श्रम मंत्री रहने के दौरान मजदूरों के लिए महंगाई भत्ता, स्वास्थ्य बीमा, काम के घंटे 12 से हटाकर 08 घंटे करना, महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश, ट्रेड यूनियन को बाध्यकारी मान्यता... आदि सब परम पूज्य बाबा साहेब की देन है।
मजदूर दिवस पर परम पूज्य बाबा साहेब को नमन। 🙏🙏
#LabourDay #thanksdrambedkar
'युवा तुर्क' के नाम से प्रसिद्ध श्रद्धेय चंद्रशेखर जी ने संघर्ष, सिद्धांत और सामाजिक न्याय को भारतीय राजनीति का केंद्र बनाने का कार्य किया। उन्���ोंने सत्ता के बजाय विचार और जनता के बीच रहकर नेतृत्व को परिभाषित किया। देश के सबसे कठिन दौर में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में सादगी, निष्ठा और आत्मबल का परिचय दिया।
आज उनकी जयंती पर ��म उनके लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसरोकारों और सामाजिक बदलाव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को नमन करते हैं।
युवा तुर्क' के नाम से प्रसिद्ध श्रद्धेय चंद्रशेखर जी ने संघर्ष, सिद्धांत और सामाजिक न्याय को भारतीय राजनीति का केंद्र बनाने का कार्य किया। उन्होंने सत्ता के बजाय विचार और जनता के बीच रहकर नेतृत्व को परिभाषित किया। देश के सबसे कठिन दौर में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में सादगी, निष्ठा और आत्मबल का परिचय दिया।
आज उनकी जयंती पर हम उनके लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसरोकारों और सामाजिक बदलाव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को नमन करते हैं।
छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले स्थित Vedanta पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट की घटना अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है।
हम सभी मृतकों को भावभीनी श्रद्ध���ंजलि अर्पित करते हैं एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से कामना करते हैं।
सरकार एवं प्रशासन से मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, साथ ही मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा एवं घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।
मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के नारायनपुर छंगा गांव में अपनी बर्थडे पार्टी में न���े में धुत होकर आपकी पार्टी के नेता द्वारा परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करना और प्रतिमा के साथ अमर्यादित कृत्य करना, विरोध करने पर दलित समाज के लोगों-खासकर एक बहन के सिर पर डंडे बरसाकर उसे लहूलुहान करना, घरों से खींच-खींचकर मारपीट करना, छतों से पथराव और फायरिंग करना- ये सब भाजपा के दोगलेपन का उदाहरण है।
घायल युवती का बयान इस बर्बरता की सच्चाई खुद बयां करता है “डंडे मारकर मे��ा सिर फोड़ दिया, घर से घसीटकर दलितों को बेरहमी से पीटा गया।”
यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है कि जिन महापुरुष ने इस देश को संविधान दिया, उनके सम्मान को सरेआम रौंदा गया और आवाज उठाने वालों को बेरहमी से कुचला गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आप सामाजिक न्याय के योद्धाओं के संबंध में 403 करोड़ रुपये देने का ढोल पीट रहे हैं उसे आप ही संभाल कर रखिए। पूरे बहुजन समाज की तरफ से साफ-साफ कहना चाहता है कि हमें दिखावे की नहीं, सम्मान और सुरक्षा की ज़रूर��� है। हमारे स्वाभिमान से खिलवाड़ मत कीजिए।
हम यह भी स्पष्ट कहना चाहते हैं कि परम पूज्य बाबा साहेब की मूर्तियों पर छत डालने या दिखावटी काम कराने से ज्यादा जरूरी है उनकी वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करना। बार-बार प्रतिमाओं को तोड़ा जाना और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई न होना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
हम स��फ शब्दों में कहना चाहते हैं अगर इस मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अन्याय पूरे बहुजन समाज के आत्मसम्मान पर चोट मानी जाएगी।
