समाजवादी पार्टी नई नई हनुमान भक्त और रामभक्त बनी है। और सपा के आज के प्रवक्ता अपनी ही पार्टी की पुरानी नीतियों से या तो परिचित नहीं हैं, या अंजान होने का दिखावा करते हैं। दो दिन पहले #DoTook में सपा प्रवक्ता अपनी पार्टी के कद्दावर नेता और अखिलेश यादव के खास रामगोपाल यादव के इसी बयान पर घिर गईं थीं। 1992 में संसद में दिये इस भाषण में रामगोपाल यादव ने न सिर्फ कारसेवकों पर गोली चलाने पर गर्व किया था बल्कि रामलला को बाबरी मस्जिद पर अवैध कब्जा करने वाला बता दिया था।
रामगोपाल यादव का यह बयान और पूरा बयान जिस पर सपा प्रवक्ता कैसे क्लीन बोल्ड हो गईं थीं, दोनों सुनिये, देखिये। दो टूक का क्लिप नीचे संलग्न है।
रामलला, राम मंदिर और राम भक्त पर समाजवादी पार्टी की सोच देखिए!
"मुलायम सिंह के चलते जिन्होंने बाबरी मस्जिद को छूने की कोशिश की, वे गुंबद पर चढ़ तो गए, लेकिन उतर नहीं सके - ये रिकॉर्ड है।
इस बात का समाजवादी पार्टी के नेताओं को न कभी अफसोस था, न रहा है और न रहेगा। चाहे उनको मौलाना मुलायम सिंह कहें। हिंदू हमें वोट दें या न दें, हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता।"
: रामगोपाल यादव, सांसद, सपा
Today, Akhilesh Yadav is trying to lecture the nation on Shri Ram Mandir. But India has not forgotten the legacy of the Samajwadi Party.
This is the same political ecosystem that, during the Ayodhya movement, defended the firing on kar sevaks, took positions that deeply hurt the sentiments of devotees, and repeatedly opposed the Ram Janmabhoomi movement.
As recorded in parliamentary debates on 21 December 1992, Ramgopal Yadav referred to Ram Lalla as an "unauthorized occupant" inside the disputed structure and questioned why the Government referred to the area as Ram Janmabhoomi. Those remarks reflected the Samajwadi Party's mindset towards the Ram Janmabhoomi movement.
The same political tradition also defended positions such as:
"Babri Masjid par koi parinda bhi par nahin maar sakta."
Justifying the firing on Hindu kar sevaks and expressing no regret over it.
And today they suddenly claim to be champions of Shri Ram? This political conversion is nothing but opportunism.
If anyone has evidence of financial wrongdoing, let the law investigate. But weaponising the faith of crores of devotees for political gains will not erase the Samajwadi Party's own record. The people of India know the difference between genuine devotion and convenient politics.
आज सबको राम मंदिर और सनातन याद आ रहा है लेकिन वो दौर भी था कि संसद में खड़े होकर कहा जाता था कि प्रभु श्रीराम की मूर्ति उठाइये और हटा दीजिए वहाँ से क्यूंकि वो बाबरी के अवैध ऑक्यूपेंट हैं।
सुनिए ये बयान
“हिंदू जिनको रामलला कहता है, वो अवैध क़ब्ज़ाधारी हैं
हिंदू हमें वोट दें या न दे, हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता
हमें गर्व है कि जो हिंदू मुलायम सिंह यादव की सरकार में बाबरी पर चढ़े, हमने उन्हें उतरने तक नहीं दिया (वहीं मार दिया)”
~ समाजवादी पार्टी के प्रधान महासचिव रामगोपाल यादव नमाजवादी पार्टी
रामभक्तों के खून से हाथ रंगने वाले आज किस मुंह से राम का नाम लेते हैं?
राम को 'अवैध' बोलने वाले रामगोपाल और अलिशेख यादव को जब हिंदू वोट से कोई फर्क ही नहीं पड़ता,तो चुनावों में मंदिरों में घूमकर ढोंग क्यों करते हो? जनता इस दोगली और विनाशकारी राजनीति को बहुत अच्छे से पहचान चुकी है।
"कितनी मुश्किलों से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे..."
