काले अंग्रेज
ये महोदय भोजपुर के SP हैं SP साहब रात में भरत तिवारी के घर में परिवार से मिलने गए थे जैसा कि सबने देखा पर ये सिर्फ मिलने नहीं गए थे भरत तिवारी के छोटे भाई को जो कि अभी 16 साल का है उसको अलग लेजाकर धमकाते है कि ये सब बंद करो अन्यथा ठीक नहीं होगा ये सारी बातें लक्की बिष्ट जी ने अपने वीडियो में बोली हैं और इन बातों का सुबूत भी है उनके पास ।
मतलब अभी भी वर्दी का घमंड सत्ता के मद में चूर दिख रहे हैं SP साहब क्या न्याय देते होंगे ये जनता को सच कहा था ब्रिगेडियर साहब ने दुश्मन सिर्फ सीमा के उस पार नहीं है हमारे घर के अंदर भी है जो दीमक की तरह चाट रहे हैं देश को।
>ब्रो का नाम भागीरथ चौधरी है
>ब्रो अपना केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री है
>ब्रो को खीरे बहुत पसंद है
>ब्रो ने खीरे की खेती करने का सोचा
>ब्रो ने अपने मंत्रालय से 99 लाख की सब्सिडी पेल दी
>किसानों की आय बढ़े न बढ़े ब्रो की आय कई गुना बढ़ गयी
>ब्रो कोई नया मंत्रालय मिलने पर और बड़ा घोटाला करेगा
>ब्रो अपना कूल है
"मुझे दया नहीं चाहिए... मुझे सिर्फ न्याय चाहिए।"
जयपुर की एक साधारण बेटी रेशु गुप्ता की यह पुकार आज हजारों नहीं, लाखों लोगों का दिल झकझोर रही है।
रेशु बताती हैं कि उन्होंने बीएससी (मैथ्स) की पढ़ाई की, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन पिता के कोरोना काल में निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मजबूरी में उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और आखिरकार अपनी मेहनत से मोमोज का छोटा-सा ठेला शुरू किया, ताकि मां और बहन का सहारा बन सकें।
लेकिन उनका दावा है कि 25वें दिन ही उनकी जिंदगी बदल गई। रेशु के अनुसार, कार्रवाई के दौरान गर्म पानी से भरा स्टीमर गिरने से वे गंभीर रूप से झुलस गईं। उनका कहना है कि वे मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन उन्हें समय पर राहत नहीं मिली। इसके बाद भी न्याय की लड़ाई आसान नहीं रही। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर लगाने पड़े।
रेशु कहती हैं कि आज भी वह अपने इलाज का खर्च खुद और उनका परिवार उठा रहा है। वह किसी से बदला नहीं चाहतीं, सिर्फ निष्पक्ष जांच, इलाज में सहायता और न्याय की मांग कर रही हैं। उनका सबसे बड़ा दर्द यह है कि उनके चेहरे और भविष्य को लेकर उनके मन में गहरी चिंता है। वे कहती हैं, "मैं हारना नहीं चाहती... बस थोड़ा टूट गई हूं।"
रेशु ने सरकार से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। उन्होंने अपने इलाज का पूरा खर्च, आर्थिक सहायता और सुरक्षा की भी मांग की है। साथ ही कहा कि यदि सड़क किनारे रोजगार गलत है, तो ऐसे लोगों को सम्मानजनक रोजगार का विकल्प दिया जाए।
यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और जवाबदेही की कसौटी भी है। निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने आना जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
गरीब मोमोज बेचने वाली लड़की ने कहा, "बस 2 मिनट रुक जाइए"... लेकिन एक धक्के ने उसकी जिंदगी बदल दी
जयपुर में CM भजनलाल शर्मा के काफिले के दौरान पुलिस पर आरोप है कि रास्ता खाली कराने के लिए मोमोज का ठेला धक्का दे दिया गया।
खौलता पानी 27 वर्षीय रेशु गुप्ता के सीने, हाथ, कंधे और जांघ पर गिर गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई।
पिता पहले ही नहीं रहे, मां और तीन छोटी बहनों का पेट पालने वाली रेशु अब अस्पताल में भर्ती है।
Sorry @Uber it's the last time I am using your parcel service. It's already 45 minutes spent For 8 km. Delivery and delivery worker is roaming around the whole city.
दिल्ली दंगों के समय पुलिस पर पिस्टल तानने वाला शाहरुख खान तो याद होगा आप सभी को ...
जी हां जब दिल्ली जल रही थी, हिंदुओं को सरेआम मौत के घाट उतारा जा रहा था, आईबी अफसर अंकित शर्मा को पचास बार से ज्यादा चाकुओं से गोद कर मार डाला गया था,, मुस्लिमों की छतों पर से हिंदुओं के ऊपर पेट्रोल बॉम्ब बरसाये जा रहे थे...!!