@UPGovt से हमारी मांगें: मामले पर सख्त कार्रवाई की जाए ।पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए। घायल बहनों का समुचित इलाज और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथी मौके-ए-वारदात पर मौजूद हैं और पीड़ित परिव��रों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
@CMOfficeUP
झारखंड के गढ़वा में कल शाम हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश सचिव सिराज खान जी के साथ गढ़वा थाना पुलिस द्वारा बर्बरता की गई— मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं को थाने में बंद करना बेहद निंदनीय है।
और भी गंभीर बात यह है कि घटना से जुड़े वीडियो जबरन डिलीट करवाए ज��� रहे हैं, जो न्याय को दबाने की कोशिश है।
मुख्यमंत्री जी से मांग है कि तुरंत संज्ञान लिया जाए, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो और सभी बेगुनाह साथियों को तत्काल ��िहा किया जाए।
@HemantSorenJMM @JharkhandPolice @DCGarhwa @GarhwaPolice @JharkhandCMO
अन्याय और अत्याचार के खिलाफ भीम आर्मी चुप नहीं बैठेगी। न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा।
परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी एवं मान्यवर कांशीराम साहब जी की विचारधारा 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की संगठनात्मक मजबूती हेतु 'आजाद समाज ���ार्टी (कांशीराम) आहोर ' के निम्नलिखित साथियों को नियुक्त किया जाता है।
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि और आप सभी को हार्दिक बधाई व मंगलकामनाएं।
#AmbedkarJayanti
#राष्ट्रीय_पर्व #राष्ट्रीय_समानता_दिवस
#संविधान_निर्माता_दिवस
#AmbedkarJayanti2026
#BabasahebAmbedkar #जयभीम
जालोर की बागोड़ा तहसील में दलित समाज की पुश्तैनी आवासीय भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध अतिक्रमण कर ट्यूबवेल खुदवाया जा रहा है। कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई
माननीय @DmJalore@RajPoliceHelp@RajCMO
🎉 हार्दिक बधाई 🎉
@ASP4Ahore द्वारा
नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों को
बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। 💐
आपका यह दायित्व संगठ�� के प्रति आपके समर्पण क�� प्रतीक है।
आपके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की मंगलकामनाएं। 🙏
✨ संगठन मजबूत — समाज सशक्त ✨
@anil_aazad
@ASP4Rajasthan
@ASP4Jalore
परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी एवं मान्यवर कांशीराम साहब जी की विचारधारा 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की संगठनात्मक मजबूती हेतु 'आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आहोर ' के निम्नलिखित साथियों को नियुक्त किया जाता है।
चित्रकूट जन���द के पहाड़ी थाना क्षेत्र में न्याय न मिलने के कारण सिर्फ एक बहुजन नाबालिग बच्ची ने ही नहीं, बल्कि बहुजन समाज की न्याय की उम्मीद ने भी आत्महत्या कर ली।
दिनांक 04/03/2026 को गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं से पानी भरने गई दलित नाबालिग बच्ची के साथ गांव के ही तीन जातंकवादियों द्वारा उसे जबरन खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
परिजनों के अनुसार, शिकायत देने के बावजूद कोई पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लगातार हो रही प्रताड़ना और न्याय न मिलने की स्थिति से आहत होकर, दिनांक 14/04/2026 को पीड़िता ने आत्महत्या कर ली।
यह घटना अत्यंत दुखद, शर्मनाक और दंडनीय है। हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
@UPGovt से हमारी माँग हैं कि:- इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, उच्च स्तरीय और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव से मुक्त होकर सच्चाई सामने लाई जाए।यदि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस या प्रशासन की लापरवाही, उदासीनता या अनुचित कार्यवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा, आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।आरोपियों के विरुद्ध मामले को गंभीरता से लेते हुए SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम तथा POCSO एक्ट के अंतर्गत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों-वंचितों के मसीहा, महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर आगरा के ग्यासपुरा में आयोजित 31वीं भीम नगरी के भव्य कार्यक्रम में कल शामिल होकर उन्हें विनम्र आदरांजलि एवं शत-शत नमन अर्पित किया।