गृहमंत्री अमित शाह ने सुनाया संघर्ष, विश्वास और नेतृत्व का दिलचस्प किस्सा। 🔥
राजनीति में पद नहीं, धैर्य, संगठन और समर्पण की भी अपनी कहानी होती है।
पूरा वीडियो देखिए... 👇📽️
#YogiAdityanath#AmitShah #BJP #UttarPradesh #Politics
Sl No. 17 (pic below)
Ms. Lalita Ramdas (w/o Late Admiral L. Ramdas, Former Chief of Naval Staff)
Lalita Ramdas publicly advocates for closer India-Pakistan ties. What demands scrutiny is the following undisclosed context:
Her daughter, Kavita Ramdas married Pakistani national Zulfiqar Ahmad, reportedly s/o Paki ISI agent, that too at a time when Admiral Ramdas was in the process of taking over as Chief of Naval Staff.
Post-retirement, Admiral Ramdas associated with @AamAadmiParty, was linked to Soros Foundation funds. Lalita Ramdas too advocates positions that benefit a rogue Pakistan.
Kavita Ramdas served as Dir. of Open Society Foundations’ (OPS). It’s George Soros’s primary funding vehicle. In 2021, she made its largest ever investment of $100 M to Generation Equality Forum.
In short, father, mother & daughter play key role in advocating for the rogue state Pakistan.
“DEFINE TRAITORS”
भारत तरक्की कर रहा है..!
आज भुसावल से गोवा ट्रेन से यात्रा करते समय एक अनुभव हुआ..!
अचानक, मेरे दोस्त के 2 साल के बेटे को बुखार आ गया। हमारे पास कोई दवा नहीं थी, और हमारी मंज़िल, मडगांव, पहुँचने में अभी भी 7 घंटे बाकी थे। हमने सोचा कि अगले स्टेशन पर उतरकर डॉक्टर से सलाह लेंगे और फिर सड़क मार्ग से यात्रा जारी रखेंगे..!
मैंने यूँ ही ट्रेन में सामान बेचने वाले एक वेंडर से कहा..!
"हमें कुछ दवा चाहिए। क्या आप अगले स्टेशन पर इसका इंतज़ाम कर सकते हैं ? मैं आपकी मेहनत के लिए ₹500 दूँगा"
वेंडर ने जवाब दिया..!
"इसकी कोई ज़रूरत नहीं है। TTE (टिकट परीक्षक) से मिलिए; आपकी समस्या हल हो जाएगी"
हम तुरंत TTE से मिले..!
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में किसी सरकारी कर्मचारी से इतनी तत्परता का अनुभव नहीं किया था..!
उन्होंने अपना काम रोका, तुरंत फ़ोन किया, हमारी सीट नंबर और बीमारी की स्थिति नोट की, और हमें अपनी सीट पर वापस जाने के लिए कहा..!*
सच कहूँ तो, हमें ज़्यादा उम्मीद नहीं थी। हमने पहले ही तय कर लिया था कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हम अगले स्टेशन पर उतरकर बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएँगे..!
हमने सोचा था कि शायद कोई कागज़ में लिपटी कुछ गोलियाँ ही लाएगा..!
लेकिन ठीक अगले स्टेशन पर, एक डॉक्टर अपने असिस्टेंट के साथ हमारी सीट पर आए। TTE भी वहाँ मौजूद थे। बच्चे की जाँच करने के बाद, डॉक्टर ने तुरंत अपने असिस्टेंट को हमें सिरप की कुछ बोतलें देने का निर्देश दिया। उन्होंने दवा देने का तरीका समझाया और फिर TTE से पैंट्री से थोड़ा नमक मँगवाने को कहा..!
TTE ने तुरंत एक और फ़ोन कॉल किया। डॉक्टर ने हमें बच्चे के माथे पर नमक के पानी में भीगा हुआ कपड़ा रखने की सलाह दी और चले गए..!
जब हमने आवाज़ देकर पूछा कि हमें कितने पैसे देने हैं, तो हमें बताया गया कि यह सब पूरी तरह से मुफ़्त था..!
हम अभी भी हैरान और चकित थे कि जब तक हम अपनी सीट पर वापस पहुँचे, पैंट्री का एक कर्मचारी नमक लेकर आ गया..!
मेरा देश सचमुच बेहतर के लिए बदल रहा है..!
इतनी सारी आलोचनाओं का हम क्या करें..!
क्या उन्हें पेट्रोल के साथ पी जाएँ..!
मीडिया या अख़बारों में अक्सर ऐसे सकारात्मक बदलावों को उजागर नहीं किया जाता है..!
बदलाव हो रहा है। हमें भी इन अनुभवों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ साझा करना चाहिए..!
इसमें समय लगेगा, लेकिन हम उस बदलाव को देख और महसूस कर रहे हैं जो हो रहा है..!
राष्ट्रहित सर्वोपरि..
🪷 🇮🇳 🙏 🇮🇳 🪷🇮🇳
जब कभी भी इंदिरा गांधी की इमरजेंसी का जिक्र होता है तो कुछ लोग कहते हैं कि 12 साल से भी तो देश में अघोषित आपातकाल है। पर सच तो यह है कि इमरजेंसी में इंदिरा गांधी के विरोध में एक भी शब्द भी कहो तो जेल भेजा जाना तय था। पर आज क्या ऐसा है ? सुनिए #DoTook
CM Suvendu removes the last trace of butcher Suhrawardy’s uncle from Bengal.
Kolkata’s Suhrawardy Avenue has been renamed Gopal Chandra Mukherjee Road.
The move honours Gopal Patha, who stood as a great symbol of Hindu resistance during the 1946 carnage against Hindus by Muslims in Bengal.
Who was Hassan Suhrawardy, the man who handed revolutionary Bina Das over to the British? @Anurragmishra explains the full history.
अखिलेश जी आपको पता नहीं क्यों अपना कुकर्म याद नहीं आता है??
एटा जो आपके क्षेत्र से थोड़ी ही दूरी पर है वहां एक गांव था जहां कभी बिजली ही नहीं थी
और बिजली तब आई जब उस गांव में आपके चाचा और आपकी सरकार के कद्दावर मंत्री शिवपाल यादव एक तेरहवी में गए थे और शिवपाल यादव उसे गांव में 13वीं पर गए तो न सिर्फ खंबे डालकर बिजली पहुंचाई गई बल्कि उसे गांव में हेलीकॉप्टर हेलीपैड बनाया गया और शिवपाल यादव के लिए 1300 से ज्यादा सरकारी गाड़ियां रखी गई थी और 13वीं में भी उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था
एक बार यह वीडियो देखिये
फिर अगर आप इंसान है तो आपको शर्म आएगी वरना अगर आप बेशर्म है तो कोई बात नहीं
Why Telegram is restricted till june 22nd, not others?
Telegram is only platform where you can edit ur 5 year old post, change image, video and stay anonymous
I am Telegram user and support govt decision
Nation is above my personal choice
🚨🔥NEET कैंडिडेट अब्दुल्लाह तालिब के बाप से मिलो
•बेटे को NEET के लिए रजिस्टर कराया
•तैयारी शून्य
•एग्जाम से पहले NTA से सेंटर चेंज का नोटिफिकेशन आया
•पिता ने एडमिट कार्ड चेक किया → शॉक!
•मीडिया को बुलाया, NTA और सरकार को कोसा-धोया
•विपक्षी नेता और मीडिया ने पूरा बवाल खड़ा कर दिया
फिर NTA की टेक्निकल टीम ने जांच की → सब कुछ स्टूडेंट के क्रेडेंशियल्स से बदला गया था!
परिवार एक्सपोज!
सीख क्या मिली? ये कौमी लोग सरकारी संस्थाओं को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। फायदा अपना, ब्लेम सिस्टम पर!
NTA ने एक बार फिर सच्चाई सामने ला दी। अब ऐसे फर्जी रोने वालों पर सख्त एक्शन चाहिए।
#NEET2026 #NTAScamExposed #AbdullahTalib #FakeOutrage