.@aksharmaBharat फर्क तो आपको पड़ता नहीं है. फिर भी बता रहा हूं. सेक्टर 22 नोएडा के सेंटर में स्थित है. हॉटस्पॉट एरिया माना जाता है लेकिन यहां कुछ मिनट को छोड़ दिया जा 4 घंटे से बिजली गुल है.
@UPPCLLKO एक्शन ले सको तो लो.. रिप्लाई-रिप्लाई मत खेलना.
Facts-
खुद अटल बिहारी ने 1999 में जग्गनाथ मिश्रा को मधुबनी से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था.
पर जग्गनाथ मिश्रा बीजेपी में नहीं गए. 2004 में अटल बिहारी के नेतृत्व में जेडीयू सिंबल पर मिश्रा झंझारपुर से लड़े.
अभी उनके बेटे @mishranitish बीजेपी कोटे से कई बड़े विभाग के मंत्री हैं.
बांकीपुर से टिकट कटने की बारी आई तो अभिषेक बंटी ने बीजेपी लीडरशिप से कहा ये तो अन्याय है. मेरे माता पिता की तरह तो और भी लोगों को चारा घोटाले में सजा मिली. सब राजनीति में हैं. लालू यादव जी के परिवार से लेकर जगन्नाथ मिश्रा के परिवार तक. पर फैसला हो चुका था.
पंजाब की तरह 2022 में हिमाचल कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर थी. प्रभारी @ShuklaRajiv ने सभी नेताओं को बुलाया और कहा-
घर होगा तब न आप सबको फ्लैट मिलेगा. Flat 1st पर मिलेगा या 2nd फ्लोर पर… यह फैसला तब न होगा, जब घर आपके पास होगा. सभी लोग मिलकर सरकार बनाइए.
हिमाचल में सरकार बन गई.
2022 में #PrashantKishor ने कांग्रेस हाईकमान को एक प्रस्ताव दिया था. इसके मुताबिक बिहार में @INCIndia को तेजस्वी यादव की आरजेडी से दूरी बना लेनी चाहिए.
#JharkhandRajyasabha चुनाव के बाद अनायास ही यह याद आ गया.
कैंसर पीड़ित बच्चा, ग़रीब मां-बाप इलाज के लिये भोपाल एम्स लाए ...
यक़ीन करेंगे AIIMS में नर्सों ने फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया जिसका इस्तेमाल बायोप्सी सैंपल और लाश के संरक्षण में होता है ... बच्चे की मौत हो गई!
India should have demanded – and received – an unconditional apology for the killing of three young Indian sailors in an American military strike.
Instead, Secretary Rubio reportedly chose to issue a warning, declaring that failure to comply with the orders of the U.S. military “will not be tolerated.” That is the language of command, not contrition.
There was no acknowledgement of the lives lost, no acceptance of responsibility, and no apology.
What makes the episode even more embarrassing was New Delhi’s response. Rather than calling the strike what it was, the External Affairs Minister merely observed that lethal actions against commercial shipping are “not justified.”
“Not justified”? That is the phrase you use for an overpriced airport sandwich, not for a military strike that kills civilians.
The appropriate words for America's actions are: illegal, reckless, and unacceptable. Instead, we got the kind of carefully sterilised euphemism that manages to offend no one – except the families of the dead.
ये युग कवि हैं,बशीर साहब पर लिखा है पहले पन्ने पर छपा है ... "बशीर साहब कुछ अप्रिय परिस्थितियों के कारण मेरठ से भोपाल आकर बसे", साहब दंगे थे,साफ लिखिए.. जिसमें उनका घर जला दिया गया था तभी उन्होंने लिखा था
"लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में.."
U.P, Meerut:
Old man Ahsaan was arrested after he called Yogi and Modi a GOON.
This is what Freedom of Speech looks like in India.
and people got triggered when a Norwegian Journalist said "There are no Human Rights in India" !!
इन्हीं आंकड़ों का बैनर बनाकर इस बार मऊ की किसी सीट से चुनाव लड़ जाइए. कब तक विधानपरिषद से बैकडोर एंट्री लेकर मंत्री बनिएगा.
जनता भी तपाए बैठी है.
