1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड व पंजाब में विधानसभा का आमचुनाव अब बहुत नज़दीक है और ये तीनों ही राज्य, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के ’बहुजन समाज’ को ’शोषित से शासक वर्ग’ बनने हेतु उनके आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के कारवाँ को आगे बढ़ाने के लिये बी.एस.पी. पार्टी व बहुजन मूवमेन्ट के लिये अति-महत्वूपर्ण ही नहीं बल्कि बहुत विशेष भी हैं, जिसको ध्यान में रखकर ही बी.एस.पी. के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ता, पदाधिकारी, पार्टी के समर्थक एवं शुभचिन्तक सभी लोग पूरे तन, मन, धन अर्थात हर प्रकार की कुर्बानी देकर पूरे जी-जान से यहाँ सत्ता प्राप्ति का अच्छा रिज़ल्ट लाने की मुहिम/मिशन में डटेे हुये हैं।
2. ऐसे समय में जबकि ख़ासकर विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों आदि से ’बहुजन समाज’, बी.एस.पी. पार्टी व ’बहुजन मूवमेन्ट’ को, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के समय जैसा ही ख़ासकर आरक्षण आदि को लेकर कड़े चैलेन्जों का सामना है, देश की सर्वमान्य अम्बेडकरवादी पार्टी बी.एस.पी. को सर्वसमाज के सभी लोगों से सहयोग की अपील है और इस क्रम में ’बहुजन समाज’ के हर अंगों में से ख़ासकर दलित समाज के लोगों को निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिये जो इसमें बाधा उत्पन्न करे और इतिहास उन्हें माफ ना कर पाये।
3. इसीलिये बी.एस.पी. की शीर्ष नेतृत्व इन बातों का ख़ास ध्यान देते हुये भूले-भटके हुये लोगों को उनके अचार-व्यवहार आदि को ध्यान में रखकर पार्टी में शामिल कर रहा है, और जो लोग इसकी राह में थोड़ा भी रुकावट बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आदि भी की जा रही है, जिसका चर्चित उदाहरण हैं बी.एस.पी. के राज्यसभा सांसद भी रहे श्री अशोक सिद्धार्थ।
4. पार्टी ने इनको सुधरने का एक नहीं बल्कि कई बार मौक़ा दिया, लेकिन बी.एस.पी. के मिशन से अधिक इन्होंने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ व महत्वकांक्षा आदि को ज़्यादा महत्व दिया, जिसका ख़ामियाज़ा इनके साथ-साथ इनके दामाद श्री आकाश आनन्द को भी भुगतना पड़ा है।
5. कुल मिलाकर इन्होंने अपने निजी स्वार्थ में श्री आकाश आनन्द व बी.एस.पी. मूवमेन्ट की भी कभी सही से परवाह नहीं की है, जबकि इसके लिये श्री अशोक सिद्धार्थ को औरों से कहीं अधिक बढ़चढ़ कर त्याग-तपस्या व कुर्बानी की मिसाल पार्टी व सामाज के सामने देनी चाहिये थी, किन्तु ऐसा ना होकर ठीक इसके उलटा ही होता रहा है।
6. ऐसे में बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के हित के साथ-साथ ख़ुद उनके परिवार एवं अपने दामाद श्री आकाश आनन्द के भविष्य को ध्यान में रखकर श्री अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौक़ा है कि वे अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा को त्याग कर व निजी स्वार्थ आदि से ऊपर उठकर राजनीति से पूरी तरह से संन्यास ले लें। तब ऐसी स्थिति में श्री आकाश आनन्द का फ्री होकर पार्टी में काम करना संभव होगा और तभी फिर पार्टी उनको उनकी ज़िम्मेदारियाँ वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी, ताकि वे पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें, ऐसी पार्टी में आम राय है।
@Mayawati आदरणीय बहनजी, आपका संदेश हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और स्पष्ट दिशा है। व्यक्ति से बड़ा संगठन, संगठन से बड़ा मिशन और मिशन से बड़ा बहुजन समाज का हित है। आपके नेतृत्व में हम पूरी निष्ठा व समर्पण से मिशन को मजबूत करने के लिए सदैव तत्पर हैं।
Ashish Sagar
Devli Delhi
