रकाश जाटव शादीशुदा था उसके औलाद नहीं हो रही थी, उसने अपनी असली पहचान छिपाकर स्नेहलता पांडेय से शादी की, संतान पैदा किया। संतान को अपने घर में दिया!
स्नेहलता को कानपुर घूमने ले जाने के बहाने नदी में धक्का देकर मार डाला।
ये खबर पूरे मेनस्ट्रीम मीडिया से ग़ायब है। इतनी भयावह घटना पर कोई प्राइम टाइम डिबेट नहीं। मामला MP के भिंड का।
फ्रांस में 05 लाख घुसपैठिये हैं और भारत में 05 करोड़।
लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, घुसपैठ और जनसंख्या विस्फोट के कारण भारत के 09 राज्यों, 200 जिलों, 1500 तहसीलों की डेमोग्राफी बदल चुकी है।
क्या भारत सुरक्षित है?
विकास ज्यादा जरूरी है या सुरक्षा?
@narendramodi@AmitShah
फ्रांस में पार्षद-सांसद-मंत्री हैं
संसद-संविधान-सुप्रीम कोर्ट है
हाईवे-एक्सप्रेसवे-एयरपोर्ट भी है
याद रखिए
आज के नेता 25 वर्ष बाद आपका मकान-दुकान-खेत-खलिहान बचाने नहीं आएंगे
लेकिन
घुसपैठ, धर्मांतरण और जनसंख्या नियंत्रण कानून आपकी 25 पीढ़ियों को बचाएगा
@narendramodi@AmitShah
Ugc का मुद्दा जबसे प्रकाश में आया
दो सवर्ण समाज के नेताओ ने बहुत मदद की हर जगह मुखर होकर बोलते रहे
एक आदरणीय प्रियंका चतुर्वेदी जी थी
एक आनंद दुबे जी
जो दूसरी पार्टी में होते हुए भी हमेशा टीवी डिबेट में ugc का विरोध किया
एक बार मैने अमीश देवगन की डिबेट में देखा आनंद दुबे जी ने बीजेपी प्रवक्ता को बोला था
वोट सवर्णों से लोगे ugc भी सवर्णों पे लगाओगे
कही तो जीने दो सवर्णों को
आदरणीय आनंद दुबे जी और प्रियंका जी से अन्य सवर्ण सांसदों विधायकों को सीखना चाहिए
सवर्ण समाज इन लोगों का सदा आभारी रहेगा
शायद आपने ध्यान दिया होगा कि जब से भाजपा ने यूजीसी वाले मामले में पड़ी लकड़ी उठाई है,, लगभग उसी के बाद से,, यानी जून के महीने से जो नीट पेपर आंदोलन शुरू हुआ है, उसके बाद पिछले 4 महीने से अलग अलग मुद्दों पर लगातार आंदोलन जारी हैं..
और इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले 15 साल से भाजपा और मोदी के प्रत्येक डिफेंस में सोशल मीडिया पर मजबूती से उठ खड़ा होने वाला "सवर्ण वर्ग" का एक बहुत बड़ा हिस्सा खामोशी ओढ़े हुए है.. अब सवर्ण वर्ग मोदी सरकार के बचाव में नहीं उतर रहा.. यहां तक कि व्हाट्स एप समूहों में भी जैसी जबरदस्त राजनैतिक खींचतान और बहस होती थी, अब वह भी काफी हद तक गायब हो चुकी है और कई व्हाट्स एप समूहों पर मोदी समर्थकों के ताजिये ठंडे कर दिए गए हैं..
ऐसा प्रतीत होता है कि मानो सामान्य वर्ग ने मन ही मन तय कर लिया है कि "जाओ रे!! अब समर्थन भी उन्हीं वर्गों से ले लो, जिनकी सेवा और चाटुकारिता में दिन रात बिछे चले जा रहे हो,, हम क्यों तुम्हें डिफेंड करें?".
क्या आप इस बात से सहमत हैं, कि सवर्ण वर्ग भले ही कटु विरोध प्रकट नहीं कर पा रहा, परन्तु उसकी खामोशी और तटस्थता ने भी भाजपा और संघ की बेचैनी बढ़ाई है.. हालांकि वर्तमान संघ अब मोदी और शाह के सामने पूर्ण नतमस्तक है, ये दोनों व्यक्ति जो चाहते हैं, वो सब करते हैं और संघ चूँ भी नहीं करता, या नहीं कर पाता.. लेकिन सामान्य वर्ग की नाराज़गी अब अंदर ही अंदर उनमें भी भय पैदा कर रही है..
हाल ही में सामान्य वर्ग के पक्ष में मध्यप्रदेश में 73% आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट का निर्णय आया, लेकिन मप्र सरकार इसके विरोध में सुप्रीमकोर्ट जाएगी.. सामान्य वर्ग चुपचाप यह सब देख रहा है,, और उसने मोदी का डिफेंस करना बंद कर दिया है..देखते हैं इसका क्या असर होता है,, तब तक नए नए मुद्दों पर आंदोलन चलने दो,, सवर्णों को इससे क्या..
जिसे हिंदू चढ़ाते रहे हरी चादर, उसके वारिसों ने ही लूटी सैकड़ों हिंदू लड़कियों की इज्जत
सूफियाने की आड़ में अनगिनत हिंदू लड़कियों से हुआ बलात्कार, कांग्रेस के बड़े नेता भी थे शामिल
@Shh_Shaili बता रही हैं मोइनुद्दीन चिश्ती और अजमेर शरीफ का पूरा इतिहास
सरकार घिरती जा रही है - संकट से उभरने के दो रास्ते है।
Sc St एक्ट के दुरुपयोग पर रोक | Ugc Roll Back
जो आज ना कल करने ही पड़ेंगे अच्छा है आज ही कर दें।
🪳 नैरेटिव दो घंटे में हवा होता नज़र आयेगा।
सवर्णों का सरकार के प्रति मतभेद
मुझे महाभारत की याद दिलाता है
और
सवर्ण समाज अर्जुन की तरह दुविधा में पड़ा हुआ है
वो ये समझ नहीं पा रहा है कि क्या करे
अगर अस्त्र उठाएगा तो जिस पौधे को सीच के पेड़ बनाया वही कट जाएगा
और अगर नहीं उठाया तो उसका अस्तित्व क्या रह जाएगा
ये समाज हमेशा से बुद्धिमान रहा है
जो भी फैसला लेगा ठीक ही लेगा
इस समाज ने हमेशा देश को बहुत कुछ दिया
लेकिन अब ये समाज खुद को ठगा महसूस करता है
माननीय प्रधानमंत्री जी,
फर्जी केस और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जांच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध घोषित करने तथा 10 वर्ष की सजा और 10 लाख जुर्माना के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah