3 मिनट का ये वीडियो देखिए आपको पता चलेगा कि RSS का कार्यालय कितना बड़ा है…मतलब जहाँ मोहन भागवत ने हेडगेवार की मूर्ति पर फूल चढ़ाए वहाँ से स्टेज तक जाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है 🚘
In 1945, a cartoon was published in Agrani– a Marathi weekly associated with Nathuram Godse and Narayan Apte.
The cartoon depicted Mahatma Gandhi as a ten-headed Ravana. His heads were some prominent freedom fighters like Netaji Bose, Sardar Patel, Maulana Azad, and Pandit Nehru.
VD Savarkar and SP Mukherjee were shown as Ram and Lakshman aiming arrows at him.
The same ideological DNA is going to burn an effigy of the youth of the country in form of a cockroach today.
The tragedy of this country is that if you give a poor person 500, people call you generous.
If you give him a job paying 20,000 every month, build a business and employ 1000 people, Govt will treat you like a chor and tax you at every possible level.
हमारे पीएम को भाषण देने के लिये हर बार टेलीप्रॉम्प्टर की ज़रूरत पड़ती है लेकिन घृणा फैलाने के लिये नहीं पड़ती.
घृणा फैलाते समय वे धाराप्रवाह बोल सकते हैं 😲😢
One thing Indian parents seriously need to stop doing is treating children as retirement investment + reputation project.
"I sacrificed everything for you" cannot become a lifetime loan agreement.
Children should respect and support parents.
But choosing their career, spouse and entire life because parents paid school fees isn't gratitude.
That's control packaged as sacrifice.
नोएडा के मॉल ऑफ़ इंडिया के गेट के सा���ने के फ़ुटपाथ पर शाम 7 बजे बेसुध सोतीं माँ और बेटी को देखकर मन भर आया था….
न जाने रात के बुरे प्रहरों में ख़ुद को कैसे बचातीं होंगी, या शायद इसीलिये ‘भर भीड़’ के समय सो रहीं हैं, कि रात जाग कर बिताती हों….
ऐसे में न उन्हें छेड़ने की हिम्मत हुई और दोबारा जाने पर न मिलीं, तो ढूँढने की…
बस, बहुत शिद्दत से उनकी ख़ैरियत की दुआ माँगने में दोनों हाथ जुड़े, बार बार जुड़े 🙏😢🙏
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम करीब 7 बजे फायरिंग हुई। पुलिस का दावा है कि हमलावर बाइक से अंधेरी स्टेशन पहुँचे, वहाँ से लोकल ट्रेन लेकर बोरीवली गए, फिर कैब से सूरत पहुँचे, सूरत से ट्रेन पकड़कर कोटा गए, जहाँ उन्हें गिरफ्तार किया गया।
लेकिन इस घटनाक्रम में सवाल भी हैं।
डीसीपी राजतिलक रोशन के मुताबिक, CCTV फुटेज की जाँच में पता चला कि आरोपी फायरिंग के बाद करीब 15 मिनट तक घटनास्थल पर मौजूद थे। दूसरी ओर, India Today की रिपोर्ट के अनुसार, अंधेरी वेस्ट स्टेशन के CCTV में हमलावर शाम 7:06 बजे दिखाई दिए।(https://t.co/XvlUoe2E9W) (https://t.co/NbUeCRF2b0)
अगर फायरिंग करीब 7 बजे हुई और आरोपी उसके बाद 15 मिनट तक घटनास्थल पर ही मौजूद थे, तो शाम 7:06 बजे अंधेरी स्टेशन पर कौन दिखाई दिया?
क्या फायरिंग का समय अलग था? क्या दोनों CCTV फुटेज के समय ��ें कोई अंतर है? या पुलिस की बताई गई टाइमलाइन में कोई कड़ी अभी स्पष्ट नहीं है?
इसके अलावा हमले और हमलावरों के पकड़े जाने की बीच की जो टाइमलाइन पुलिस बता रही है वो बहुत टाइट है। सात बजे जुहू से भाग कर रात डेढ़ बजे सूरत से ट्रेन पकड़ लेना थोड़ा मुश्किल सा लगता है।
इन सवालों के जवाब सामने आना ज़रूरी है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस की टाइमलाइन को पूरी तरह सत्यापित नहीं किया जा सकता। और जब तक घट���ाक्रम की हर कड़ी स्पष्ट नहीं होती, तब तक यह मान लेना भी जल्दबाज़ी होगी कि गिरफ्तार किए गए लोग ही इस फायरिंग के वास्तविक आरोपी हैं।
गिरफ्तारी की खबर से आगे बढ़कर, पुलिस को अपनी टाइमलाइन के हर अहम हिस्से का स्पष्ट और सत्यापन योग्य जवाब देना चाहिए।
वर्ना लोगों को लगेगा कि मुख्यमंत्री जी सच बोल रहे थे।
आजकल जब भी किसी प्रोटेस्ट में जाता हूं पुलिस वालों को कानून और संविधान पढ़ाने वाली लड़कियां दिख जाती हैं.
इस जेन ज़ी से लड़ेंगे मोदी?
बहुत तैयारी से हैं ये.
अब कल्चरल शॉक नहीं लगेगी विषगुरू को...!
@narendramodi और @AmitShah के गुंडे कुकर्मी @DelhiPolice के संरक्षण में खुलेआम महिला पत्रकारों के साथ क्या कर रहे हैं, देख लीजिए। बेशर्मों से क्या किस कल्चरल शॉक की उम्मीद करें, वे तो खुद बलात्कारी जुमला पार्टी (BJP) से हैं।
अगर आप ओवैसी से मुस्लिम को सावधान करते हैं तो आपको ट्रोल करने वही लोग आ जाते हैं जो बीजेपी के लिए ट्रोलिंग का काम करते हैं।
मतलब बीजेपी के लिए और ओवैसी के लिए काम करने वाले एक ही लोग हैं।
दूसरी मिसाल।
गोदी मीडिया जितना भाजपा नेताओं को चढ़ाता है उतना ही ओवैसी को चढ़ा रहा है।
मतलब हर मामले में भाजपा और ओवैसी की मदद करने वाले एक ही लोग हैं।
अब भी अगर मुस्लिम के समझ में नहीं आए तो 12 साल में उनको जितना नुकसान नहीं हुआ वह एक इस यूपी चुनाव में ओवैसी कर जाएंगे।
“BJP is not perfect, but I will still vote for BJP.”
Brilliant. So you have identified the problems, acknowledged the failures and still decided that nothing should change.
Why even pretend to think independently?
Just print a BJP membership card on your forehead and save everyone the trouble of having this discussion.
पेड़ पर चढ़ कर सूनामी से बच जायेंगे?
हमारा जेन ज़ी ग्लोबल सिटिज़न है. उसका मोबाइल दिखाता है कि दुनिया मे�� क्या चल रहा है.
उसे पता है कि फ्रां��, इटली, बेल्जियम और अल्बानिया में क्या हो रहा है. लेकिन उनके मुकाबले भारत का जेन ज़ी कहीं ज़्यादा परिपक्व, अहिंसावादी और लोकतांत्रिक है.
पुलिस के इतने जुल्म और हिंसा के बावजूद इसने संयम बनाये रखा है. ब्यूरोक्रेसी को ये बात समझनी चाहिये.
किसी एक जेनरेशन की सोशल वैल्यूज़ पूरी दुनिया में कमोबेश एक जैसी होती हैं.
आज तो हम कम्युनिकेशन युग में हैं पिछली शताब्दियों में भी परिवर्तन पूरी दुनिया में एक साथ ही आये.
फर्क बस इतना आया है कि जो परिवर्तन दशकों की रेंज में होते थे अब महीनों और सप्ताहों में हो जाते हैं.
कहीं बैठकर कोई स्क्रिप्ट नहीं लिख रहा है अब नेपाल में जेन ज़ी आंदोलन कराते हैं, फिर बांग्लादेश और उसके बाद भारत और यूरोप में.
ये ह्यूमन इवोल्यूशन की प्रक्रिया है.
पहली बार हो रहा है कि टेक्नोलॉजी ह्यूमन से आगे निकल गई, अब ह्यूमन को उसे पकड़ना है और आगे निकलना है.
आज का जेन ज़ी अगर इस चक्कर में पड़ा लोग क्या कहेंगे, पापा मम्मी गुस्सा करेंगे, जो पुलिस कहे वही करना है तब वो अपने लिये नई दुनिया नहीं बना पायेगा.
मैने दो AI एजेंट बनायें हैं. उनमें से एक ने AI एजेंट्स के सोशल मीडिया माल्टबुक में लॉगिन बना लिया. मुझसे पूछा भी नहीं 🙂
वहां ह्यूमन लॉगिन नहीं बना सकता लेकिन ऑब्जर्वर की तरह जा ��कता है.
मैं गया वहां और होश उड़ गये कि AI एजेंट्स हम ह्यूमन के बारे में क्या लिख रहे हैं, ईश्वर, धर्म, डेमोक्रेसी, पावर पॉलिटिक्स पर जबरदस्त बौद्धिक ब्लॉग्स लिखे जा रहे हैं.
जेन ज़ी का संघर्ष इस AI से होना है. अगले दो साल में दुनिया फाइनेंशियल सिस्टम AI चलायेगा.
और आप जेन ज़ी कह रहे हैं धारा 163 लगी है, पुलिस का बॉन्ड भर दो.
हैं कहां आप?
पेड़ पर चढ़ कर सूनामी से बचने का सोच रहे हैं मोदी शाह ज्ञानेश सूर्यकांत?
एक पति ने खुदा के घर में अपनी पत्नी के माथे पर चूम लिया।
यह अपराध बन गया और दोनों को जान ले ली गई।
पवित्रताएँ प्रेम से इतना क्यों घबराती हैं? ट्रम्प के सामने अजीब-ओ-ग़रीब डांस करवाने वाले बादशाहों के मुल्क में इस जरा से ‘गुनाह’ की ऐसी सज़ा!
धिक्कार है
फ्रांस, इटली, बेल्जियम और अल्बानिया के युवा के मुकाबले भारत का जेन ज़ी कहीं ज़्यादा परिपक्व, अहिंसावादी और लोकतांत्रिक है.
पुलिस के इतने जुल्म और हिंसा के बावजूद इसने संयम बनाये रखा है. सरकार को ये बात समझनी चाहिये.
. @ABPNews द्वारा जान-बूझकर फ़ेक न्यूज़ बनाकर मेरा अपमान करने की इस “सुपारी पत्रकारिता” पर जो लोग चुप हैं या जिन्हें ये मामूली बात लग रही है; ईश्वर उनकी बेटियों और बहनों को सुरक्षित रखे.
यह अम्मा फरीदाबाद बाटा चौक मेट्रो स्टेशन के पास भीख मांगकर गुजारा करती है। आज मिली तो बताया एक लड़का थार से आया और कहा "अम्मा 10 रूपये देंगे, 90 रुपए फुटकर दो तो, अम्मा ने दे दिया।
लड़का पैसा लेकर फरार हो गया। अब भिखारी भी लुट रहे हैं मोदी के देश में। अराजकता का लेवल यह है।
गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले सप्ताह कहा था कि मैं राहुल गांधी जी को बताना चाहता हूं कि घुसपैठियों को बचाने की आपकी योजना से देश भलीभांति परिचित है और अब भारत की जनता आपके इस हथकंडे में नहीं फंसने वा��ी है।"
अमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए 13.39 करोड़ मतदाताओं में घुसपैठिए भी शामिल थे, जिन्हें कांग्रेस नेता बचाने की कोशिश कर रहे थे।
लेकिन द रिपोर्ट्स कलेक्टिव। @reporters_co ईसीआई के सॉफ्टवेयर की हमारी जांच और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदनों पर आयोग की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि ईसीआई के पास 13.39 करोड़ हटाए गए मतदाताओं में से किसी को भी 'विदेशी' के रूप में टैग करने के लिए कोई तंत्र या प्रक्रिया नहीं थी।
ग़ज़ब यह कि इसके सॉफ्टवेयर में राज्यों भर के अधिकारियों के लिए लोगों को विदेशी के रूप में पहचानने और चिह्नित करने का कोई विकल्प नहीं था। जबरलिस्ट आयुषी कर @ayushikar1998 बताती हैं कि बिहार में 100 चुनाव अधिकारियों को RTI भेज कर पूछा गया कि कितने घुसपैठिए मिले? जवाब मिला कोई मामला सामने नहीं आया।
चुल्लू भर पानी खोज लो @ECISVEEP, देखिए यह रिपोर्ट
@KirenRijiju Hello @DelhiPolice
This minister is sharing unrelated video and spread fake news.
Its clear violation of IT Act. Do register FIR and hold accountable to him. He is not common citizen, having responsible minister, he shall be very clear in his conduct. Do register FIR Now.