इस गरिमामय एवं ऐतिहासिक आयोजन के लिए भीमनगरी समारोह आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों को हार्दिक साधुवाद। आप सभी के समर्पण, परिश्रम और प्रतिबद्धता के कारण यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना।
परम पूज्य बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का यह प्रयास निश्चित ही साम��जिक जागरूकता और परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महिला आरक्षण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के माध्यम से 2023 से ही भारत में लागू है, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार नारी शक्ति को उनकी वास्तविक और न्यायपूर्ण हिस���सेदारी देने के बजाय इसे जनगणना-2011 के पुराने आंकड़ों और बिना समुचित परिसीमन के लागू करने की मंशा रखती थी। इसी दुर्भावनापूर्ण नीति के तहत 16-18 अप्रैल को 131वां संविधान संशोधन (परिसिमन) बिल 2026 लाया गया, जो महिलाओं विशेषकर बहुजन, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के बजाय एक राजनीतिक दिखावे तक सीमित नजर आ��ा।
नारी के नाम पे फिर एक छल रचा गया,
हक़ को सियासत में तोल दिया।
जो “आधी आबादी” कहकर भीड़ से तालियाँ लेते हैं,
उन्हीं ने आधे हक़ पर बात आते ही मुँह मोड़ लिया।
जो कहते थे “कोटे के अंदर कोटा” से ही न्याय पूरा होता हैं,
उन्हीं ने उसी हक़ को सबसे पहले कुचल दिया।
जय भीम! जय संविधान! जय मातृशक्ति!
देवास में एक तरफ़ सरकार ने आदिवासी नेता रामदेव को झूठे केस में करीब 50 दिनों से जेल में ठूंस रखा है, दूसरी तरफ़ व���ी सरकार वन विभाग के ज़रिए उसकी खड़ी गेहूं की फसल पर बुलडोज़र चलाने उतावली ��ै।
@MP_MyGov सरकार साफ़ जवाब दे—क्या रामदेव का परिवार 13 दिसम्बर 2005 से पहले उस ज़मीन पर काबिज नहीं था?
तो फिर उसकी पैतृक भूमि पर वनाधिकार कानून के तहत अधिकार पत्र आज तक क्यों नहीं दिया गया? क्यों आदिवासी के हक़ को फाइलों में दबाकर रखा गया?
@DrMohanYadav51 सच यह है कि रामदेव का कसूर कोई अपराध नहीं—उसका “अपराध” सिर्फ़ इतना है कि उसने क्षेत्रीय विधायक पंडित आशीष शर्मा और उसके दबंग भाई रूपेश के आगे सर झुकाने से ��नकार कर दिया।
इसलिए आज बदले की राजनीति पर उतर आई है— जेल, फर्जी मुकदमे और अब बुलडोज़र।
यही है आपका “कानून का राज”? न्याय नहीं, यह खुला सत्ता का गुंडाराज है।
आदिवासी की मेहनत की फसल रौंदी जा रही है, उसके घर-ज़मीन को मिटाने की साज़िश रची जा रही है, और सरकार मूकदर्शक नही— स��जिशकर्ता बनी बैठी है।
आदिवासी कोई भीख नहीं मांग रहा,
वह संविधान प्रदत्त अधिकार मांग रहा है।
अगर यह अधिकार कुचले गए, तो संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जाएगा।
याद रखो— आदिवासी झुकता नहीं है।
बुलडोज़र से ज़मीन मिट सकती है, लेकिन आदिवासी का स्वाभिमान नहीं।
जबलपूर हाईकोर्ट परिसर में AG ���फिस के सामने ग्वालियर हाईकोर्ट के मनुवादी अनिल मिश्रा एंड कंपनी द्वारा पुनः संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ आंबेडकर जी अभद्र टिप्पणी करने के विरुद्ध आदिवासी समुदाय से आने वाले एड. रूप सिंह मरावी ने विरोध किया तो उल्टा मारपीट की गई है।
इसकी शिकायत जबलपुर के सिविल लाइन थाना में की गई लेकिन अभितक FIR रजिस्टर्ड नहीं हुई है और ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश की भी अवहेलना है।
@DrMohanYadav51 आखिर कबतक तक मनुवादी वकील भारत रत्न संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ आंबेडकर जी का अपमान करते रहेंगे? और पुलिस FIR भी दर्ज नहीं करेगी?
कमेंट आवेदन संलग्न है।