लेकिन उस दिल्ली पुलिस ने इस शाहरुख खान को गोली नहीं मारी थी बल्कि दामादों वाला ट्रीटमेंट दिया गया था...और न्यूज वालों द्वारा इसे मिश्रा नाम प्लांट करके जनता के सामने उतारा गया था,, बाद में मीडिया वालों ने गलत जानकारी साझा करने के लिए माफी भी मांगी थी....!!
दूसरी तरफ है भोजपुर जिले का भरत भूषण तिवारी....जो हिंदू भी था, समाज सेवी भी था, जिसने अपने जिले से मध्यप्रदेश बागेश्वर धाम तक हिन्दू राष्ट्र के समर्थन में पैदल यात्रा भी संपूर्ण की थी....
उसने किसी दंगे में नहीं बल्कि अपने पास के गांव के दलित पिछड़ों के लिए पिस्तौल उठाई थी जिन दलित पिछड़ों के अस्सी परसेंट घर बाढ़ की चपेट में आकर गंगा नदी में समा चुके थे...!
लेकिन सरकार को नजर में सैंकड़ों हिंदुओं के कत्लेआम वाले दंगों में पुलिस पर पिस्टल तानने वाला शाहरुख खान अपराधी नहीं था, बल्कि वर्षों तक लगातार दलितों वंचितों के लिए सिस्टम से लड़ने वाला भरत तिवारी अपराधी था......
इसलिए शाहरुख खान आज भी जिंदा है लेकिन भारत तिवारी की हत्या करके उसे चुप करवा दिया गया...!
ये पोस्ट उन दोगलों को समर्पित है जो गुलामी को सर्वोपरि मानते हुए .....बिहार सरकार को डिफेंड कर रहे थे कि प्रशासन पर पिस्टल तानने वाले का एनकाउंटर एकदम उचित है......
इन्हें अपने आकाओं से पूछना चाहिए कि ये दोगलापन किस श्रेणी में आता है...??
नृपेंद्र मिश्रा ने कह दिया है कि राम मंदिर चंदा डकैती के विषय में मुख्य दायित्व SBI के लोगों का था। यानी, किसी छोटे कर्मचारी आदि को बलि का बकरा बनाया जाएगा।
किसने गिनने वालों को (या चुराने वालों को) सुरक्षा की क्लीयरेंस दी, आखिर नोटों की गड्डियाँ मंदिर के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र के बाद भी ले जाने में इतनी ढील किसके कहने पर बरती गई?
आभूषणों का ऑडिट दैनिक/साप्ताहिक/मासिक कभी हुआ है? क्या उसकी गिनती, भार आदि का कोई वीडियो है? असली चुरा कर कोई नकली रख दे, क्या उसके लिए कोई व्यवस्था है?
मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी, उनके परिजनों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी भी जाँच के दायरे में होनी चाहिए। पर ऐसा कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसमें उच्च पदस्थ लोग भी अपराधी दिखेंगे।
हिन्दुओं की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ @narendramodi और @myogiadityanath के शासनकाल में होगा, यह मेरे स्वप्न में भी नहीं था। भाजपा और उनके ‘भारत मंडपम्’ समर्थकों का चुप्पी बहुत कुछ कहती है।
Most Indian vehicles aren’t even E20 compatible ..yet Nitin Gadkari ji is forcing 100% ethanol norms on us!
We the people pay full price for our vehicles + we pay road taxes, insurance, tolls, GST on vehicles, parking, GST on spares, basically or lot of money for everything that one can think of! And yet in return we get Pathetic roads, mostly terrible infrastructure, traffic jams and now fuel that destroys the engines and kills mileage of our vehicles!
Meanwhile we all know that most sugar mills owned by netas & their families and it is their linked companies that are minting crores from ethanol distilleries.
Let's cut out the BS, this is a straight-up Ethanol Scam! And while we INDIANs have to pay a price & yet suffer, these netas profit and make money! Also say if one wants non blended fuel instead of this nonsensical E-20, E-30 or E-100 why can't we be given that?
#EthanolScam #GadkariEthanol #MiddleClassLoot
भाई बीवी बच्चों के सामने क्यों मार खा रहे हो?
चुपचाप 29 रुपए दे देते चाय पानी के लिए।
युवाओं, आपको ये समझना पड़ेगा कि, पुलिस सिर्फ नेताओं, विधायकों, मंत्रियों, पार्षदों के आगे झुकती है।
नोट - 29 रुपए (15 की चाय+ 14 रुपए पानी की बोतल रेल नीर वाली)