@Bsp4u जिसके चलते उन पर विभिन्न प्रकार के अनुशासनात्मक आरोप लगाए जाते हैं।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच-पड़ताल करवाई जाए और जय प्रकाश सिंह जी को पुनः पार्टी में सम्मानपूर्वक शामिल करने की कृपा करें।
@Bsp4u जय प्रकाश सिंह जी एक अनुभवी, कर्मठ और ज्ञानवान कार्यकर्ता हैं, जो पार्टी के कैडर को भली-भांति समझते हैं और निरंतर पार्टी के हित में कार्य करते रहे हैं। उनकी कार्यशैली और सक्रियता के कारण कुछ लोगों को अपनी महत्वता कम होने का भय रहता है,
आज बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर एक बात याद रखना,
हक़ मांगने वाले कभी इतिहास नहीं बदलते —
हक़ छीनने वाले बदल देते हैं।
बाबा साहब ने हमें झुकना नहीं, लड़ना सिखाया है।
समानता, शिक्षा और संघर्ष — यही हमारा रास्ता है।
🇮🇳 संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आज ही के दिन हमारा महान भारतीय संविधान स्वीकृत हुआ था—
जो हमें अधिकार, कर्तव्य और एकता का रास्ता दिखाता है।
“हम भारतीय हैं… और हमारा संविधान हमारी ताकत है।”
आइए संकल्प लें कि—
✔ न्याय, समानता और स्वतंत्रता के मूल्यों को मजबूत करेंग
परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के धम्मदीक्षा गुरु पूज्य भदन्त चन्द्रमणि महास्थवीर के सुयोग्य उत्तराधिकारी पूज्य भदन्त ज्ञानेश्र महास्थवीर जी, अध्यक्ष, कुशीनगर भिक्खु संघ का लगभग 90 वर्ष की आयु में आज देहावसान हो गया है। देश-विदेश में फैले उनके अनुयायियों में अपार शोक एवं दुःख व्याप्त है।
भदन्त ज्ञानेश्वर जी का देहावसान ना केवल बौद्ध जगत के लिए बल्कि मानव समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। भदन्त ज्ञानेश्वर महास्थवीर जी का सामाजिक, धार्मिक, शैक्षाणिक तथा सांकृतिक क्षेत्र में उनका रहा योगदान अनुकरणीय है। मैं अपनी व पार्टी की तरफ से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ।
आज 14 सितंबर 2025 दिन रविवार को दिल्ली प्रदेश बहुजन समाज पार्टी कार्यालय करोल बाग की मासिक बैठक में प्रदेश कमेटी सहित जिले एवं विधानसभा के उपस्थित सभी पदाधिकारी की सहमति से विधानसभा में लंबे समय से काम कर रहे एवं मिशन मूवमेंट से जुड़े सच्चे एवं पुराने सिपाही,
आदरणीय बहन कु. मायावती जी, बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार रही मुख्यमंत्री एवं लोकसभा व राज्यसभा की भी कई बार रही सदस्य है।
आदरणीय बहन जी का मुझे बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने पर पूरे दिल से आभार एवं धन्यवाद अदा करता हूँ।
साथ ही मैं पूरी निष्ठा और मेहनत से परम पूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर साहब श्री कांशीराम जी के आंदोलन को आदरणीय बहन जी के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश के अनुसार आगे बढ़ाने के लिए पूरे जी-जान से काम करूँगा।
पार्टी के मेरे सभी साथियों और नवनियुक्त पदाधिकारियों को भी मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
जयभीम, जयभारत
@AnandAkash_BSP BSP के माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनंद जी को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
संगठन को मज़बूत करने और बहुजन समाज के मिशन को आगे बढ़ाने हेतु आपके प्रयासों में हम सभी कार्यकर्ता सदैव आपके साथ है
आशीष सागर (आशु)
युवा कार्यकर्ता, देवली विधानसभा दिल्ली, BSP
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी द्वारा श्री आकाश आनंद जी को बसपा का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कन्वीनर) नियुक्त करने के लिए आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी का बहुत बहुत आभार एवं नेशनल कन्वीनर माननीय आकाश आनंद जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
#जयभीम