@aksharmaBharat@RajeevRai
आज कल समाजवादी पार्टी के माननीय मुखिया को यूपी की बिजली व्यवस्था बहुत कमज़ोर दिख रही है। उनसे कहना चाहूँगा कि:
आईना जब भी उठाया करो,
पहले खुद देखो फिर दिखाया करो।
1. आपके सहित समाजवादी पार्टी के चार-चार शासनकाल के अंत में 2012-17 में यूपी की बिजली की औसत पीक डिमांड 13000 MW थी।
2. जबकि पिछले चार वर्षों का औसत है 30000 MW-यानी कि आपका अढ़ाई गुना।
3. आज यूपी चार वर्षों से देश में सबसे ज़्यादा पीक विद्युत आपूर्ति करने वाला प्रदेश बना है। जो पहले निचले पायदान पर होता था।
4. 2017 की अपेक्षा लगभग दो गुने से ज़्यादा उपभोक्ताओं को आज बिजली दी जा रही है। आपके समय के 1.80 करोड़ के सापेक्ष 3.70 उपभोक्ता हैं आज।
5. 1947 से 2017 के 70 वर्षों में आपके द्वारा छोड़े गए लगभग 1.70 लाख मजरों का विद्युतीकरण अब किया गया है।
6. ग्रामीण विद्युतीकरण और नगरीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम ने प्रदेश की छवि बदल दिया है।
7. 2017 में यूपी में तापीय बिजली का अपना ख़ुद का अधिकतम उत्पादन 5160 MW था जो 2022 में बढ़कर 5820 MW हुआ और आज 9120 MW है-यानी कि लगभग दोगुना।
8. अब हम इसे तीन गुना करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
9. हमारे प्रस्ताव पर मेजा में 3x800 MW की नई तापीय ऊर्जा परियोजना के लिए सरकार ने मंज़ूरी दिया है।
10. 2400 MW की इस क्षमता की लागत रूपया 38358 करोड़ होगी।
11. इसी प्रकार मिर्जापुर में 2x800 MW की नई तापीय ऊर्जा परियोजना के लिए भी सरकार ने मंज़ूरी दिया है।
12. उसी प्रकार सभी स्रोतों से 2017 में यूपी में 11803 MW विद्युत उपलब्ध थी जो 2022 में बढ़ाकर 15395 MW हुई और आज 2025 में यह 20038 MW है- यानी कि लगभग दो गुनी।
13. इसी प्रकार की ऐतिहासिक वृद्धि ट्रांसमिशन क्षेत्र में हुई है। 2017 में बड़े उपकेंद्रों की कुल क्षमता 39000 MVA थी जो 2022 में बढ़कर 1 lakh MVA हुई और आज 2025 में यह 2 लाख MVA है- यानी कि आपके समय की लगभग 6 गुनी।
14. डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता में भी अपार वृद्धि हुई है। उदाहरण के रूप में आपके समय के छोड़े हुए 1.59 लाख किमी जर्जर तार पिछले चार वर्ष में बदले गए हैं।
15. आपके समय से लटकते-टूटते 30 लाख खंभों को नए खंभों से तीन साल में ही बदला गया है।
16. 2017 के पहले कुछ चुनिंदा जिलों और गांवों में बिजली आती थी।
17. आज हर गांव, हर नगर, हर जिले, हर दुकान, हर प्रतिष्ठान और सब जगह पर 18 से 24 चौबीस घंटे बिजली दी जा रही है।
18. स्थानिक परिस्थितियों के कारण कहीं और कभी आने वाले व्यवधान को दूर करते हुए सभी विद्युत कर्मी जनसेवा में निरंतर लगे हैं।
19. भीषण गर्मी के कारण अप्रत्याशित रूप से बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में लगे हुए हम सबका आप जैसे अनुभवी व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए।
रही बात बबूल की तो ये फैसला तो हो चुका है। वो तो आपने लगाए हैं। हम उन्हें समूल नष्ट कर रहे हैं।
एक और आइना साथ में अटैच है।
वो भी झूठ नहीं बोलेगा।
@narendramodi@myogiadityanath@AmitShah@NitinNabin@mppchaudhary@idharampalsingh
#NayeBharatKaNayaUP
#GoodGovernance
#HumaraUP #VikasExpress
यह तस्वीर रविवार की बताई जा रही है, जब देवेंद्र फडणवीस पुणे में एक कार्यक्रम में गए हुए थे.. देवा भाऊ के बाइक पर चलने की तस्वीर को मीडिया ने दिन रात चलाया, क्या वो यह वाली तस्वीर भी चलाएंगे? इस देश में अब इवेंट और PR ही सबकुछ है.. धीरे धीरे नरेंद्र मोदी वाला गुजरात मॉडल महाराष्ट्र पहुंच गया है!!
Video Credit: Mohasin Shaikh Facebook
I have written to the Prime Minister recording my dissent from the CBI Director selection process.
I cannot abdicate my constitutional duty by participating in a biased exercise.
The Leader of Opposition is not a rubber stamp.
अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित।
चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में अधिकांश जगह किया गया था, जिसकी साक्षात गवाह कन्नौज की विधानसभाएं थीं। फिर इसी निंदनीय मॉडल को फ़र्रुख़ाबाद के 2024 लोकसभा चुनाव में दोहराया गया था।
सब जानते हैं क्या हुआ है और सच क्या है और जनमत की खुली लूट कैसे हुई है।
घोर, घोर, घोर निंदनीय!!!
#BREAKING Calcutta High Court STAYS list of ‘troublemakers’ issued by ECI.
It had been argued that the ECI could not issue a list of people to be preventively detained in the absence of any cognisable offence, or law. It was further stated that the ECI’s list was ‘stigmatic’ and took away people’s right to vote.
#WestBengalLegislativeAssemblyelection2026